चीन के ओबीओआर प्रोजेक्ट के साथ जुड़ने वाला जी-7 का पहला देश बना इटली

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Italy OBOR Project

रोम। चीन के महत्वाकांक्षी प्रॉजेक्ट वन बेल्ट वन रोड के साथ अब यूरोपीय देश इटली (Italy OBOR Project) भी जुड़ गया है। इटली ने चीन के साथ एक मेमोरैंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंग पर वन बेल्ट वन रोड इनिशिएटिव (ओबीओआर) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस संयुक्त पहल के तहत दोनों देश अफ्रीका, यूरोप और अन्य महाद्वीपों में बंदरगाह, पुल और बिजलीघर का निर्माण कार्य करेंगे। इटली जी-7 का पहला देश है, जिसने चीन के साथ इतनी महत्वपूर्ण भागीदारी शुरू की है। यूरोपी में चीन के दखल के तौर पर विश्लेषक इसे देख रहे हैं।

ट्रेड वॉर के बीच मिला इटली का साथ

जी-7 का पहला देश इटली है, जिसने चीन के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट में भागीदार बनने पर सहमति जताई। ऐसे वक्त में जब अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वॉर के हालात बने हैं, चीन की कोशिश यूरोपीय देशों को अपने साथ करने की है। इटली और चीन की इस निकटता से वॉशिंगटन को खासी नाराजगी है। दूसरी तरफ यूरोपियन यूनियन के भी कई देश इसे यूरोप में चीन के दखल बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देख रहे हैं।

इटली ने इस डील को बताया देश की जीत

डी मायो ने इस डील को इटली की जीत बताते हुए कहा, ”आज हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है, एक दिन जब मेड इन इटली की जीत हुई है। इटली की जीत हुई है, इटली के कंपनियों की जीत हुई है।”

दोनों देशों में 2.5 बिलियन यूरो का समझौता

डी मायो ने इस डील को इटली की जीत बताते हुए कहा, आज हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है, एक दिन जब मेड इन इटली की जीत हुई है। इटली की जीत हुई है, इटली के कंपनियों की जीत हुई है। इटली सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर उन्होंने ही एक आलीशान विला में डील पर हस्ताक्षर किए। जी-7 देशों में अमेरिका भी शामिल है और जाहिर है कि इटली के इस कदम के बाद स्वाभाविक तनातनी बढ़ सकती है। इटली को उम्मीद है कि इस कदम के जरिए वह अपने देश के पारंपरिक बंदरगाहों को नए सिरे से प्रभावी कर सकता है जो पूर्व और पश्चिम के बीच लिंक स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इटली और चीन के बीच 2.5 बिलियन यूरो का समझौता हुआ है।

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