रथ यात्रा पर रोक को लेकर अमित शाह ने कहा BJP से डरी हुयी है ममता बनर्जी

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BJP Rath Ytra West Bengal

राज एक्सप्रेस, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने आज आरोप लगाया कि, पश्चिम बंगाल के लोग सत्तारुढ तृणमूल कांग्रेस के दमन और अत्याचार के कारण सत्ता में बदलाव चाहते हैं, जबकि राज्य सरकार लोकतंत्र का गला घोंटने पर आमादा है। भाजपा (BJP) अध्यक्ष अमित शाह ने आज संवाददाता सम्मेलन में कहा कि, उनकी पार्टी लोकसभा चुनाव की तैयारी और संगठन के विस्तार को लेकर, पश्चिम बंगाल में 7 ,9 और 14 दिसंबर को ‘रथ यात्रा’ (BJP Rath Ytra West Bengal) निकालना चाहती थी, लेकिन इसकी अनुमति नहीं दी गयी। वोटबैंक और तुष्टिकरण की राजनीति में शामिल प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी।

पश्चिम बंगाल की जनता बदलाव चाहती:

उन्होंने जोर देकर कहा कि, राज्य में ‘रथ यात्रा’ जरुर निकाली जायेगी और इस पर लगी रोक की लड़ाई उच्चतम न्यायालय में लड़ी जायेगी। उन्होंने कहा कि, 7 साल के तृणमूल कांग्रेस के कुशासन से जनता उब चुकी है और वह इसमें बदलाव चाहती है। राज्य के गांव-गांव में लोग राज्य सरकार के दमन और अत्याचार से तबाह हो गये हैं और इस स्थिति से CM ममता बनर्जी डरी हुयी है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि, उनकी पार्टी सुश्री बनर्जी के दमन से डरती नहीं है और उसके अलोकतांत्रिक क्रियाकलापों का, जमकर विरोध करेगी तथा 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी विजयी होगी।

सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है:

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बीजेपी अध्यक्ष की कूचबिहार से प्रस्तावित ‘रथ यात्रा’ को अनुमति देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया कि, इससे सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। राज्य सरकार के महाधिवक्ता (एजी) किशोर दत्ता ने बृहस्पतिवार को कलकत्ता हाईकोर्ट को यह जानकारी दी। किशोर दत्ता ने अदालत को बताया कि, कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक ने शुक्रवार से बीजेपी अध्यक्ष की प्रस्तावित रथयात्रा को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।

‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ में ‘रथ यात्राएं’ शामिल:

भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष अमित शाह का राज्य में पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ रैली’ आयोजित करने का कार्यक्रम है, जिसमें तीन ‘रथ यात्राएं’ शामिल हैं। राज्य सरकार ने कहा है कि, इस यात्रा से सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। दत्ता ने कहा कि, जिला में सांप्रदायिक मुद्दों का एक इतिहास रहा है और वहां से ऐसी सूचना है कि, सांप्रदायिकता को उकसाने वाले कुछ लोग और उपद्रवी तत्व वहां सक्रिय हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा अनुमति देने से इनकार करने संबंधी पत्र में उल्लेख किया गया है कि, बीजेपी के कई शीर्ष नेताओं के साथ-साथ अन्य राज्यों से भी लोग कूचबिहार आएंगे। पत्र में जोर दिया गया है कि, इससे जिले की सांप्रदायिक संवेदनशीलता प्रभावित हो सकती है।

BJP ने शांतिपूर्ण यात्रा की दी दलील:

दूसरी ओर BJP ने न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती की पीठ को बताया कि, वह शांतिपूर्ण यात्रा करेगी। बीजेपी अपनी तीन रैलियों के लिए राज्य सरकार को अनुमति देने की मांग को लेकर अदालत गई है। इस पर न्यायाधीश ने पूछा कि, अगर कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? जवाब में बीजेपी के वकील अनिंद्य मित्र ने कहा कि, पार्टी एक शांतिपूर्ण रैली आयोजित करेगी लेकिन, कानून और व्यवस्था को बनाए रखना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। लोकसभा चुनाव 2019 के मद्देनजर पश्चिम बंगाल की 42 लोकसभा सीटों पर बीजेपी की निगाह है। इन्हीं सीटों पर मजबूत पकड़ करने के लिए बीजेपी के प्रस्तावित कार्यक्रम को मंजूरी न मिलने से पार्टी को बड़ा झटका माना जा रहा है।

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