गुजरात के CM विजय रूपाणी ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल पर लगाए गंभीर आरोप

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अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी (Vijay Rupan) ने कांग्रेस नेता अहमद पटेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रूपाणी ने शुक्रवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा, जिस अस्पताल से आइएस का आतंकी पकड़ा गया, उसके कर्ताधर्ता अहमद पटेल हैं। उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस बारे में सफाई देनी चाहिए। बता दें कि बुधवार को गुजरात एटीएस ने खूंखार आतंकी संगठन आइएस के दो आतंकियों उबेद और कासिम को गिरफ्तार किया था। इसमें से कासिम सरदार पटेल अस्पताल में इको कार्डियोग्राम टेक्नीशियन के तौर पर काम करता था और उबेद सूरत की डिस्टि्रक्ट कोर्ट में एडवोकेट था।

गुजरात के सीएम विजय रुपाणी द्वारा गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद कल देर रात कांग्रेस नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार ने ट्वीट कर इस मामले में सफाई दी। अहमद पटेल ने ट्वीट किया कि बीजेपी के सभी आरोप बेबुनियाद है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुडा हुआ है इसलिए चुनाव को दिमाग में रखकर इस पर राजनीति न करे। पटेल ने आगे लिखा कि आतंकियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

उधर, अस्पताल ने कहा है कि अफवाह फैलाई जा रही है कि अहमद पटेल और उनका परिवार अस्पताल के ट्रस्टी हैं। अस्पताल की तरफ से सफाई दी गई है कि इस अस्पताल के ट्रस्ट या मैनेजमेंट में अहमद पटेल या उनके परिवार का कोई भी सदस्य शामिल नहीं है।

विजय रूपाणी ने कहा, 23 अक्टूबर 2016 को उस अस्पताल का उद्घाटन था। यहां अहमद पटेल के निमंत्रण पर राष्ट्रपति आए थे। मंच पर भी अहमद पटेल नजर आए थे। भले ही उन्होंने इस अस्पताल के ट्रस्टी के तौर पर इस्तीफा दे दिया था, लेकिन पटेल ही कार्यक्रम के मेजबान थे। उनकी जिम्मेदारी बनती है। हम केवल ये चाहते हैं कि कांग्रेस और अहमद पटेल इस पर सफाई दें।
एटीएस की पूछताछ में आतंकियों ने खुलासा किया कि उनके निशाने पर अहमदाबाद और बेंगलुरु के यहूदी धर्मस्थल थे। इन लोगों ने रेकी भी की थी। एक साल पहले एटीएस को इनके आइएस से जुड़े होने की और जिहादी विचारधारा से प्रेरित होने के सुबूत मिले थे। यह जानकारी उबेद के 17 दिसंबर 2016 को किए फेसबुक पोस्ट से मिली थी। तब एटीएस ने अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के थाने की स्टेशन डायरी में फेसबुक पोस्ट के बारे में नोट किया था।

एटीएस सूत्रों के मुताबिक, उबेद और कासिम ने पिछले साढ़े तीन साल में सूरत के बाहर अंकलेश्वर, अहमदाबाद, मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु जाकर भी मुलाकात की। एटीएस ने एक-एक टीम इन शहरों में भेजी है। आशंका है कि कहीं ये शहर भी तो इनके निशाने पर नहीं थे।

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