सोमवती अमावस्या: पितृदोष हो या शनि सब दूर करने का महासंयोग, करे ये सरल उपाय

0
100

सोमवती अमावस्या (Somavati Amavasya) पर सर्वार्थ सिद्धी महायोग एक साथ होने का संयोग लगभग 231 साल के बाद आया है। सोमवार को पितृ दोष से लेकर शनि पीड़ा और चंद्रपीड़ा से भी छुटकारा पाया जा सकता है। सोमवार को छोटे-छोटे उपाय कर जीवन में आने वाली समस्त कष्टों से छुटकारा मिल सकता हैं। जो लोग शनिपीड़ा, पितृ दोष, चंद्र पीड़ा, कर्ज-बीमारी से परेशान है। घर में अशांति रहती है। काम नहीं बनते यदि सोमवती अमावस्या को ये छोटे-छोटे उपाय कर लें तो उन्हें काफी राहत मिल सकती है। राशियों के अनुसार सोमवती अमावस्या पर किए गए उपाय से जीवन में काफी कष्टों का छुटकारा मिल सकता है।

सभी कर सकते हैं ये उपाय
अमावस्या को कोई नया काम करने में लोग संकोच करते हैं लेकिन जब सोमवार को ये तिथि आती है तो बेहद पवित्र दिन हो जाता है। सोमवार को अमावस्या के साथ ही सर्वार्थ सिद्धी का महायोग आने से ये दिन विशेष महत्व वाला हो गया है। इस दिन कष्ट निवारण के लिए कुछ ऐसे उपाय भी हैं जो किसी भी राशि के जातक कर शिव-विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इनमें से कोई भी एक उपाय पूरी श्रृद्धा के साथ कर लिया जाए तो ईश्वर की कृपा से आपके सारे कष्ट दूर हो सकते हैं।

जीवन होगा खुशहाल
सोमवती अमावस्या को किया दान अक्षय होता है, इसका फल भी कई गुना मिलता है। ब्राह्मण को भोजन और वस्त्र दान देना, गाय को हरा चारा खिलाना, कौओं को भोजन करवाना, तालाब में मछलियों को खाने योग्य वस्तु डालना, उगते सूर्य को जल अर्पित कर गायत्री मंत्र का पाठ करना, भूखे जीव को भोजन करवाना, शिवलिंग का कच्चे दूध से अभिषेक करवाना, चांदी के बने नाग-नागिन मंदिर में दान करना या बहते पानी में डालना, शाम को पीपल और बरगद की पूजा-अर्चना करना विशेष फलदायी माना जाता है।

ये हैं उपाय

  • पीपल के पेड़ की श्रृद्धापूर्वक पूजा कर वहां तिल्ली के तेल का दीपक लगाए। ओम नमो भगवते वासुदेवाय: का एक माला जाप कर लें।
  • पितृदोष निवारण के लिए किसी भी पवित्र स्थान पर पीपल का पौधा लगाएं।
  • पवित्र नदीं में जाकर स्नान करें, गोदान, स्वर्णदान का भी विशेष महत्व है।
  • तुलसी माता का पूजन करने एवं ब्राह्मण को दान करने से शिव-पार्वती की कृपा मिलती है।
  • शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढाने और कच्चे दूध से अभिषेक करने के बाद ओम नम: शिवाय: का एक माला जाप करें।
  • ऊगते सूर्य को जल चढाकर यदि एक माला गायत्री मंत्र का जाप कर लें तो भी समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है।
  • तुलसी की पूजा-अर्चना के बाद 108 परिक्रमा करना विशेष फलदायी रहता है।
  • सारे कष्ट निवारण के लिए पीपल और तुलसी पूजन का विशेष महत्व है। सोमवती अमावस्या को ये पूजन करने से सारे कष्ट दूर होते हैं।
  • पितरों की कृपा के बिना कोई भी काम निर्विघ्न संपन्न नहीं होते कहते हैं जिन पर पितरों की कृपा होती है उनके सारे काम आसानी से हो जाते हैं।
  • इस दिन पितरों की कृपा प्राप्त करने के लिए दक्षिण दिशा में पितरों का फोटो लगाकर, गाय के गोबर से बने कंडे पर खीर का भोग लगाकर अपने पितरों को याद करें, उनसे कृपा बनाने की प्रार्थना करें, इस उपाय से पितृदोष समाप्त होते हैं।
5/5 (1)

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enter Captcha Here : *

Reload Image