पटना। बिहार की राजधानी में सूर्य आराधना के महापर्व छठ पर पूवरेत्तर की आस्था और उल्लास की छटा बिखरी। चौथे दिन उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देने के बाद आस्था का महापर्व छठ का समापन हो गया। सूरज देवता के तेवर नरम पड़ते ही छठ महोत्सव में व्रतधारियों के साथ समाजजन के जुटने का सिलसिला शुरू हो गया था। लोगों ने कमर तक ठंडे जल से भरे कुंड में खड़े रहकर परिवार की सुख-समृद्धि के साथ संतान की लंबी उम्र की कामना की। छठ महापर्व पर भोजपुरी समाज के लोगों ने पारंपरिक उत्साह के साथ पर्व मनाया। राजधानी में भोजपुरी समाज द्वारा मन्नतों एवं अपनी श्रद्धा से विभिन्न सरोवरों के किनारे बने घाट पर पहुंचकर हजारों की संख्या में व्रती महिलाएं डूबते सूरज को अर्घ्य देकर भगवान सूर्य का पूजन कर परिवार की खुशहाली के लिए सुख- समृद्धि की कामना की। भगवान सूर्य के इस पावन पर्व में शक्ति व ब्रम्हा दोनों की उपासना का फल एक साथ मिलता है।

इस त्योहार में श्रद्धालु तीसरे दिन डूबते सूर्य को और चौथे अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्ध्य देते हैं। पहले दिन को ‘नहाय-खाय’ के रूप में मनाया जाता है जिसमें व्रती लोग स्नान के बाद पारंपरिक पकवान तैयार करते हैं। दूसरे दिन को ‘खरना’ कहा जाता है, जब श्रद्धालु दिन भर उपवास रखते हैं, जो सूर्य अस्त होने के साथ ही समाप्त हो जाता है। उसके बाद वे मिट्टी के बने चूल्हे पर ‘खीर’ और रोटी बनाते है, जिसे बाद में प्रसाद के तौर पर वितरित किया जाता है। पर्व के तीसरे दिन छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्ध्य देते हैं। चौथे व अंतिम दिन को पारन कहा जाता है। इस दिन व्रती सूप में ठेकुआ, सठौरा जैसे कई पारंपरिक पकवानों के साथ ही केला, गन्ना सहित विभिन्न प्रकार के फल रखकर उगते सूर्य को अर्ध्य देते हैं जिसके बाद इस पर्व का समापन हो जाता है।

बाबूलाल गौर ने किया दीपदान
भोपाल में बाबूलाल गौर, सुरेंद्र नाथ सहित अनेक अतिथिगणों ने  बड़े तालाब में दीपदान किया तथा नौका विहार कर, 5001 दीपों का दीपदान कर बेटी बचाने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर भोजपुरी गायक राज शर्मा द्वारा सांस्कृतिक एवं भोजपुरी लोकगीतों की प्रस्तुति दी गई।

महिलाओं ने दिया सूर्य को अर्ध्य
मंगलवार की संध्या के अवसर पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के लिए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बड़ी संख्या में भीड़ लगी रही। शहर के प्रेमपुरा घाट, सीहोर नाका, कालीघाट, सरस्वती मंदिर बीएचईएल, विवेकानन्द हायर सेकेण्ड्री स्कूल बीएचईएल, भूतनाथ मंदिर बीएचईएल, हताईखेड़ा डेम, कोलार नहर, विश्वकर्मा मंदिर बाग सेवनियां, काशी विश्वनाथ मंदिर न्यू जेल रोड, एकतापुरी, अशोका गार्डन, ओल्ड सुभाष नगर दुर्गा मंदिर प्रांगण, राम जानकी मंदिर प्रांगण सीटीओ बैरागढ़, सेजीव नगर शिव मंदिर प्रांगण सहित कई स्थानों पर छठ पूजा पर्व पर व्रती सूर्य भगवान को अघ्र्य देकर सुख समृद्धि की कामना की।

छठ के गीतों से गूंजी शीतलदास की बगिया 
भोजपुरी एकता मंच के तत्वावधान में बड़े तालाब स्थित शीतलदास की बगिया गंगा छठ घाट पर मुख्य छठ महोत्सव का मुख्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर गोविंदपुरा विधायक बाबूलाल गौर, भाजपा के जिलाध्यक्ष एवं मध्य क्षेत्र विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह, भोजपुरी मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद, महापौर आलोक शर्मा, चेतन सिंह, ईशाई धर्म गुरु, पवन श्री वास्तव, अनुपम राजन सहित भोजपुरी समाज के बहुतुल्य संख्या में श्रद्धालुगण उपस्थित थे। सुबह से ही भोजपुरी समाज के लोगों द्वारा खटलापुरा और शीतलदास की बगिया स्थित तालाब के किनारे साफ-सफाई के साथ वेदी बनाने का काम किया गया।

शाम होते ही तालाब के किनारे बने घाट पर बड़ी संख्या में महिलाएं सूर्यास्त के समय भगवान सूर्य को अघ्र्य देने के लिए तांता लग गया। सैकड़ों की संख्या में तालाब में आधे घंटे पूर्व से ही खड़े होकर महिलाएं सूर्यास्त का इंतजार करती रहीं, जैसे ही सूर्य डूबने लगे, घाट पर विभिन्न फलों से भरे सूप को हाथ में रखकर सूर्यास्त के समय भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार की खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। इस अवसर पर भोजपुरी समाज के महिलाओं के समूह द्वारा भोजपुरी एवं पुरबिया गीतों से पूरे घाट गुंजायमान होने लगा। इस अवसर पर महापौर आलोक शर्मा ने शीतलदास की बगिया में घाटों के निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देने की घोषणा की।

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