जम्मू-कश्मीर: सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया तो प्रदर्शनकारियों से होगी वसूली, हो सकती है जेल

0
29

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में आए दिन हिंसक प्रदर्शनों के दौरान सार्वजनिक संपत्तियों (Property) को काफी नुकसान होता है। लेकिन अब सरकार ने वैसे प्रदर्शनकारियों से काफी सख्ती से निपटने जा रही है जो सार्वजनिक संपत्तियों को हानि पहुंचाते हैं। जम्मू और कश्मीर के राज्यपाल एन. एन. वोहरा ने राज्य सरकार के उस अध्यादेश को मंजूरी दे दी है जिसके तहत हड़ताल या प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान की वसूली, प्रदर्शनकारियों से की जाएगी। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने गुरुवार बताया कि प्रदर्शनकारियों पर जुर्माने के साथ-साथ उन्हें 5 साल तक के कारावास की सजा भी हो सकती है।
जम्मू और कश्मीर पब्लिक प्रॉपर्टी (प्रिवेंशन ऑफ डैमेज) (अमेंडमेंट) ऑर्डिनेंस, 2017 के तहत सार्वजनिक संपत्तियों के नुकसान से जुड़े मौजूदा कानूनों में बदलाव किया गया है और यह अध्यादेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है। आधिकारिक बयान में कहा गया है, ‘यह व्यक्तियों/संगठनों के नुकसान पहुंचानेवाली उन गतिविधियों को रोकेगा/हतोत्साहित करेगा जिनसे सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचता है।’
प्रवक्ता ने बताया कि इस अध्यादेश को 2 उद्देश्यों के लिए लाया गया है। पहला उद्देश्य यह कि सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाना दंडनीय होगा और दूसरा यह कि ऐसे अपराधों को अंजाम देने के लिए उकसानेवाले सीधे-सीधे अपराध के जिम्मेदार होंगे। बंद, हड़ताल, प्रदर्शन या किसी भी तरह के विरोध प्रदर्शन के दौरान अगर सावर्जनिक के साथ-साथ निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो बंद या प्रदर्शन के लिए आह्वान करने वालों को 2 से 5 पांच साल की सजा हो सकती है। इसके अलावा उनपर संपत्ति को पहुंचे नुकसान के बाजार कीमत के बराबर जुर्माना लगाया जाएगा।

5/5 (1)

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here