मां-बाप को भी इंसान समझो -आयुष्मान खुराना

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Ayushmann Khurrana

बॉलीवुड एक्सप्रेस। इन दिनों एक्टर आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana) अपनी फिल्म ‘बधाई हो’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। उनकी यह फिल्म 19 अक्टूबर 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हाल ही में फिल्म से जुड़े एक प्रमोशनल इवेंट में हमारी मुलाकात आयुष्मान से हुई और हमने उनसे उनकी फिल्म के बारे में काफी कुछ पूछा। पेश हैं हमारी बातचीत के प्रमुख अंश।

फिल्म अंधाधुन की सफलता से कितने खुश हैं ?

मैं काफी खुश हूं क्योंकि ‘अंधाधुन’ के लिए मैंने काफी मेहनत की थी और जब फिल्म सफल हो जाती है तो अच्छा लगता है। मैं व्यक्तिगत तौर पर भी चाहता था कि मेरी यह फिल्म चले क्योंकि यह मेरी पहली सस्पेंस थ्रिलर फिल्म थी। अब बस यही चाहता हूं कि दर्शकों ने जिस तरह ‘अंधाधुन’ को प्यार दिया है उसी तरह बधाई हो को भी दें।

फिल्म ‘बधाई हो’ क्या है ?

मां-बाप को भी इंसान समझो -आयुष्मान खुराना (Ayushmann Khurrana)हमारी यह फिल्म एक रोमांटिक कॉमेडी है और यह फिल्म 50 साल की उम्र में गर्भवती हुई मां पर बेस्ड है। जब किसी घर में एक 50 साल की औरत गर्भवती हो जाती है तो उस परिवार को समाज में किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है और उन्हें समाज के लोग किस नजर से देखते हैं, बस फिल्म में यही सब दिखाया गया है।

फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताएं ?

फिल्म में मेरे किरदार का नाम नकुल कौशिक है जो मेरठ से दिल्ली आया है। वह एक कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करता है। ऑफिस में अंग्रेजी में बात करता है लेकिन अपने हरियाणवी दोस्तों के साथ वह हरियाणवी बन जाता है। घर में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा होता है, तभी अचानक उसके पिता उसे बताते हैं कि उसकी मां प्रेग्नेंट हैं। यह खबर सुनकर वह चौंक जाता है और उसे समझ नहीं आता है कि अब वह क्या करे।

आपने विक्की डोनर, शुभ मंगल सावधान और बरेली की बर्फी जैसी उम्दा फ़िल्में की, इस तरह की फ़िल्में आपको कैसे मिल जाती हैं ?

सच कहूं तो मैं खुद ऐसी फ़िल्में नहीं खोजता, इस तरह की फ़िल्में मुझे खुद ही मिल जाती हैं। मेरे ख्याल से मैं इस मामले में लकी हूं। एक मिडिल क्लास परिवार में अगर मेरी तरह जवान बेटे को यह बता दिया जाए कि उसकी मां प्रेग्नेंट है तो बड़ी ही फनी सिचुएशन हो जाती है। पुराने जमाने में यह होता था। 50 साल की औरतें भी प्रेग्नेंट हो जाती थीं। अब ऐसा नहीं होता, अब पॉसिबल नहीं है। मेरे परिवार में मेरी सासू मां के साथ ऐसी सिचुएशन हुई थी जब वह प्रेग्नेंट थीं तब उनकी मां यानी हमारी नानी अपने लास्ट बच्चे के साथ प्रेग्नेंट थीं।

आपकी फिल्म बधाई हो क्या संदेश दे रही है ?

हमारी फिल्म यह संदेश दे रही है कि मां-बाप को भी इंसान समझो। वो भी प्यार करते हैं। उन्हें भी युवाओं की तरह सेक्स करने का हक है। अगर मां प्रेग्नेंट हो जाती है तो बेटे को इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए।

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