आर्थिक तंगी से जेट एयरवेज का परिचालन बंद, नहीं मिली 400 करोड़ की इमरजेंसी फंडिंग

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Jet Airways Crisis

राज एक्‍सप्रेस, नई दिल्ली। आर्थिक तंगी की वजह से जेट एयरवेज (Jet Airways Crisis) ने अस्थायी रूप से परिचालन बंद करने की घोषणा कर दी है। बैंकों द्वारा 400 करोड़ रुपए का इमरजेंसी फंड देने से इंकार के बाद कंपनी ने कहा कि, सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जा रहा है।

आखिरी फ्लाइट बुधवार रात को उड़ी

कंपनी के पास ईंधन और अन्य खर्चों के लिए धन की कमी है, आखिरी फ्लाइट बुधवार रात को उड़ी हैं। कंपनी ने जल्द ही फिर यात्रियों की सेवा कर पाने की उम्मीद जताई है। 4 साल से नकदी संकट से जूझ रही विमानन कंपनी ने कर्जदाताओं से 400 करोड़ रुपए इमरजेंसी फंड की मांग की थी, लेकिन एसबीआई की अगुआई वाले कर्जदाताओं के समूह ने कंपनी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

जेट एयरवेज ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना

कर्मचारियों को सैलरी और पट्टे के विमानों का किराया न चुका पाने के कारण उसकी उड़ानों की संख्या पहले ही बहुत सीमित रह गई थी। अब कंपनी के पास शटरडाउन के अलावा कोई विकल्प नहीं बच गया था। जेट एयरवेज ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कहा है, हम अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों को तुरंत प्रभाव से निरस्त करने के लिए मजबूर हैं।

  • जेट एयरवेज ने बैंकों से इमरजेंसी फंड के रूप में 400 करोड़ रुपए की मांग की थी।
  • 25 साल पुरानी कंपनी पर 8000 करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज हो चुका है।
  • अभी जेट के महज 5 ही विमान उड़ रहे थे, बैंकों के इंंकार के बाद ये भी जमीन पकड़ेंगे।
एयरलाइन परिचालन को जारी रखने में सक्षम नहीं 

कर्जदाताओं और अन्य किसी भी स्रोत से इमरजेंसी फंड नहीं मिलने से ईंधन और दूसरी अहम सेवाओं का भुगतान नहीं कर पाने की वजह से एयरलाइन अपने परिचालन को जारी रखने में सक्षम नहीं हो पाएगी। भारतीय स्टेट बैंक ने बैंकों के ऋणदाता समूह की ओर से कल देर रात जेट एयरवेज को सूचित कर दिया था कि, वह एयरलाइन की अंतरिम कोष उपलब्ध कराने के आग्रह पर विचार करने में असमर्थ हैं।

एयरलाइन कंपनी पर 8000 करोड़ से अधिक का कर्ज 

एयरलाइन ने अपने वक्तव्य में यह जानकारी दी है। मंगलवार को हुई बैठक में कंपनी के बोर्ड ने सीईओ विनय दुबे को आखिरी फैसला लेने के लिए अधिकृत किया था। भारी कर्ज में फंस चुकी कंपनी के 5 ही विमान इस समय संचालन में रह गए थे। 25 साल पुरानी एयरलाइन कंपनी पर 8000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है।

अंतरराष्ट्रीय उड़ानें पहले ही स्थगित

जेट एयरवेज पहले ही अपने अंतरराष्ट्रीय परिचालन को 18 अप्रैल तक स्थगित करने की घोषणा कर चुकी है। जेट एयरवेज ने मंगलवार को कहा है कि, उसे एसबीआई की अगुवाई वाले बैंकों के गठजोड़ से इमरजेंसी कैश सपॉर्ट का इंतजार है, जिससे वह अपनी सेवाओं में आ रही गिरावट को रोक सके। बंबई शेयर बाजार को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा था कि, वह अपने निदेशक मंडल के साथ विचार विमर्श कर रही है। उसकी आपात नकदी के सहयोग के लिए ऋणदाताओं के साथ बातचीत चल रही है।

जेट एयरवेज का पूरा सफर-
  • 1993: दो विमानों, बोइंग 737 और बोइंग 300 के साथ जेट एयरवेज की लॉन्चिंग।
  • 2002: जेट ने घरेलू एयरलाइंस मार्केट में इंडियन एयरलाइंस को पीछे छोड़ा।
  • 2005: मार्च में जेट की शेयर बाजार में लिस्टिंग और कंपनी के 20 शेयर बेचे। 1100 रुपये का शेयर 1,155 रुपये में लिस्ट हुए, जिनसे गोयल को 8,000 करोड़ रुपये मिले।
  • 2006: जनवरी में एयर सहारा को करीब 2,250 करोड़ रुपये में खरीदा। जेट को 27 विमान मिले जिनके दम पर उसे 12 मार्केट शेयर प्राप्त हुआ। कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भरनी शुरू कर दी।
  • 2007: 16 अप्रैल को एयर सहारा का नाम बदलकर जेटलाइट कर दिया गया, इन्हें सस्ते टिकट पर फुल सर्विस एयरलाइन के तौर पर चलाया जाने लगा।
  • 2008: अक्टूबर महीने में जेट ने अपने 13 हजार कर्मचारियों में से 1,900 की छंटनी कर दी। बाद में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के हस्तक्षेप पर इन्हें दोबारा नौकरी पर रखा गया।
  • 2012: जुलाई महीने में जेट डोमेस्टिक मार्केट शेयर के मामले में इंडिगो से पिछड़ गई।
  • 2013: नवंबर में यूएई के एतिहाद एयरलाइंस ने जेट का 24% शेयर खरीद लिया, गोयल के पास 51% हिस्सेदारी रही।
  • 2018: 12 नवंबर को जेट को तीसरी बार तिमाही नुकसान हुआ।
  • 22 नवंबर को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर रंजन मथाई ने इस्तीफा दे दिया।
  • दिसंबर में जेट ने अपने पायलटों को अप्रैल तक उनकी बकाया सैलरी चुकाने का आश्वासन दिया।
  • 2019: जनवरी में जेट ने बैंकों की EMI नहीं भरी, कंपनी की रेटिंग गिरी।
  • 14 फरवरी को जेट के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फंडिंग पाते रहने के लिए बैंकों को सबसे बड़ा शेयर धारक बनाने का फैसला किया।
  • 15 फरवरी को जेट ने शेयरधारकों से 84 करोड डॉलर (करीब 5,880 करोड़ रुपये) का बेलआउट पैकेज मांगा।
  • 21 फरवरी को शेयर होल्डर्स ने कर्ज को इक्वटी में तब्दील करने की अनुमति दी।
  • 19 मार्च को गोयल ने एतिहाद से प्रमोटर कन्ट्रिब्यूशन के रूप में 750 करोड़ रुपये मांगे। एतिहाद ने कहा कि, अगर उसे प्रति शेयर 150 रुपये मिल जाए तो वह जेट के अपने सारे शेयर बेच देगी।
  • 25 मार्च को गोयल को जेट एयरवेज के बोर्ड से इस्तीफा देना पड़ा।

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