प्रबोधिनी एकादशी से पंचतीर्थ स्नान का शुभारंभ

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अजमेर। राजस्थान में अजमेर जिले के पुष्कर में चल रहे मेले के दौरान कल प्रबोधिनी एकादशी से पंचतीर्थ स्नान का शुभारंभ होगा। वेद-पुराणों के अनुसार तीर्थगुरुओं के गुरु ‘तीर्थगुरु पुष्कर’ में कार्तिक पूर्णिमा चार नवंबर तक पवित्र पुष्कर सरोवर में 33 करोड़ देवी देवताओं का वास रहेगा। मान्यता है कि इस दौरान सरोवर में स्नान करने से भाग्योदय का उदय होता है तथा पुण्य की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि देव उठनी ग्यारस से मांगलिक कार्य भी प्रारंभ हो जाएंगे। इस मंगलकारी कायरें के लिए शुद्धि के निमित बड़ी जनसंख्या में श्रद्धालु तीर्थ सरोवर में सुबह से ही स्नान कर पुण्यलाभ कमाएंगे। स्नान का यह सिलसिला दिनभर चलेगा और श्रद्धालु स्नान के साथ साथ जगतपिता ब्रमा जी के दर्शन कर खुशहाली की कामना करेंगे।
प्रात: 9:30 बजे पुष्कर गुरुद्वारे से एक आध्यात्मिक पदयात्र कस्बे के विभिन्न मार्गों से होती हुई पुष्कर मेला मैदान पहुंचेगी जिसमें शामिल संत, महात्माओं की पुष्कर मेला समिति की ओर से अगवानी व सम्मान किया जाएगा। इसके अलावा ग्यारह बजे शिल्पग्राम बाजार, एक बजे अंतरपंचायत समिति ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता, पांच बजे गीर व संकर पशु प्रदर्शनी व विकास प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया जाएगा।
धार्मिक पंचतीर्थ स्नान को देखते हुए नगर पालिका पुष्कर ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है। सरोवर के सभी बावन घाटों एवं कुंडों पर सफाई व सुरक्षा के माकूल प्रबंध किए गए है। आज मेला मैदान पर कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन रखा गया जिसमें ग्रामीणों एवं विदेशी पर्यटकों ने अपने दमखम दिखाए तथा जमकर लुत्फ उठाया। पुष्कर मेले में साकार हो रही राजस्थानी संस्कृति के साथ साथ पंचायत समिति की ओर से रात वॉयस ऑफ पुष्कर म्यूजिकल कंसर्ट आयोजित किया जाएगा।
रायका समाज के धर्मगुरु महंत रघुनाथ दास ने प्रशासन से मेले के दौरान ऊंट पालकों को विशेष पैकेज देने की मांग करते हुए कहा कि सरकार ने ऊंट को राज्य पशु घोषित किया है। बावजूद इसके सरकार व प्रशासन ऊंटों के संरक्षण को लेकर गंभीर नहीं है। मेले के दौरान ऊंटों के लिए किसी तरह की कोई सुविधा नहीं दी जा रही जिससे रेवारी समाज में रोष व्याप्त है।

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