भारतीय वायु सेना को राफेल और एस- 400 मिसाइल की जरूरत- बी एस धनोआ

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BS Dhanoa

नई दिल्ली। राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लेकर विपक्ष केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेर रही है और इस राफेल डील पर मचे घमासान के बीच वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी एस धनोआ (BS Dhanoa) ने आज 12 सितंबर को एक सेमीनार में कहा कि, किसी भी देश को उस तरह के ‘गंभीर खतरे’ का सामना नहीं करना पड़ रहा, जिस तरह से भारत देश कर रहा है और उसे देखते हुए भारतीय वायु सेना को राफेल जैसे विमान और रूसी सुरक्षा प्रणाली एस- 400 की जरूरत है।

एयर चीफ मार्शल ने बुधवार को कहा कि, दुनिया में सिर्फ 2 ही देश दक्षिण कोरिया तथा इजरायल ही अपने- अपने क्षेत्रों में भारत जैसे खतरे का सामना कर रहे हैं, लेकिन इन दोनों ने ही अपनी वायु सेना को बेहद मजबूत बना लिया है, देश में ही बना तेजस विमान उस कमी को पूरा नहीं कर सकता, जिसका सामना वायु सेना कर रही है और इस कमी को पूरा करने के लिए राफेल जैसे अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी से लैस विमान की आवश्‍यकता है।

भारतीय वायु सेना को 42 स्क्वैड्रन की जरूरत

वे यहां नहीं रूके बी एस धनोआ ने आगे भी बहुत सी बातें कहीं, उन्‍होंने कहा कि, समय की जरूरत है कि, भारतीय वायु सेना को, पड़ोसी देशों की ताकत को देखते हुए मजबूत बनाया जाना चाहिए। पाकिस्तान और चीन की हवाई ताकत का उल्लेख करते हुए उन्होंने यह भी कहा कि, भारतीय वायु सेना को 42 स्क्वैड्रन की जरूरत है, लेकिन उसके पास सिर्फ ओर सिर्फ 31 स्क्वैड्रन है और पाकिस्तान निरंतर अपनी ताकत को बढ़ा रहा है, उसके पास लड़ाकू विमानों के 20 से अधिक स्क्वैड्रन हैं, जिनमें उन्नत एफ-16 भी हैं और वह चीन से बड़ी संख्या में जे- 17 विमान हासिल कर रहा है। चीन के पास 1700 से ज्यादा लड़ाकू विमान हैं, जिनमें 800 चौथी नयी पीढी के लड़ाकू विमान हैं।

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने आगे कहा- 

यदि भारत के पास लड़ाकू विमानों के 42 स्क्वैड्रन भी हो जाते हैं तो भी वह दोनों की ताकत का मुकाबला नहीं कर सकता, हालांकि वायु सेना इससे पहले कई बार कह चुकी है कि, वह एक साथ 2 मोर्चों पर आपात स्थिति से निपटने में सक्षम है। फ्रांस से राफेल विमानों के केवल 2 स्क्वैड्रन खरीदे जाने पर धनोआ ने कहा कि, यह वायु सेना की तात्कालिक जरूरतों को पूरा करने के लिए है और इससे पहले भी विमानों के 2 स्क्वैड्रन खरीदे गये हैं। इस संदर्भ में उन्होंने रूस से मिग- 29 विमानों के 2 स्क्वैड्रन तथा फ्रांस से मिराज लड़ाकू विमानों के 2 स्क्वैड्रन खरीदे जाने का उल्लेख किया।

आपको बता दें कि, मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार द्वारा फ्रांसिसी कंपनी डसाल्ट एवियेशन से 126 राफेल विमानों की खरीद के सौदे को रद्द कर सीधे फ्रांस सरकार से उड़ने की हालत में तैयार 36 विमानों की खरीद का सौदा किया है। कांग्रेस इस सौदे में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कह रही है कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस सौदे में अपने एक उद्योगपति मित्र को फायदा पहुंचाया है।

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