चुनाव आयोग ने देखी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बायोपिक फिल्म, 19 अप्रैल को सौपेंगे कोर्ट को रिपोर्ट

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PM Narendra Modi Biopic

राज एक्सप्रेस। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चुनाव आयोग के सामने ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी’ (PM Narendra Modi Biopic) की बायोपिक पीएम नरेंद्र मोदी की स्क्रीनिंग की गई। इस स्क्रीनिंग में चुनाव आयोग के सात अधिकारी मौजूद थे। स्क्रीनिंग के बाद चुनाव आयोग की टीम रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के पास सब्मिट करेगी, जिसके बाद ही फिल्म के रिलीज पर फैसला लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, फिल्म देखें चुनाव आयोग:

गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से कहा था, वह विवेक ओबेराय स्टारर इस फिल्म को देखकर फैसला करे कि, फिल्म को बैन किया जाना है या नहीं। साथ में यह भी कहा गया था कि, फिल्म देखने के बाद सोमवार तक अपना पक्ष सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में जमा करे। फिल्म के मेकर्स की ओर से वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट में दलील दी कि, चुनाव आयोग ने बिना फिल्म देखे, फिल्म को बैन करने का फैसला कर दिया है।

19 अप्रैल को सौंपेगा अपना निर्णय

सूत्रों ने जानकारी दी कि फिल्म की स्क्रीनिंग काफी देर चली, क्योंकि अधिकारियों ने इस पर विभिन्न आयामों से विचार-विमर्श किया। अब चुनाव आयोग फिल्म पर प्रतिबंध को जारी रखने या नहीं रखने के अपने निर्णय से उच्चतम न्यायालय को अवगत कराएगा। वह इस संबंध में 19 अप्रैल को एक सील बंद लिफाफे में अपना निर्णय न्यायालय को सौंपेगा। न्यायालय ने सोमवार को इस संबंध में चुनाव आयोग को फिल्म देखकर निर्णय करने का निर्देश दिया था।

चुनाव आयोग ने लगा थी रोक:  

चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन पर आधारित इस फिल्म पर चुनाव आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए रोक लगा दी थी। विपक्षी दलों की शिकायत पर आयोग ने इसके प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी। मोदी पर आधारित बायोपिक को चुनाव के दौरान प्रदर्शित करने का मकसद बीजेपी को चुनावी फायदा पहुंचाना है, इसलिए चुनाव के दौरान इसके प्रदर्शन की अनुमति देने से चुनाव आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने दिए इलेक्शन कमीशन को निर्देश:

इस पर फिल्म के मेकर्स ने कहा था कि, लोकतंत्र में, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण होती है, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से अपनी फिल्म को एक राजनीतिक प्रोपेगेंडा की तरह नहीं, बल्कि प्रेरणादायी कहानी के तौर पर देखने का आग्रह किया था। फिल्म के मेकर्स ने कहा था कि, भारत के सभी नागरिकों को न्याय के लिए अपील करने का अधिकार है और एक निर्माता के तौर पर हम वही कर रहे हैं। यह फिल्म हम सबके लिए विशेष है और हम चाहते हैं कि दुनिया इसे देखे। 10 अप्रैल को फिल्म के प्रीमियर से कुछ घंटे पहले चुनाव आयोग द्वारा फिल्म पर पाबंदी लगाने का नोटिस पाकर हम चौंक गए थे। हम सुप्रीम कोर्ट से इस फिल्म को रिलीज करने की इजाजत देने की अपील कर रहे हैं। न्यायालय का जो भी आदेश होगा, हम उन सभी नियमों और निर्देशों का पालन करेंगे, हम कानून के विरुद्ध नहीं जाएंगे।

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