आकाशगंगाओं के अंत की है ये शुरुआत : ब्लैक होल क्वांटम फिजिक्स – अंतिम भाग 6

0
26
Black Hole

ब्लैक होल ( Black Hole ) के भाग -5 में हम मेटर एवं एंटी मेटर से सम्बंधित रोचक जानकारी आपको बता रहे थे। Black hole अपने में ही अनंत है एवं अनंत ही यह रहस्य लिए बैठा है। मेटर और एंटी मेटर क्या होता है यह जानने के लिए आप आकाशगंगाओं के अंत की है ये शुरुआत : ब्लैक होल क्वांटम फिजिक्स – भाग 5 पढ़ सकते है।

आपने जाना कि, मेटर और एंटी मेटर क्या होते है ? अब आप से हम कहे, क्या हो अगर यह मेटर और एंटी मेटर का जोड़ा, किसी Black hole के इवेंट होराइजन (Event horizon) के पास जा कर बने ?

आप सोच रहे होंगे, अगर ऐसा होता है कि, मेटर और एंटी मेटर का जोड़ ब्लैक होल के इवेंट होराइजन के पास बनता है तो, यह वहां जा कर नष्ट हो जायेंगे। अर्थात यह आपस में मिल कर एक दूसरे को नष्ट कर देंगे। लेकिन अगर आप भी ऐसा सोच रहे है तो, यह पूरी तरह से गलत है। ब्लैक होल के आस-पास का वातावरण ब्रह्माण्ड की दूसरी जगहों के वातावरण से एक दम भिन्न है, अर्थात अलग है। आकाशगंगाओं के अंत की है ये शुरुआत : ब्लैक होल क्वांटम फिजिक्स – अंतिम भाग 6

ऐसा होता है कि, मेटर और एंटी मेटर का जोड़ा ब्लैक होल के इवेंट होराइजन के पास जायेगा तब Black hole में उपस्थित अपार गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational Force) मेटर एवं एंटी मेटर की ऋणात्मक ऊर्जा को खींच लेगा। साथ ही धनात्मक ऊर्जा बाहर चली जाएगी या इवेंट होराइजन के आस-पास घूमती एवं निकलती नज़र आएगी। जो ऊर्जा इवेंट होराइजन के बाहर निकलती है उसी ऊर्जा को हॉकिंग रेडिएशन कहते है। ऐसे ही Black hole हमेशा अपने अंदर से एक तरह का रेडिएशन निकालते रहता है।

आपके मन में अब यह प्रश्न उठ रहा होगा कि, क्या कारण है Black hole ऋणात्मक ऊर्जा को ही अपने अंदर खींचता है ? जबकि धनात्मक को नहीं खींचता क्यों और वर्चुअल पार्टिकल (Virtual Particle) के मेटर और एंटी मेटर आपस में टकराते है तो यहाँ क्यों नहीं टकराते

वैज्ञानिकों ने बहुत बार शोध किया और यह जानने की कोशिश की ऐसा क्यों होता है अतः कई शोध करने के बाद वैज्ञानिकों ने पाया, यदि कोई साधारण कर्ण (Normal Particles) अगर किसी मास ऊर्जा वाले पार्टिकल के पास जाता है तब साधारण पार्टिकल की ऊर्जा, मास ऊर्जा वाले पार्टिकल की तुलना में कम ही होगी। भले मैसिव बॉडी से बहुत दूर ही क्यों ना हो।

वैज्ञानिकों का कहना हैआकाशगंगाओं के अंत की है ये शुरुआत : ब्लैक होल क्वांटम फिजिक्स – अंतिम भाग 6

ऐसा इसलिए होता है क्योंकि Black hole के पास बहुत ज़्यादा गुरुत्वाकर्षण बल होता है। जिसके कारण अगर कोई ऋणात्मक पार्टिकल है तो, उसे उस क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए अलग से ऊर्जा देनी पड़ेगी। ताकि ऋणात्मक पार्टिकल स्वयं को उस क्षेत्र से बाहर निकाल सके। ऐसा इसलिए क्योंकि ऋणात्मक ऊर्जा वाले पार्टिकल के पास इतनी ऊर्जा शक्ति नहीं होती की वो ब्लैक होल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से स्वयं को निकाल सके।

