लोकसभा चुनाव 2019 : छोटे मैदान में अखिलेश पर बड़ी फतह की चुनौती

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Akhilesh Challenge

राज एक्सप्रेस, मेरठ। 2019 लोकसभा चुनाव में एसपी और बीएसपी गठबंधन के साथ मैदान में हैं। ऐसे में एसपी के खाते में इस बार आधी से भी कम सीटें हैं। इन सीटों पर अखिलेश यादव का काफी कुछ दांव पर है। ऐसे में उनके सामने बेहतर प्रदर्शन की चुनौती (Akhilesh Challenge) है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव उर्फ टीपू के सामने 2019 लोकसभा चुनाव में गठबंधन के चलते यूपी की आधी से भी कम सीटों पर चुनाव लड़ने के चलते इस बार बड़ी फतह का दबाव भी होगा। 2014 में एसपी यूपी में 5 सीटों पर जीत दर्ज कर सकी थी। हालांकि, इस बार पार्टी को बीएसपी के साथ गठबंधन के बाद बेहतर परिणाम की उम्मीद है।

गाजियाबाद सीट पर कड़ी परीक्षा (Akhilesh Challenge):

दरअसल, पहले फेज की जिन 8 सीटों (मेरठ, बागपत, गौतमबुदधनगर, गाजियाबाद, बिजनौर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, कौराना) पर चुनाव होना है, 2014 में इन सभी सीटों पर एसपी के उम्मीदवार मैदान में थे। हालांकि तब मोदी लहर और वेस्ट यूपी में उभरे स्थानीय समीकरणों के चलते कोई भी उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका था। इस बार बीएसपी से गठबंधन के चलते 8 में से सिर्फ 2 सीट कैराना और गाजियाबाद से एसपी चुनाव लड़ेगी।

ऐसे में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश पर दबाव रहेगा कि, वह दोनो सीटें जीत सकें। कैराना पर सियासी जानकार गठबंधन की जमीन मजबूत आंक रहे हैं। ऐसा इसलिए भी है कि, कैराना सीट पर गठबंधन उपचुनाव में जीत चुका है। दूसरे वहां एमएलए भी एसपी का ही है। उधर, गाजियाबाद सीट पर एसपी का मजबूत आधार नहीं रहा। वहां पार्टी को कड़ी मेहनत करनी होगी। एसपी के पास अपना कोई बड़ा चेहरा भी गाजियाबाद सीट पर फिलहाल तक नहीं है, यह कमजोर कड़ी साबित हो सकती है।

  • यूपी की आधी से भी कम सीटों पर चुनाव लड़ रही एसपी, ऐसे पर अच्छे प्रदर्शन का दबाव
  • पश्चिमी यूपी की सीटों पर एसपी-बीएसपी गठबंधन मजबूत, इस बार बेहतर की उम्मीद
  • बीएसपी सुप्रीमो मायावती पर भी पहले फेज की 8 सीटों पर बड़ी जीत दर्ज करने की चुनौती

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