ब्रिटेन का युद्धपोत अगले महीने दक्षिण चीन से होकर गुजरेगा, इस कदम से चीन के नाराज होने की उम्मीद

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ब्रिटेन का युद्धपोत अगले महीने दक्षिण चीन से होकर गुजरेगा, इस कदम से चीन के नाराज होने की उम्मीद

सिडनी। नौवहन अधिकारों की स्वतंत्रता पर जोर देने के लिये एक ब्रिटिश युद्धपोत ऑस्ट्रेलिया से विवादित दक्षिण चीन सागर से होकर गुजरेगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है। इस कदम से चीन के नाराज होने की उम्मीद है। ब्रिटिश रक्षा सचिव गेविन विलियमसन ने मंगलवार को कहा है कि ब्रिटिश अधिकारियों ने छह महीने पहले भी एक युद्धपोत इस क्षेत्र में संचालित किया था जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। जानकारी के अनुसार बता दें कि ब्रुनेई, मलेशिया, फिलीपींस, ताइवान और वियतनाम ने भी ऊर्जा संपन्न इस समुद्री क्षेत्र पर अपना दावा किया है। जहां के माध्यम से अरबों डॉलर का व्यापार होता है।

समाचार के अनुसार, सचिव गेविन विलियमसन ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह किसी भी विवादित क्षेत्र के 12 समुद्री मील के भीतर यात्रा करेगा। बताया जाता है कि, कई अमेरिकी नौसैनिक जहाजों ने अपनी स्वतंत्रता के लिए नौपरिवहन यात्राएं बनायी हैं। उन्होंने हालांकि कहा है कि हम इस संदर्भ में अमेरिकी रूख का पूरी तरह समर्थन करते हैं, अमेरिका जो कर रहा है हम उसका समर्थन करते रहे हैं। दूसरी तरफ बीजिंग में बोलते हुए, चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सभी देशों ने दक्षिण चीन सागर में नौपरिवहन और अतिप्रवाह की स्वतंत्रता का लाभ उठाया है।

प्रवक्ता गेंग शुआंग कहा ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर की स्थिति हर दिन सुधर रही है। हम आशा करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष, क्षेत्रीय देशों द्वारा किए गए प्रयासों का सम्मान करेंगे। जैसा कि मैंने पिछले हफ्ते कहा था, वर्तमान में दक्षिण चीन सागर शांत है और हम आशा करते हैं कि आगे भी किसी तरह की परेशानी पैदा करने की कोशिश नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा है कि यह ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के लिए नेतृत्व करने का एक बड़ा अवसर है।

दक्षिण चीन सागर में चीन के द्वीपों और सैन्य सुविधाओं का निर्माण अंतर्राष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। सिंगापुर के रक्षा मंत्री ने पिछले सप्ताह कहा था कि आसियान देश दक्षिण चीन सागर के लिए आचार संहिता पर चीन के साथ वार्ता को गति देने की उम्मीद कर रही है। हालांकि, प्रारंभिक वार्ता पर आम सहमति नहीं बन सकी है।

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