जब इवेंट होराइजन के पास मेटर और एंटी मेटर का जोड़ बनता है तब मेटर वाला पार्टिकल बड़ी आसानी से खुद को उस क्षेत्र से बाहर निकाल लेता है लेकिन ऋणात्मक पार्टिकल के पास इतनी ऊर्जा क्षमता नहीं होती की वो ऐसा कर पाए। हम कह सकते है वर्चुअल पार्टिकल का ऋणात्मक वाला पार्टिकल Black hole में खींचा चला जाता है। जबकि धनात्मक वाला बड़ी आसानी से खुद को गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव से खुद को बाहर निकाल लेता है।

अब प्रश्न बनता है अगर वर्चुअल पार्टिकल आपस में मिल कर नष्ट हो जाते है तो, यह Black hole के इवेंट होराइजन के पास क्यों नष्ट नहीं हो पाते ?आकाशगंगाओं के अंत की है ये शुरुआत : Black hole क्वांटम फिजिक्स – अंतिम भाग 6

इसका उत्तर यह है साधारणतः ऐसा होता है कि, जब कोई धनात्मक ऊर्जा वाला पार्टिकल ब्लैक होल के आस-पास जाता है। तब ब्लैक होल के अधिक गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव की वजह से वो वर्चुअल पार्टिकल से बदल कर रियल पार्टिकल (Real Particles) बन जाता है और रियल पार्टिकल की वैल्यू ऋणात्मक होती है। इसका अर्थ यह होता है कि, यह वर्चुअल पार्टिकल नहीं रहा अब यह रियल पार्टिकल बन गया है जिसके कारण इसको वर्चुअल ऋणात्मक पार्टिकल से टकराने की कोई ज़रुरत नहीं है। यह वैज्ञानिकों कहना है। हम इसे दूसरे तरीके से देखे तो, यह धनात्मक पार्टिकल, रियल ऋणात्मक पार्टिकल बन जाता है तब इसे भी ब्लैक होल में जाना चाहिए। लेकिन ऐसा होता नहीं है। इसका कारण शायद इसके गुणों पर पड़ने वाला प्रभाव है यह अपना चार्ज ना बदल कर कुछ गुण बदल लेता है। जिसकी वजह से यह ऋणात्मक पार्टिकल से टकराता नहीं है।

कैसे प्रभाव डालते है वर्चुअल पार्टिकल इन Black hole पर –

ब्लैक होल आकर में जितना छोटा होगा, उतना ही कम समय लगेगा एक वर्चुअल पार्टिकल को रियल पार्टिकल में बदलने के लिये। जिसकी वजह से रेडिएशन एमिट (Radiation Emit) अधिक बढ़ेगा एवं इसका तापमान भी अधिक होगा।

“अगर हम अल्बर्ट आइंस्टीन के सिद्धांत की बात करे तो, आइंस्टीन ने कहा था ऊर्जा सदैव मास (द्रव्यमान) के अनुक्रमानुपाती (प्रोपोरशनल) होती है।”

इसका अर्थ होता है ऋणात्मक ऊर्जा अंदर जाती है तो, Black hole का मास भी घटता जाता है। यह थर्मोडाइनामिक के दूसरे सिद्धांत को वॉइलेट नहीं करता इसका कारण यह है, जितनी इसकी एन्ट्रोपी घटती है उतनी मात्रा में रेडिएशन एमिट की एन्ट्रोपी भी बढ़ती है। जिसके फल स्वरुप Black hole का मास अगर कम हो जाता है तो, उसका तापमान भी अधिक बढ़ जाता है। यह प्रक्रिया ऐसे ही चलती रहती है एक समय के बाद ब्लैक होल का मास ना के बराबर रह जाता है। फिर इसमें एक धमाका होता है। यह धमाका लगभग एक मिलियन हाइड्रोजन बम के बराबर होता है। आप इससे अंदाज़ा लगा सकते है कि, यह कितना भयानक होता होगा। ब्लैक होल में ब्लास्ट के बाद उसकी सारी ऊर्जा वापस ब्रह्माण्ड में लौट जाती है। यही पूरी प्रक्रिया हॉकिंग रेडिएशन कहलाती है।

हमने हमारे ब्लैक होल के सभी भागो में जाना की ब्लैक होल होता क्या है ? यह इतना ख़ास क्यों है ? इसकी क्या विशेषताएं है आदि। अभी वैज्ञानिक ब्लैक होल पर शोध कर रहे है एवं ब्लैक होल को और भी करीब जानने की कोशिश कर रहे है। उम्मीद है आपको हमारे ब्लैक होल के सभी भाग पसंद आये होंगे। हम आपको ऐसे ही विज्ञान के कुछ रोचक तथ्य विज्ञान के शोधो के बारे में बतलाते रहेंगे। 

 

No ratings yet.

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enter Captcha Here : *

Reload Image