अजमेर। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पुष्कर मेला का आज झंडारोहण के साथ विधिवत रूप से शुभारंभ हुआ। गोपाष्टमी के दिन हुए संसदीय सचिव व स्थानीय विधायक सुरेश सिंह रावत ने झण्डारोहण किया। पंडित कैलाश नारायण दाधीच ने ध्वजारोहण पूरे वैदिक मंत्रोच्चार तथा जगतपिता ब्रह्मा के जयघोश के साथ कराया। ध्वजारोहण के साथ ही मेला मैदान पर अलग ही पारंपरिक छठा नजर आई जब नगाड़ो और शंखवादन के साथ देशी विदेशी मेहमानों ने मेले के शुभारंभ पर अपनी खुशियां बिखेरी। इसी के साथ पुष्कर पशु मेला भी परवान पर चढ़ गया।
मेला मैदान पर पशुओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं व कार्यक्रम का दौर शुरू हुआ साथ ही स्कूली छात्राओं द्वारा समूह नृत्य व मांडना प्रतियोगिता का भी आयोजन रखा गया जिसमें पुष्कर की बालिकाओं ने शानदार प्रस्तुतियां देकर उपस्थित जनसमूह की दाद बटोरी। आज हुए देशी विदेशी खिलाड़ियों के मध्य फुटबॉल मैच में करीब छह साल बाद देशी टीम ने विदेशी टीम को 4-2 से हराकर अपना वजूद दिखाया। मेला मैदान पर रंगारंग कार्यक्रम और विदेशी पर्यटकों द्वारा कैमल सफारी का भी आनंद लिया गया।
आज के समारोह में अजमेर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष शिवशंकर हेडा, जिला कलेक्टर गौरव गोयल, जिला प्रमुख वंदना नोगिया, नगर पालिका अध्यक्ष कमल पाठक के अलावा अनेक प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी , संत-महंत व पुष्कर के नागरिक उपस्थित रहे।
मेला मैदान पर राजस्थानी संस्कृति की रंग बिरंगी पोशाकें सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रही। नगर पालिका की ओर से आज सायं 5 बजे पवित्र पुष्कर सरोवर के सभी 52 घाटों पर करीब बीस हजार दीपकों से दीपदान का आयोजन, स्कूली छात्राओं के माध्यम से घाटों पर रंगोली तथा गोधूली मेला में महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी होगा।
पुष्कर मेला अब पूरी तरह परवान चढ़ने लगा है। 31अक्टूबर एकादशी को पंचतीर्थ स्नान का धार्मिक सिलसिला शुरू होगा जो आगे 4 नवंबर कार्तिक पूर्णिमा के साथ संपन्न होगा। पुष्कर मेले को देखते हुए राजस्थानी संस्कृति के शिल्पग्राम हेंडीक्राफ्ट बाजार का भी उद्घाटन किया जाएगा। मेले में अब तक कोई 4000 पशुओं की आवक हो चुकी है जिनमे सर्वाधिक 3687 ऊंटवंश, 107 गौवंश, 36 भैंसवंश तथा 15 बकरा बकरी शामिल है। श्री तीर्थगुरु पुष्कर पुरोहित संघ ट्रस्ट के संयोजक श्रवण पाराशर के अनुसार आज सरोवर के मुख्य ब्रह्म घाट
पर अन्नकूट की झांकी सजाई जाएगी और एक हजार किलो की भोज्य सामग्री का ‘ कदम्ब भोग ‘ बनाकर वितरित किया जाएगा। इस महाअन्नकूट के साथ ही पुष्कर में जारी अन्नकूट महोत्सवों का समापन हो जाएगा। इधर पुष्कर में घोड़ों पर प्रतिबंध के चलते अश्वपालकों का विरोध जारी है और आज भी वे सरकार से अश्ववंश पर लगी रोक हटाने की मांग कर रहे है।
पुष्कर मेले के आगाज के दौरान प्रसिद्ध नगाड़ा वादक नाथूराम सोलंकी के बैंड ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। सोलंकी की टीम ने नगाड़ा के अलावा शहनाई और अन्य वाद्ययंत्रो के माध्यम से सभी मेलार्थियों को अपनी ओर आकर्षित किया। नगाड़ा और शहनाई के साथ विदेशी महिलाओं ने रिंग नृत्य और करतब दिखाकर सभी की तालियां बटौरी। साथ ही पुष्कर विधायक सुरेश रावत ने पुष्कर मेले की शुभकामनाए देते हुए इसके सफल आयोजन की कामना की।
राजस्थानी संस्कृति के रंग देख अभिभूत हुए विदेशी सैलानी
विश्वविख्यात पुष्कर मेले मे आयोजित होने वाली मेला अंतर पंचायत स्तरीय मांडना प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 8 पंचायत समिति की स्वयं सहायता एवं नवसाक्षर महिला कलाकारों ने दीवार पर राजस्थानी संस्कृति को बयां करती कलाकृतियां उकेरी। इससे मेला मैदान नखराले राजस्थान के रंग में पूरी तरह से रंगा हुआ नजर आया। ज़िला साक्षरता एव सतत शिक्षा अधिकारी कमलेश यादव ने बताया कि प्रतियोगिता में प्रथम मसूदा, द्वितीय पीसांगन और भिनाय, तृतीय केकड़ी और श्रीनगर विजय रहे।

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