विरासत ए खालसा लिमका बुक आफ रिकार्डस में दर्ज

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Virasat e Khalsa

राज एक्सप्रेस, चंडीगढ़। पंजाब में खालसा पंथ की स्थापना की पवित्र धरती आनंदपुर साहिब में बना विरासत ए खालसा (Virasat e Khalsa) देश का पहले नंबर का संग्रहालय बन गया है। इसकी पुष्टि लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में की गयी है। उन्होंने कहा कि, दिलोजान से राज्य की संस्कृति, विरासत, पंजाब, पंजाबी और पंजाबियत के संरक्षण का भरसक प्रयास किया गया है। यही कारण है कि, पंजाब दुनिया भर के पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।

देश में पहले नंबर पर आ गया विरासत-ए-खालसा:

राज्य के लिए यह गर्व की बात है कि, विश्वभर में पहचान बना चुका विरासत-ए-खालसा अब समूचे देश में पहले नंबर पर आ गया है। यहां पर्यटकों की संख्या सात वर्षों में 97 लाख से ज़्यादा हो चुकी है। ख़ास बात यह है कि वर्ष 2018 में इसे सबसे अधिक पर्यटक देखने आए। इसीलिए लिम्का बुक ऑफ रिकार्डज़ की तरफ से ‘विरासत-ए-खालसा’ को देश का सबसे अधिक देखा जाने वाला संग्रहालय माना गया है। लिम्का बुक ऑफ रिकार्डज़ के कार्यालय के अनुसार, उन्होंने फरवरी महीने में आने वाले प्रकाशन में इसे छापने की पुष्टि पास कर दी गई है।

श्री सिद्धू ने इसके लिये सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मुबारकबाद भी दी। उन्होंने बताया कि, विरासत-ए-खालसा की 27 गैलरियां हैं और इन गैलरियों में पंजाब के समृद्ध और गौरवमयी 550 वर्षों की विरासत को बखूबी पेश किया गया है। इस म्यूजिम में आपको सिक्ख धर्म की स्थापना और बाद में बने खालसा पंथ से जुड़ी सभी घटनाओं का विस्तृत विवरण मिल जाएगा। इस म्यूजियम की डिजाइन में आधुनिक और किला निर्माण की वास्तुशिल्पीय झलक देखी जा सकती है। लाइब्रेरी और प्रदर्शनी गैलरी के अलावा एक ऑडिटोरियम भी है, जिसमें 400 लोग बैठ सकते हैं। इस म्यूजियम को बनाने में 13 साल का समय लगा और यह 2011 में बनकर तैयार हुआ।

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