भारतीय कप्तान विराट कोहली की पसंदीदा ड्यूक बॉल को टेस्ट में मिलेगी अहमियत

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Virat kholi Duke Ball

राज एक्सप्रेस। दुनियाभर में फटाफट क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता के बीच टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को बचाने के लिए चल रहे प्रयासों के बीच एमसीसी विश्व क्रिकेट समिति ने खेल के सबसे पुराने प्रारूप में ड्यूक गेंदों (Virat kholi Duke Ball) का इस्तेमाल बढ़ाने और समय की बर्बादी रोकने के लिए टाइमर के उपयोगी की सिफारिश दी है। एमसीसी ने गत सप्ताह बेंगलुरु में आयोजित बैठक में टेस्ट प्रारूप में कई अहम बदलावों पर चर्चा की है। इन प्रस्तावों की ICC के सामने सिफारिश की जाएगी।

टेस्ट क्रिकेट के अस्तित्व को बचाने और बर्बादी को रोकने के लिए टाइमर के उपयोग की सिफारिश

एमसीसी विश्व क्रिकेट समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग तथा पूर्व आस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वार्न ने इन प्रस्तावों की रूपरेखा तैयार की है। वर्तमान में एसजी, कूकाबूरा और ड्यूक गेंदों का इस्तेमाल दुनियाभर के विभिन्न क्रिकेट बोडरें द्वारा किया जाता है, लेकिन वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में अब मुख्य रूप से ड्यूक गेंदों का इस्तेमाल करने की सिफारिश की गयी है, समिति की दलील है कि दुनियाभर के विभिन्न क्रिकेटरों ने भी ड्यूक गेंदों के इस्तेमाल को महत्व दिया है। ग्रीष्मकालीन सत्र में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में एशेज़ पहला टूर्नामेंट होगा जिसमें एमसीसी ने दिन-रात्रि टेस्ट में उपयोग की जाने वाली गुलाबी कूकाबूरा गेंदों को छोड़कर एक तय मानक की गेंदों के उपयोगी की सिफारिश की है।

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समिति ने दुनियाभर के क्रिकेटरों से भी इस बाबत उनकी राय ली है, तथा एमसीसी इसका परिणाम जांचने के लिए एशिया में भी जल्द इन गेंदों का उपयोग शुरू करेगा। गैटिंग ने बताया कि, दुनियाभर के मौजूदा खिलाड़ियों से उनकी राय मांगी गई थी, जिसमें विराट कोहली भी शामिल थे। विराट ने गत वर्ष वेस्टइंडीज के साथ घरेलू टेस्ट सीरीज के दौरान एसजी गेंदों के उपयोग पर नाराजगी जतायी थी। इसके अलावा रविचंद्रन अश्विन ने भी लाल ड्यूक गेंदों के इस्तेमाल पर अपनी हरी झंडी दी है जो पिछले कई वर्षाें से काउंटी क्रिकेट में इस्तेमाल कर रहे हैं।

विराट कोहली की पसंद को ध्यान में रखा

एमसीसी समिति के प्रमुख ने कहा कि हमने विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों और उनकी पसंद को ध्यान में रखा है। इन जैसे बड़े खिलाड़ियों ने ड्यूक गेंदों को तरजीह दी है और उसे एक अच्छे स्तर की गेंद माना है, हम आगे इसका ध्यान रखेंगे और इसके इस्तेमाल को महत्व देंगे। इससे सपाट विकेट पर भी बल्लेबाज़ और गेंदबाज़ों के पास समान मौका मिलेगा। हमारे लिए खिलाड़ियों की राय जरूरी है क्योंकि अंतत: उन्हें ही इन गेंदों से खेलना होगा।

विराट की नंबर-1 टेस्ट रैंकिंग बरकरार

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने आईसीसी की ताजा जारी टेस्ट रैंकिंग में अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन अपने दूसरे स्थान पर बरकरार हैं। ऑस्ट्रेलिया के साथ वनडे सीरीज़ खेल रहे विराट बल्लेबाजी टेस्ट रैंकिंग में 922 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर बरकरार हैं, जबकि विलियम्सन उनसे नौ अंक पीछे 913 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है। भारतीय टेस्ट विशेषज्ञ बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा 881 अंकों के साथ तीसरे, निलंबित चल रहे, ऑस्ट्रेलिया के स्टीवन स्मिथ 857 अंकों के साथ चौथे और न्यूजीलैंड के हेनरी निकोल्स 778 अंकों के साथ पांचवें नंबर पर है।

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वेलिंगटन टेस्ट में बांग्लादेश के खिलाफ अपनी 200 रन की पारी की बदौलत न्यूजीलैंड के रॉस टेलर 11 स्थान की छलांग लगाकर 13वें जबकि हेनरी निकोल्स 107 रन की पारी की बदौलत दो स्थान उठकर टेस्ट बल्लेबाज़ों में पांचवें नंबर पर पहुंच गए हैं। उनके 778 रेटिंग अंक हो गए हैं जो करियर की सर्वश्रेष्ठ रेटिंग है। टेस्ट गेंदबाज़ी रैंकिंग में भारत के दो अनुभवी स्पिनर लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जडेजा 794 अंकों के साथ छठे और ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन 763 अंकों के साथ 10वें पायदान पर हैं। भारत के साथ वर्तमान वनडे सीरीज़ में आस्ट्रेलियाई टीम में शामिल पैट कमिंस 878 अंकों के साथ शीर्ष टेस्ट बल्लेबाज हैं।

टेस्ट में भी नो बॉल पर हो सकती है फ्री हिट

क्रिकेट के सीमित प्रारूपों की तरह अब टेस्ट में भी नो बॉल पर फ्री हिट का नियम लागू हो सकता है, टेस्ट क्रिकेट की अहमियत और रोमांच को बरकरार रखने के लिए इसमें किए जा रहे, निरंतर बदलावों के अंतर्गत एमसीसी विश्व क्रिकेट समिति ने यह प्रस्ताव पेश किए हैं। टेस्ट प्रारूप में विभिन्न बदलावों पर गत सप्ताह बेंगलुरु में हुई एमसीसी समिति की बैठक में चर्चा की गयी थी और अब इन प्रस्तावों को आईसीसी के सामने पेश किया जाएगा। एमसीसी विश्व क्रिकेट समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व इंग्लिश कप्तान माइक गैटिंग तथा पूर्व आस्ट्रेलियाई लेग स्पिनर शेन वार्न ने इन प्रस्तावों की रूपरेखा तैयार की है।

समिति ने खेल के सबसे बड़े प्रारूप में फ्री हिट के नियम को लेकर दलील दी है कि, यह नियम सीमित प्रारूप में अब तक बहुत सफल रहा है और इससे गेंदबाज़ों का नो बॉल करना कम हुआ है। ऐसे में टेस्ट प्रारूप में भी यह नियम लागू होना चाहिए। वार्न ने समझाते हुए कहा कि, समझिए कि, मैंने एक गेंद डाली और अंपायर ने उस पर आउट दे दिया और इस पर रेफरल मांगा गया। बाद में पता चला कि, यह तो नो बॉल थी, और बल्लेबाज़ को लगा कि, वह तो आउट हो गया जबकि वह आउट था ही नहीं, वहीं उसके बाद उसे इस गेंद पर फ्री हिट मिल रही है। सोचिये कि, दर्शक कैसा महसूस करेंगे।

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