पाकिस्तान के ब्‍लॉगर ने बताया, भारतीय खुफिया एजेंसी RAW के साथ संबंधों के शक में हुआ मेरा अपहरण

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इस्‍लामाबाद। पाकिस्‍तानी ब्‍लॉगर आसिम सईद ने अपने साथ हुए अत्याचार की पूरी कहानी बताई है। आसिम ने बताया है कि उन्हे यह लगने लगा था कि वह कभी वापिस घर लौट कर नहीं आ पाएंगे। दरअसल आसिम पाकिस्‍तान के उदारवादी विचारों के सोशल मीडिया कार्यकर्ता माने जाते हैं। उनका इस वर्ष की शुरुआत में अपहरण कर लिया गया था। कुछ हफ्ते बाद जब वह रिहा हुए तो उन्होंने बताया है कि अपहरणकर्ताओं ने उससे भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एवं एनेलिसिस विंग के साथ संबंधों के बारे में पूछा था।आसिम ने अपनी जान का खतरा बताते हुए ब्रिटेन में पनाह मांगी है। वह फेसबुक पर एक पेज चलाते हैं जिसका नाम मोची है। इस पेज को पाकिस्तानी सेना का आलोचक माना जाता है जिसके अनुसार पाकिस्तानी सेना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर देश में शासन कर रही है। आसिम के मुताबिक कुछ सादे कपड़े में आए लोगों ने उन्हें जबरदस्ती कार में बिठा लिया था और फिर उनके साथ मारपीट की। उनसे पूछा गया कि क्या वो रॉ से जुड़े हैं, क्या रॉ ने उन्हें धन मुहैया कराया है? उनसे यह भी पूछा गया कि वह पाकिस्तानी सेना का आलोचक क्यों है।
आसिम ने बताया है कि एक आदमी ने उससे पूछा कि मालूम है तुमको क्‍यों पकड़ा गया, जब मैंने कहा कि मुझे नहीं पता तो उसने मुझे एक थप्‍पड़ मारा। अपहरणकर्ताओं ने आसिम से उनसे सोशल मीडिया, ईमेल और फोन से जुड़े पासवर्ड मांगे। हालांकि पूछताछ के कुछ समय बाद आसिम को छोड़ दिया गया। जब वह घर पहुंचा तो मालूम हुआ कि उसके ऊपर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया है। पाकिस्‍तान में इस तरह के कार्यकर्ताओं पर ईशनिंदा के आरोप लगाए जाना आम बात है। रिहाई के बाद वह सिंगापुर वापस लौटा और वहां से ब्रिटेन चला गया। वहां उसने शरणार्थी के रूप में आवेदन करने का फैसला किया है। दरअसल उसका कहना है कि सिंगापुर में उसकी नौकरी की शर्तों के मुताबिक वह तब तक ही उस देश में रह सकता है, जब तक वहां उसकी नौकरी है। ऐसे में उसको आशंका है कि जब भी कभी उसको नौकरी से हाथ धोना पड़ा तो वापस पाकिस्‍तान लौटना होगा। वहां उसको अपनी जान का खतरा महसूस होता है।

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