रायपुर। छत्तीसगढ़ का सुआ नृत्य का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में रविवार को दर्ज हो गया। दुर्ग में करीब 13 हजार महिलाओं ने एक साथ दस मिनट तक सुआ नृत्य कर वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान बनाया। तरी हरी ना ना, ना ना मोर सुअना… पारंपरिक सुआ गीत पर आयोजक व भाजपा महामंत्री के साथ मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सदस्य भी थिरके। इस अद्भुत आयोजन के साक्षी लगभग 20 हजार लोग बने। लोक गायिका अलका चंद्राकर ने गोदना सांस्कृतिक मंच द्वारा आयोजित इस वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए इस सुआ गीत की शुुरुआत की और उनके साथ करीब 13 हजार महिलाएं नृत्य करने लगी। गीत, संगीत और नृत्य का ऐसा माहौल बना कि यहां मौजूद हजारों दर्शक भी थिरकने मजबूर हो गए। इस रिकॉर्ड में दुर्ग, पाटन और बेमेतरा जिले की महिलाएं और युवतियों ने भागीदारी दी। इस महोत्सव में मैदान पर जनता तो मंच पर नेता ताल पर ताल मिलाते दिखे। निर्धारित समय पर गीत, संगीत और नृत्य में आयोजक भाजपा नेत्री सरोज पांडेय के साथ पद्मश्री तीजनबाई, महिला बाल विकास मंत्री रमशीला साहू, महापौर चंद्रिका चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, जिलाभाजपा अध्यक्ष उषा टावरी और लोक गायिका रजनी रजक ने पूरे समय सुआ नृत्य किए। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व मंच पर आसीन जनप्रतिनिधियों ने भी नृत्य मुद्रा में आ गए।
रिकॉर्ड की घोषणा होते ही जश्न का माहौलः सुआ नृत्य के वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होने की घोषणा एशियन हेडिंग गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के प्रतिनिधि मनीष विश्नोई ने की तब स्टेडियम में जश्न का माहौल छा गया। फूल झरे मोती झरे … गीत पर सभी ने फिर नृत्य किए। आतिशबाजियां कर एक-दूसरे को लोग शुभकामनाएं देते रहे।
जानिए, क्या है सुआ नृत्य
सुआ नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य का एक प्रमुख पारंपरिक नृत्य है, जो समूह में किया जाता है। स्त्री मन की भावना, उनके सुख-दुख की अभिव्यक्ति और उनके अंगों का लावण्य ‘सुआ नृत्य’ या ‘सुअना’ में देखने को मिलता है। ‘सुआ नृत्य’ का आरंभ दीपावली के दिन से ही हो जाता है। इसके बाद यह नृत्य अगहन मास तक चलता है। महिलाएं धान से भरी टोकरी में मिट्टी का सुग्गा (तोता) रखती हैं। कहीं-कहीं पर एक तथा कहीं-कहीं पर दो रखे जाते हैं। ये भगवान शिव और पार्वती के प्रतीक होते हैं। इसके चारों ओर महिलाएं नृत्य करती हैं।
मंत्री को काले झंडे दिखाने से पहले युकांई गिरफ्तार
कथित अश्लील सीडी कांड को लेकर जिले के प्रभारी मंत्री राजेश मूणत को काले झंडे दिखाने की घोषणा करने वाले सात युकांइयों को पुलिस ने सुबह ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें घर से ही उठा लिया। शहर युवक कांगे्रस अध्यक्ष आकाश मजूमदार, एनएसयूआई के महामंत्री सोनू साहू, चंदन सिन्हा, संदीप वोरा और आयुष शर्मा को पुलिस ने धारा 151 के तहत जुर्म दर्ज किया। जब कार्यक्रम खत्म हुआ और मंत्री चले गए तब उन्हें मुचलके पर छोड़ा गया। विधायक वोरा ने उनकी जमानत ली।
दुर्ग स्टेडियम में होगी इंटरनेशनल सुविधा
दुर्ग का एकमात्र व सबसे पुराना स्टेडियम पं. रविशंकर शुक्ल स्टेडियम की दशा अब सुधरेगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस स्टेडियम को महामंत्री सरोज पांडेय के आशीष के रूप में देने की घोषणा की। जल्द ही इसकी दशा भी सुधरेगी। इसे राजनांदगांव इंटरनेशनल स्टेडियम की तरह विकसित किया जाएगा। 20 साल पहले दुर्ग स्टेडियम में देश के दिग्गज क्रिकेटर कपिलदेव, रविशास्त्री, अजहरूद्दीन, दिलीप वेंगसरकर जैसे खिलाड़ी क्रिकेट खेलने आए थे।
राज्य के साथ ही दुर्ग में पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
इस मौके पर भाजपा महामंत्री सरोज पांडेय ने कहा कि भारत के हर प्रदेश का अपना विशिष्ट नृत्य है। पंजाब में भांगड़ा, असाम में बिहू, गुजरात में गरबा इन राज्यों की सांस्कृतिक पहचान है। छत्तीसगढ़ का सुआ नृत्य भी अब राज्य की सांस्कृतिक पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि गोदना सांस्कृतिक मंच के संहयोग से आयोजित यह कार्यक्रम संस्कृति को बचाने के लिए किया गया एक बेहतर प्रयास साबित होगा। उनका मानना है कि इस तरह के आयोजनों से राज्य का नाम भी काफी ऊंचा होगा।
मुख्यमंत्री बोले, 15 हजार बहनों का आशीर्वाद मिला
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मैं यहां 15 हजार बहनों का आशीर्वाद लेकर जा रहा हूं, जो भविष्य में भी सुखी जीवन देगा। उन्होंने कहा कि इस अद्भुत आयोजन सुआ नृत्य से बड़ी बात यह है कि दुर्ग जिले की बहनों ने एक कीर्तिमान स्थापित किया है। ऐसा कल्चरल नृत्य पहले छत्तीसगढ़ में कभी नहीं हुआ। दुर्ग एक संस्कारधानी ही नहीं है बल्कि अपनी हजारों साल की परंपरा को जीवित रखने में कामयाब है। इससे छत्तीसढ़ का नाम भी विदेशों में होगा।

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