MP की हीरे की खान के लिए बोली लगा सकती हैं वेदांता व अडानी कम्पनियाँ

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नई दिल्ली। धातु और खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता लि. और अडाणी समूह मध्य प्रदेश की बंदर हीरा परियोजना के लिए बोली लगा सकती हैं। मध्यप्रदेश सरकार की इस महीने मुंबई में कंपनियों के साथ बैठक हुई। इस बैठक में 10 परियोजनाओं पर विचार हुआ। इसमें बंदर परियोजना भी शामिल है। हालांकि, बोली लगाने के सवाल पर वेदांता या अडानी की ओर से कोई पुष्टि नहीं हुई है।
खान में 3.2करोड़ कैरेट डायमंड होने का अनुमान
मध्य प्रदेश नवंबर के पहले सप्ताह में इस हीरा खान के लिए बिड्स आमंत्रित कर सकता है। राज्य सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस खान में करीब 3.2 करोड़ कैरेट हीरे का भंडार होने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश के खान सचिव मनोहर लाल दुबे ने कहा
मध्य प्रदेश के खनन सचिव मनोहर लाल दुबे ने बताया कि इस परियोजना के लिए निविदा आमंत्रित करने का नोटिस नवंबर में जारी किया जाएगा। यह एक ऑनलाइन निविदा प्रक्रिया होगी। उन्होंने बताया कि भारतीय खनन ब्यूरो के अनुसार इस परियोजना से निकाले जाने वाले हीरों का अनुमानित मूल्य 60,000 करोड़ रुपये होगा। परियोजना में रुचि दिखाने वाली कंपनियों का नाम नहीं बताये गए है।
रियो टिंटो ने खींच लिया हाथ
रिओ टिंटो ने 2004 में मध्य प्रदेश में बंदर खान की खोज की थी। हालांकि कंपनी ने कैश बचाने और कॉस्ट में कमी करने की बात कहते हुए कुछ महीने पहले इस परियोजना से यह कहते हुए हाथ खींच लिया था कि वह अपनी कारोबारी रणनीति के तहत बुंदर हीरा परियोजना को आगे नहीं बढ़ाना चाहती है। रियो के पीछे हटने के बाद राज्य सरकार इस परियोजना पर नये सिरे से विचार करने को मजबूर हुई। अडानी ग्रुप के एक अधिकारी ने फरवरी में रिओ के इस प्रोजेक्ट से निकलने की घोषणा के बाद अनौपचारिक तौर पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से संपर्क किया था।
रिओ टिंटो ने 14साल में खर्च किए 9करोड़ डॉलर
कंपनी ने टाइगर और वन्य जीवों के लिहाज से अहम इस वन्य क्षेत्र में 14 साल के दौरान 9 करोड़ डॉलर खर्च किए। रिओ टिंटो की इस खान पर 50 करोड़ डॉलर के निवेश की योजना थी। इस प्रोजेक्ट को पर्यावरण मंजूरियों में देरी के चलते खासी समस्याओं का सामना करना पड़ा।

 

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