वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर भेजा गया

0
52

गाजियाबाद। गाजियाबाद की एक अदालत ने रंगदारी वसूलने के मामले में आज तड़के गिरफ्तार वरिष्ठ पत्रकार (Journalist) विनोद वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ पुलिस को सौंप दिया। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से श्री वर्मा को गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के इंदिरापुरम स्थित आवास से सुबह में गिरफ्तार किया। पुलिस ने श्री वर्मा को यहां सीजेएम की अदालत में पेश किया।

रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) प्रदीप गुप्ता ने मीडिया से चर्चा में बताया कि श्री वर्मा के घर से गजियाबाद की एक दुकान में बनाई गई एक हजार सीडी में से पांच सौ सीडी बरामद की गई हैं। उन्होंने बताया कि पत्रकार के साथ दुकान मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है, उससे पूछताछ की जा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस की उत्तर प्रदेश में जांच पूरी होने के बाद श्री वर्मा को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया जाएगा।
श्री गुप्ता ने पुलिस द्वारा तड़के कार्रवाई करने और पत्रकार को गिरफ्तार करने को उचित ठहराया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस की एक टीम चेन स्नेचिंग के मामले में दिल्ली में थी। छत्तीसगढ़ भाजपा आईटी सेल के एक सदस्य प्रकाश बजाज की यहां पंडरी थाने में लिखित शिकायत के बाद उसी टीम ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस की सहायता से यह कार्रवाई की। श्री बजाज ने शिकायत में कहा है कि उन्हें फोन कॉल करके एक सेक्स सीडी के माध्यम से उनके नेता का पर्दाफाश करने की धमकी दी जा रही है।
आईजी ने सीडी की विषय वस्तु का खुलासा किए बिना इसे आईटी एक्ट का उल्लंघन बताया। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन नंबर से सुराग मिलने के बाद पुलिस ने दुकान पर छापा मारा और पांच सौ सीडी मिलने के बाद पत्रकार को गिरफ्तार किया। इधर, भोपाल में मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता अजय सिंह ने पत्रकार श्री वर्मा की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे प्रेस की आजादी पर हमला बताया है।
श्री सिंह ने यहां जारी बयान में कहा कि भाजपा की सरकारें अपनी असफलताओं और गलत कार्यों का पर्दाफाश होने पर उसे उजागर करने वाले के खिलाफ कार्रवाई करने लगती हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से तत्काल श्री वर्मा के खिलाफ फर्जी शिकायत का प्रकरण वापस लेने की मांग की है।
पत्रकार की गिरफ्तारी प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला: कांग्रेस
कांग्रेस ने पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा करते हुए इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने यहां पार्टी मुख्यालय में एक विशेष प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि श्री वर्मा छत्तीसगढ़ सरकार के एक मंत्री राजेश मूणत के सेक्स कांड के बारे में जानकारी हासिल करने लगे थे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने उन्हें कल रात इंदिरापुरम गाजियाबाद से गिरफ्तार कर लिया। सरकार ने इस तरह से प्रेस की स्वतंत्रता का हनन किया है। उन्होंने कहा कि श्री वर्मा संपादक स्तर के पत्रकार हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक हैं। श्री माकन ने कहा कि श्री वर्मा की गिरफ्तारी अकेली घटना नहीं है बल्कि यह एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा हैं। यह मीडिया का अपमान है और श्री वर्मा को तुरंत रिहा कर पूरे मामले की न्यायिक जांच की करायी जानी चाहिए।

सेक्स सीडी मामले में छत्तरीसगढ़ भाजपा ने मंत्री का बचाव किया
छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सेक्स सीडी के मामले में लोक निर्माण एवं आवास मंत्री राजेश मूणत का बचाव किया है। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा उत्तर प्रदेश के गजियाबाद में आज तड़के वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया है। श्री मूणत ने आज यहां पत्रकार वार्ता में कहा कि वे निर्दोष हैं। जिस सीडी में उन्हें बताया जा रहा है, वह फर्जी है। यह उनकी छवि को खराब करने की साजिश है। उन्होंने सच्चाई सामने लाने के लिए मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग भी की।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, पंचायत मंत्री अजय अग्रवाल, कृषि मंत्री बृजमोहन अग्रवाल सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पत्रकार वार्ता में मौजूद थे। सभी ने इसे एक साजिश बताते हुए बीबीसी के पूर्व पत्रकार श्री वर्मा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। श्री वर्मा को उनके गाजियाबाद स्थित घर से पांच सौ सीडी और अन्य दस्तावेज मिलने के बाद ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के मामले में पकड़ा गया है।
इधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने पत्रकार श्री वर्मा की गिरफ्तारी की आलोचना की है। उन्होंने इसे प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। श्री बघेल ने मंत्री की सेक्स सीडी की गहराई से जांच कराने की मांग की।

गाजियाबाद में वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा, धमकी के आरोप में गिरफ्तार

गाजियाबाद। वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा को छत्तीसगढ के एक नेता को कथित रुप से धमकी देने और रंगदारी के आरोप में आज तड़के गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से छत्तीसगढ से आयी टीम ने पत्रकार को गिरफ्तार किया। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि इस गिरफ्तारी में उसका कोई हाथ नहीं है। और उनको गाजियाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया है।
गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने श्री वर्मा की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आज तड़के करीब तीन बजे छत्तीसगढ़ पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस के साथ मिलकर वैभव खंड स्थित उनके निवास पर छापा मारा। पुलिस ने उनके आवास से करीब दो लाख रुपए की नकदी, सीडी और अन्य समान बरामद की है। श्री वर्मा पर छत्तीसगढ के एक नेता को कथित रुप से धमकाने का आरोप है। उन्हें दोपहर में स्थानीय अदालत में ट्रांजिट रिमांड के लिए पेश किये जाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि श्री वर्मा ने बीबीसी, अमर उजाला डिजिटल विभाग व अन्य कई संस्थानों में कार्य कर चुके हैं। दूसरी ओर, श्री वर्मा की गिरफ्तारी को प्रेस की आजादी पर हमला बताते हुए पत्रकार संगठनों और विपक्षी दलों ने निंदा की है।
पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने विनोद वर्मा की गिरफ्तारी की निंदा की। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है, कांग्रेस पत्रकारों की लड़ाई में पूरी तरह साथ है। उन्होंने अपनी बात में यह भी रखा कि किसी के पास सीडी मिलना अपराध नहीं है।विनोद इन दिनों छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के सोशल मीडिया प्रभारी हैं।
दरअसल विनोद वर्मा की यह गिरफ्तारी एक मंत्री की सीडी जो कि रायुपर में बरामद की गई हैं, उसी से सम्बंधित बताई जा रही है। गिरफ्तारी के बाद  विनोद वर्मा से इंदिरापुरम थाने में ले जाकर पूछताछ की जा रही है। वहीं, पुलिस ने विनोद वर्मा के घर से 500 सीडी भी बरामद की हैं। विनोद वर्मा के खिलाफ पुलिस ने धारा 384 (रंगदारी वसूलने) और धारा 506 (जान से मारने की धमकी) के आधार पर केस दर्ज है।

5/5 (1)

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here