सब्जियों के दाम बढ़ने से आम आदमी परेशान

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दिल्ली। लोगों को ठंड के मौसम में सस्ती हरी सब्जियों का इंतजार रहता है लेकिन इस बार मामला उल्टा है। एक महीने से सब्जियों के दाम जो आसमान पर चढ़े हैं उतरने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। कई हिस्सों में बेमौसम बारिश के कारण सब्जियों की आवक कम हो रही है जिससे कीमतें आसमान पर हैं। हरी सब्जियों के साथ ही प्याज, टमाटर की कीमतों में जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली। जिसने आम लोगों के किचन का बजट बिगाड़ कर रख दिया। दक्षिणी भारत, महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से सब्जियों के दाम बढ़ोतरी हुई है जिसका असर भोपाल सहित दिल्ली एनसीआर, मुंबई जैसे कई शहरों में देखने को मिला है। लेकिन मुंबई के बाहरी इलाकों में कुछ सब्जियों के दाम गिरावट आई है। आरएमएल की रिपोर्ट के मुताबिक इस साल सब्जियों का उत्पादन 1762 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले साल देश में सब्जियों का कुल उत्पादन 1690 टन रहा था।
आने वाले दिनों में कीमतें घटने की संभावना
व्यापारिक सूत्रों के मुताबिक ठंड के दिन आने से सब्जियों की कीमतों में नरमी का दौर शुरू हो जाएगा। आने वाले दिनों में पालक सहित टमाटर, भिंडी, करैला, गिल्की, गोभी व बंद गोभी की कीमतें घटने की संभावना है। वर्तमान में आपूर्ति प्रभावित होने के चलते हरी सब्जियों के दाम बढ़े हैं। आने वाले दिनों में इनमें नरमी की प्रबल संभावना है।
भोपाल में टमाटर की आवक 25 हजार टन
बेमौसम बारिश से बड़े शहरों टमाटर सहित प्याज की सप्लाई आधी हुई है। भोपाल में टमाटर की आवक लगभग 25 हजार टन है। एक हफ्ते में टमाटर की आवक 5 हजार टन गिरी है। वहीं प्याज का उत्पादन 217 लाख टन रहने का अनुमान है। पिछले साल से 8 लाख टन ज्यादा प्याज का उत्पादन हुआ है। एक महीने पहले सब्जियों की कीमतों पर नजर डालें तो 30 रुपए प्रति किलो मिलनेवाली गोभी की कीमत 60 रुपए में मिल रही है जबकि 40 रुपए प्रति किलो मिलने वाली शिमला मिर्च की कीमत 50 रुपए और 40 रुपए प्रति किलो मिलनेवाली तुरई की कीमत 60 रुपए रही। वहीं मटर की कीमत 150 रुपए, गाजर की कीमत 50 रुपए तक पहुंच चुकी है। प्याज की कीमतों में भी महंगाई घटने का नाम नहीं ले रही है। प्याज 30 से 40 रुपए किलो तक बिक रही है। वहीं भिंडी व करैला के दाम भी 20 रुपए से बढ़कर 40 से 50 रुपए तक पहुंच चुके हैं। लौकी व कद्दू के दाम में दोगुना बढ़ोतरी हुई है। लौकी जहा 20 से 30 रुपए वहीं कद्दू भी यही भाव बिक रहा है। यहां तक की 20 रुपए किलो बिकने वाला बैगन के भाव भी दोगुने बढ़कर 40 रुपए किलो तक पहुंच चुके हैं।

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