अवमानना मामले में कोर्ट ने लगाई नागेश्वर राव को फटकार, भरना पड़ेंगे 1 लाख रुपए

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M. Nageshwar Rao

राज एक्सप्रेस| मुजफ्फरपुर शेल्टर होम से संबंधित सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव (M. Nageshwar Rao) के माफ़ी नामे को अस्वीकार कर दिया गया है| जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने नाराजगी जताते हुए राव पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है साथ ही उन्हें आदेश दिया गया है कि, जब तक कोर्ट की कार्यवाही चलेगी तब तक उन्हें कोर्ट में बैठा रहना पड़ेगा|

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि, जब तक मुजफ्फरपुर शेल्टर होम की जांच सीबीआई द्वारा नहीं हो जाती तब तक सीबीआई टीम में शामिल किसी भी अधिकारी का ट्रांसफर नहीं किया जायेगा| कोर्ट के आदेश के बाद भी मामले की जांच कर रही टीम के चीफ सीबीआई अधिकारी एके शर्मा का 17 जनवरी को CRPF में ट्रांसफर कर दिया गया| जिसके बाद सीबीआई के पूर्व अंतरिम निदेशक नागेश्वर राव ने सुप्रीम कोर्ट से माफ़ी मांग ली थी| राव ने माफीनामा कोर्ट में दाखिल किया था|

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने रखा राव का पक्ष

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा, नागेश्वर राव ने यह सब जानबूझकर नहीं करा उनसे अनजाने में यह गलती हुई है| उन्होंने अपनी गलती भी मानी है| इसके जवाब में चीफ जस्टिस ने पूछा, आरोपी का बचाव सरकार के पैसे से क्यों किया जा रहा?

चीफ जस्टिस ने लगाई फटकार

अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल का पक्ष सुनने के बाद चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा, राव को कोर्ट के आदेश का पहले से ही पता था| तभी राव ने कानूनी विभाग से राय मांगी थी| लीगल एडवाइजर ने बताया था कि, एके शर्मा का CRPF में ट्रांसफर करने से पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर इसके लिए इजाजत मांगी जाये लेकिन ऐसा नहीं हुआ| CJI ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, कोर्ट से पूछे बगैर राव का रिलीव आर्डर साइन करना अवमानना नहीं तो क्या है? इस पर केके वेणुगोपाल ने कहा, राव ने अपनी गलती मानी और कोर्ट से इस मामले में माफ़ी भी मांगी है|

अपनी मन मर्जी के मालिक राव: SC

कोर्ट ने राव को फटकार लगाते हुए कहा, उनका रवैया तो ऐसा था कि जो मुझे करना है वो में करूँगा| उन्होंने एके शर्मा को जांच टीम से हटाने के बाद एक बार भी कोर्ट को बताना सही नहीं समझा| इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा, राव द्वारा कोर्ट में दाखिल माफीनामा को हम मंजूरी नहीं देंगे और उन्हें अवमानना का दोषी करार देंगे|

इसके बाद कोर्ट ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल से पूछा कि अगर हम राव को दोषी करार देते है और उन्हें सजा देते है तो क्या आप इस पर भी हमसे बहस करेंगे? इसके जवाब में केके वेणुगोपाल ने कहा, अगर आपने ठान लिया है कि, राव दोषी है तो ठीक है उन्हें सजा भी मिलनी चाहिए| लेकिन माई लार्ड, उन्होंने अपनी गलती मानी है उन्हें माफ़ कर देना चाहिए|

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