नेपाल में हिन्दू समुदाय के लोगों ने धूमधाम से मनाई बसंत पंचमी

0
18
नेपाल में हिन्दू समुदाय के लोगों ने धूमधाम से मनाई बसंत पंचमी

काठमांडू। हिंदू कैलेंडर के अनुसार बसंत पंचमी का त्योहार हर साल माघ मास में शुक्ल पक्ष की बसंत पंचमी के दिन मनाया जा रहा है। इस साल देशभर में बसंत पंचमी का त्योहार 22 जनवरी 2018 को मनाया जा रहा है। पिछले साल बसंत पंचमी त्योहार 1 फरवरी 2017 को मनाया गया था। मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का जन्म हुआ था। इसलिए बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है। बसंत पंचमी को श्री पंचमी और ज्ञान पंचमी भी कहा जाता है। यह त्योहार पूर्वी भारत, पश्चिमी-उत्तरी बांग्लादेश, नेपाल और कई राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है।

नेपाल में बसंत पंचमी आज धूमधाम से मनायी गयी। इसे बसंत पंचमी या सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है। यह जानकारी द काठमांडू पोस्ट ने दी है। इस अवसर पर विद्या, बुद्धिमत्ता, ज्ञान, कला, संगीत और संस्कृति की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। यह पर्व हिन्दू पंचाग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन हर साल मनाया जाता है। नेपाल और भारत में इस पर्व को हिन्दू समुदाय के लोग मनाते हैं। इस पर्व को बसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है।

ऐसा माना जाता है यह दिन छात्रों और नव शिक्षार्थियों के लिए विशेष रूप से खास दिन है। इस दिन छात्र सुबह उठकर स्नान कर स्कूल और मंदिर जाकर विद्या की देवी सरस्वती की पूजा करते हैं तथा बसंत श्रवण को सुनते हैं। विद्या की देवी को कई नामों जैसे शारदा, बागेश्वरी, कुमारी, बरदायनी, कामधेनु, जगतमाता और भारती से जाना जाता है। यह त्योहार पूरे देश में श्रद्धा और उल्लाह के साथ मनाया जाता है।

सरस्वती पूजा या बसंत पंचमी के दिन आमतौर पर लोग पीले कपड़े पहनकर पूजा करते हैं। यदि यौवन हमारे जीवन का बसंत है तो बसंत इस सृष्टि का यौवन है। भगवान श्री कृष्ण ने भी गीता में ‘ऋतूनां कुसुमाकरः’ कहकर ऋतुराज बसंत को अपनी विभूति माना है। भगवान श्रीकृष्ण इस उत्सव के अधिदेवता हैं। इसीलिए ब्रजप्रदेश में राधा–कृष्ण का आनंद-विनोद बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

No ratings yet.

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here