राजस्थान: विधानसभा में विशेष पिछड़ा वर्ग विधेयक, 2017 पारित

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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में आज विशेष पिछड़ा वर्ग (OBC) को राज्य की शैक्षिक संस्थाओं में सीटों, राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्तियों एवं पदों पर आरक्षण देने हेतु राजस्थान विशेष पिछड़ा वर्ग विधेयक, 2017 ध्वनिमत से पारित कर दिया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक सामाजिक न्याय के सिद्धांत के आधार पर लाया गया है। आरक्षण के संबंध में विभिन्न न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्णय की पूरी समीक्षा तथा अध्ययन, उच्च स्तरीय समिति एवं पिछड़ा वर्ग आयोग के द्वारा की गई है, तथा उसके विस्तृत अध्ययन के बाद ही यह विधेयक लाया गया है। उन्होंने कहा कि आरक्षण पर गठित विभिन्न आयोगों द्वारा 5 जातियों को घुमन्तू तथा अर्धघुमन्तू माना गया है, जिन्हें आरक्षण प्रदान कर शैक्षिक तथा सामाजिक न्याय दिया जाना आवश्यक है। श्री चतुर्वेदी ने आश्वस्त किया कि यह विधेयक आज की परिस्थितियों के अनुसार है तथा विशेष पिछड़ा वर्गाें के हितों का संरक्षण करता है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से भिन्न अन्य पिछड़ा वर्गाें को प्रवेश और नियुक्तियों में आरक्षण सर्वप्रथम वर्ष 1994 में दिया गया था। उस समय 52 जातियां पिछड़ा वर्गों के रूप में सूचीबद्ध थीं जबकि वर्तमान में इस सूची में 91 जातियां सम्मिलित हैं और वे राज्य की कुल जनसंख्या के लगभग 52 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने राजस्थान में पिछड़ा वर्गों की जनसंख्या 52 प्रतिशत के आसपास होने का अनुमान लगाया है, इसलिए जनसंख्या को देखते हुए पिछड़े वर्गाें के आरक्षण के प्रतिशत को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है।

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