अब सीनियर सीटिजन के खातों से नहीं काटा जायेगा न्यूनतम बैलेंस चार्ज

0
30

नई दिल्ली। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को फैसला किया है कि अब बैंक मिनिमम बैलेंस ना भी रखने पर सीनियर सीटिजन के बैंक खातों पर जुर्माना जुर्माना नहीं लगेगा। यह याचिका एडवोकेट एस. लुईस ने दायर की थी। मुख्य न्यायाधीश इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति निशा भानु की पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश दिया है। हाई कोर्ट ने भारतीय रिजर्व बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और केंद्रीय संयुक्त वित्त सचिव व अन्य के पास नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
क्या हैं याचिका
याचिकाकर्ता ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की अलंगुलम शाखा ने 75 वर्षीय वृद्धा की 1,000 रुपये की पेंशन राशि में से जुर्माने के तौर पर 350 रुपये काट लिए थे। उन्होंने कहा कि बहुत से वृद्ध इन खातों का इस्तेमाल केवल अपनी पेंशन पाने के लिए ही करते हैं, ऐसे में उन्हें न्यूनतम बैलेंस रखने के लिए बाध्य करना व्यावहारिक नहीं है। याचिकाकर्ता का कहना था कि ऐसे खातों पर जुर्माना लगाने से वृद्धावस्था पेंशन योजना का असली उद्देश्य प्रभावित होगा। इस योजना का लक्ष्य 65 वर्ष से ज्यादा की आयु वाले ऐसे लोगों की सहायता करना है, जिनके पास अन्य कोई वित्तीय सहयोग नहीं है या जो किसी शारीरिक व मानसिक समस्या से पीड़ित हैं।
लिखा शाखा प्रबंधक को पत्र
इस संबंध में याचिकाकर्ता ने शाखा प्रबंधक को पत्र लिखकर वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े खातों में न्यूनतम बैलेंस न होने पर देय जुर्माना न काटने का अनुरोध किया लेकिन उस पर बैंक की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। एसबीआई ने न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने वाले 388.74 लाख खातों से 235.06 करोड़ रुपये वसूलने की बात कही है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े खातों से इस तरह वसूली गई रकम वापस की जानी चाहिए।

5/5 (1)

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here