योगी सरकार ने राधा-कृष्ण के, वृंदावन और बरसाना को घोषित किया पवित्र तीर्थ स्थल

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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शुक्रवार शाम को, कृष्ण की नगरी मथुरा के वृन्दावन और राधा जी के बरसाना को तीर्थस्थली घोषित कर दिया है। यह पहला अवसर है जब प्रदेश में किसी धार्मिक स्थल को तीर्थस्थान का दर्जा दिया गया। भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा का वृंदावन देश के छह बड़े तीर्थस्थलों में शामिल हो गया है। वृन्दावन और बरसाना के तीर्थस्थल घोषित होते ही इन दोनों जगहों पर मांस और शराब की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा।
वृंदावन और बरसाना को धार्मिक नगरी का दर्जा देने का अर्थ होगा कि अब कृष्ण भक्तों की इस नगरी में मांस-मदिरा का न तो क्रय विक्रय हो सकेगा और न ही इनका सेवन किया जा सकेगा, बल्कि इसे अपराध माना जाएगा। कृष्ण लीला की इस नगरी को धार्मिक नगरी घोषित करने से कृष्ण भक्तों की बड़ी तादाद खुश है, क्योंकि यहां के लगभग सभी वैष्णव संगठन इसकी मांग करते रहे थे।
योगी आदित्यनाथ ने चंदौली में कहा था कि उत्तर प्रदेश में सामान्य पर्यटन के साथ-साथ स्पिरिचुअल टूरिज्म की भी अपार संभावनाएं हैं और सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले दिनों में UP में पर्यटकों की संख्या में दस गुना बढ़ोत्तरी होे।
मंदिरों पर जुटने वाली भक्तों की भीड़ के लिए वैष्णो देवी, हरिद्वार, सिरडी साईं बाबा, तिरुपति बालाजी और केदारनाथ बद्रीनाथ देश के बड़े तीर्थस्थल हैं। मथुरा तो इस सूची में पहले से ही शामिल था लेकिन अब वृंदावन और बरसाना भी शामिल हो गए है। धर्मनगरी में साल भर में करीब डेढ़ करोड़ श्रद्धालु वृन्दावन पहुंच रहे हैं। वर्ष 2014 से कृष्ण भक्तों की संख्या में इजाफा हुआ है। बरसाना में भी 60 लाख भक्त सालाना पहुंचते हैं।
देश के अलग-अलग भागों से तो लोग आते ही हैं विदेशों में भी राधा-कृष्ण के नाम की धूम है। ब्रज चौरासी कोस की यात्रा में भी विदेशी शामिल हो रहे हैं। जन्माष्टमी पर तो बड़ी संख्या में विदेशी भक्त वृंदावन में पहुंच जाते हैं।
जिला पर्यटन अधिकारी डीके शर्मा का कहना है कि वृंदावन बड़ा तीर्थस्थल है। पहली बार प्रदेश में किसी तीर्थस्थल को लेकर अधिकारिक एलान हुआ है। तीर्थस्थल घोषित हो जाने से विकास की योजनाओं की रफ्तार और बढ़ जाएगी।

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