पतित पाविनी को हर हाल में दिलाएंगे प्रदूषण से मुक्ति : गडकरी

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Nitin Gadkari
बागपत में गंदे पानी को साफ करने के लिए 100 करोड़ रुपए की परियोजना की घोषणा: Nitin Gadkari

बागपत। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प दोहराते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने मंगलवार को कहा कि, इस साल के आखिर तक 70-80 फीसदी गंगा को स्वच्छ बना दिया जाएगा। श्री गडकरी ने कहा कि, गंगा की सफाई का काम तेजी से चल रहा है और इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हम गंगा को 70 से 80 प्रतिशत तक शुद्ध करके दिखाएंगे।

100 करोड़ रूपये की परियोजना की घोषणा

उन्होंने बागपत में गंदे पानी को साफ करने के लिए 100 करोड़ रूपये की परियोजना की घोषणा की, जिसके बाद बागपत की नदियों, नालो, नालियों से निकलने वाला गंदा पानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये साफ होकर यमुना में जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्र सरकार ने गंगा की सफाई पर विशेष ध्यान दिया है। गंगा को प्रदूषित कर रहे 251 उद्योगों को बंद किया जा चुका है और 938 उद्योगों से निकलने वाले गंदगी की मॉनिटरिंग की जा रही है।

गंगा के पूरे मार्ग में 211 बड़े नालों की पहचान की गई है, जो इस नदी को प्रदूषित कर रहे है। गंगा नदी को साफ करने के ‘नमामि गंगे मिशन’ के तहत अब तक 195 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि सड़कें अच्छी होंगी तो विकास की गति भी तेज होगी। नई सड़क परियोजनाओं से दिल्ली और मेरठ की दूरी महज 40 मिनट में सिमट कर रह जाएगी, जबकि पहले इस दूरी को पूरा करने में तकरीबन चार घंटे लगते थे।

गंगा को निर्मल रखने कोर्ट ने उठाए कड़े कदम

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हरिद्वार के साथ ही गंगा की निर्मलता और स्वच्छता को बनाये रखने के लिए स्थानीय प्रशासन को मंगलवार को कई महत्वपूर्ण आदेश दिये। कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को कहा कि, वह यह सुनिश्चित करे कि गंगा में बिना उपचार के सीवर न बहे। कोर्ट ने एक माह के अंदर घाटों पर 25 चेजिंग रूम बनाने को भी कहा है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और जस्टिस मनोज कुमार तिवारी की युगल पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद ये आदेश दिये हैं। युगल पीठ ने नगर निगम को गंगा घाटों की सफाई हर तीन घंटे में करने का आदेश दिया है। पीठ ने घाटों पर सफाई सुनिश्चित करने के लिए हरिद्वार के जिलाधिकारी को नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया है।

न्यायालय ने गंगा घाटों पर निर्मित होने वाले शौचालयों का निर्माण एक माह के अंदर करने और उन्हें मुख्य सीवर लाइन से जोड़ना सुनिश्चित करने तथा एक माह के अंदर गंगा घाटों पर चेजिंग रूम बनाने का भी आदेश दिया है। न्यायालय ने तीर्थ होटल और नयी सोता के बीच सीवर के नालों में बहने को गंभीरता से लेते हुए इन्हें 72 घंटे के अंदर सील करने को कहा है। न्यायालय ने इसके लिए जिम्मेदार लोगों के चालान करने को भी कहा है।

न्यायालय ने चोटीवाला होटल के सामने बहने वाले नाले की नियमित सफाई करने तथा नाले को पूरी तरह से कवर करने का भी आदेश दिया है। युगल पीठ ने कुश घाट पर आवरा पशुओं के घूमने पर भी निगम को रोक लगाने को कहा है। साथ ही पीठ ने सिंचाई विभाग को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि रोडीवेलवाला में फैले कचरे को 48 घंटे के अंदर हटाया जाए।

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