सुप्रीम कोर्ट ने टीवी चैनलों से कहा- ब्लू वेल गेम से होने वाले नुकसानों पर लोगों को जागरुक करें

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय प्रसारण चैनल दूरदर्शन और अन्य निजी चैनलों से कहा कि वे ब्लू वेल गेम (Blue Well Game) की वजह से होने वाले नुकसानों पर लोगों में जागरुकता फैलाएं। देश की शीर्ष अदालत ने इसके लिए चैनलों से उनके प्राइम टाइम कार्यक्रमों में जागरुकता फैलाने को कहा है।
इस मामले में दो वकीलों ने याचिका दायर कर ब्लू वेल गेम पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। इन दोनों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में ब्लू वेल गेम के चलते देशभर में सैकड़ों लोगों ने सोसाइड किये हैं। दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने पाया कि यह राष्ट्रीय समस्या है। बता दें कि केंद्र सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया कि उसने इस मुद्दे को देखने के लिए एक्सपर्ट कमिटी बनाई है, जो तीन हफ्तों के अंदर रिपोर्ट सौंप देगी।
इससे पहले 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने ब्लू वेल गेम पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग करने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था। ब्लू वेल नामक जानलेवा ऑनलाइन गेम की शुरुआत में प्लेयर को कागज के टुकड़े पर वेल बनाने का टास्क दिया जाता है, इसके बाद इस गेम को खेलने वाले को को अपने शरीर पर वेल की आकृति खींचने का टास्क मिलता है। इस तरह धीरे-धीरे इस गेम के टास्क में शारीरिक जोखिम बढ़ता जाता है और खेल के अंत में खिलाड़ी को अपनी जान देने का टास्क मिलता है।

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