भारतीय बाजार को लेकर सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है #BoycottChineseProducts

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#BoycottChineseProducts

राज एक्सप्रेस। चीन ने मसूद अजहर को ग्लोवली आतंकबादी होने से बचा लिया है, चीन के इस फैसले से पूरे भारत में आम आदमी से लेकर फिल्म उद्योग और उद्योग जगत तक की तरफ से चीन के बाजार और उसके उत्पादों का बहिष्कार करने की अपील चालू हो चुकी है। सोशल मीडिया पर #BoycottChineseProducts बहुत तेजी से ट्रैंड कर रहा है। लोगों ने देशभक्ति जाहिर करते हुए, चीनी सामान न खरीद कर उनका विरोध करने की बात कही है। इसका सीधा असर चीन के व्यपार पर पड़ेगा। इतना ही नहीं चीन द्वारा लगातार चौथी बार मसूद अजहर को बचाये जाने के कारण भारत के व्यापारी काफी गुस्से में है। इसी गुस्से के चलते कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने चीन से आने वाले प्रोडक्ट का बहिस्कार करने का फैसला लिया है।

क्या है CAIT:

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, CAIT एक ऐसा समूह है जो, देश भर में फैले चालीस हजार से ज्यादा व्यापारिक संगठनों का एक समूह है। जिसमे लगभग 7 करोड़ व्यापारी शामिल है। साथ ही CAIT का कहना है कि, “भारत की स्वच्छता में सेंध लगाने चीन और पाकिस्तान दोनों ही कर रहे है।” इतना ही नहीं CAIT का कहना है कि, मार्च को चीन का सामान जला कर मनाई जाएगी।

CAIT की सरकार से मांगे:
  • CAIT ने सरकार से प्रथम तृण में चीन से आने वाली वस्तुओं में 300 से लेकर 500% तक कस्टम ड्यूटी लगाई जाए।
  • चीन से होने वाले आयत पर कड़ी नजर रखी जाए।
  • चीनी सामान और रॉव मटेरियल पर निर्भरता काम करने के लिए सरकार घरु लघु उद्योगों को एक स्पेशल पैकेज दे।
चीनी व्यपार में कैसे आएगा असर:

आइये भारत और चीन के व्यपार पर नजर डालते है, जिससे आप चीन के व्यपार पर पड़ने वाले असर को आसानी से समझ सकेंगे।

  • चीन भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहियोगी है।
  • सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2017 -18 में भारत से चीन को 13.4 अरब डॉलर का एक्सपोर्ट हुआ था, जबकि चीन से भारत में 76.4 अरब डॉलर (6 गुना ज्यादा) का इंपोर्ट हुआ था।
  • चीन से भारत के इंपोर्ट में हर साल इजाफा होता है।
  • साल 2016 -17 में 51.11 अरब डॉलर का इंपोर्ट हुआ था।
  • व्यापारियों के अनुसार, चीन के गिफ्ट आइटम्स सस्ते और आकर्षक होने के कारण भारत में काफी लोकप्रिय होते है।
  • चाइना फैंसी आइटम्स को हटा कर भी देखे तो, भारत से 5 गुना ज्यादा माल यहाँ भेजता है।
  • संघई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में दोनों देशो के तरफ से जारी बयान में 2020 तक चीन और भारत के बिच व्यपार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का टारगेट रखा गया था।
  • काफी हद तक भारत में पावर और मेडिसिन चाइना से आता है।
  • भारतीय सोलर मार्किट में, थर्मल पॉवर में भी चीनी प्रोडक्ट उपयोग किए जाते है।
  • पावर सेक्टर के 70-80% प्रोडक्ट चीन से आते है।
  • फ़िल्मी जगत में भी वर्ष 2016 में चीन में दो भारतीय फिल्मों का प्रदर्शन हुआ था, जबकि, वर्ष 2018 में दस भारतीय फिल्मों चीन में रिलीज हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, आमिर खान की फिल्म दंगल ने चीन में एक हजार करोड़ रुपये का कारोबार किया है।
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल की प्रतिक्रिया:

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने विरोध का समर्थन करते हुए कहा कि, “अब समय आ गया है कि, हम चीन को यह कड़ा संदेश दे कि, वह उन आतंकियों की मदद कर रहा है जो हमारे सैनिकों की हत्या कर रहे हैं। सभी भारतीयों को इस बारे में मन बना लेना चाहिए। हम होली के बाद से चीन में बने किसी भी उत्पाद को हाथ नहीं लगाएंगे।”

बाबा रामदेव की प्रतिक्रिया:

बाबा रामदेव ने भी सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर अपना उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘‘चीन विशुद्ध रूप से व्यावसायिक भाषा ही समझता है। आर्थिक बहिष्कार युद्ध से भी ज्यादा ताकतवर है।”

रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी की प्रतिक्रिया:

रणनीतिक विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी ने कहा कि, ”चीन ने मसूद अजहर पर प्रतिबंध का क्यों विरोध किया है, इसे समझने की जरुरत है। चीन अंतिम समय गिन रहे आतंकी को ही नहीं बचा रहा है, बल्कि वह पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय दबाव से भी बचा रहा है कि वह आतंकियों के खिलाफ कोई बड़ी निर्णायक कार्रवाई नहीं करे।”

फिल्मकार हंसल मेहता की प्रतिक्रिया:

प्रख्यात फिल्मकार हंसल मेहता ने ट्विट करते पूरी फिल्म उद्योग से सवाल पूछा है कि “क्या हम चीन में अपनी फिल्मों को रिलीज नहीं करने का फैसला कर सकते हैं।”

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