सद्भावना दिवस (Sadhbhawna Diwas) हर साल 20 अगस्त को मनाया जाता हैं। क्योंकि इस दिन भारत के दिवंगत भूतपूर्व प्रधान मंत्री राजीव गाँधी जी की जयंती रहती हैं। इस साल राजीव गाँधी जी की 74 वीं वर्षगांठ मनाई जा रही हैं। उनका एकमात्र मिशन था दूसरों के प्रति हमेशा अच्छी भावना रखना। उनकी ही याद में सद्भावना दिवस मनाया जाता हैं। भारत के सभी धर्मों के लोगों के बीच सामुदायिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, शांति, प्यार, लगाव और भाईचारा हमेशा बना रहे इसलिए यह दिवस मनाया जाता हैं।

सद्भावना दिवस का महत्व

राजीव गाँधी जी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना देखा था। उन्होंने देश की भलाई और विकास के लिए अनेक कार्य किये थे। राजीव गाँधी भारत देश के युवा नेता और प्रधानमंत्री थे। सद्भावना दिवस पर देश के विकास के लिये कह गये उनके भाषणों के उत्साहयुक्त और प्रेरणादायी शब्द हमेशा याद किये जाते हैं। उनके कहे गए एक-एक शब्द बहुत ही प्रेरणादायक होता था, जो आज भी देश के युवाओं को भारत का नेतृत्व करने के लिये प्रेरित करता है। वे भारत के सातवें प्रधानमंत्री थे। राजीव गाँधी जी बहुत ही सरल स्वभाव और धैर्यवान व्यक्ति थे। उन्होंने देश को आधुनिकता की ओऱ अग्रसर किया। राजीव गाँधी ने कई फैसले और परिवर्तन कर युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए राजनीति को बहुत ही सरल और आसान तरीके से चलाया।

Sadhbhawna Diwasकैसे मनाया जाता है सद्भावना दिवस

वैसे तो हम सभी जानतें हैं कि, सद्भावना एक अर्थ दूसरों के प्रति अच्छी सद्भावना रखने से हैं। हमें भी राजीव गाँधी जी के कहे गए प्रेरणादायक भाषण पर अमल करना चाहिए। सद्भावना दिवस के दिन भारत भर में श्री राजीव गांधी की प्रतिमा को माला पहना कर श्रद्धांजलि दी जाती है। इस अवसर पर भारत के अलग-अलग राज्यों में कई प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की जाती हैं। इस समारोह में कई नेता, करीबी सहभागी और दिवंगत PM के परिवार के सदस्य उपस्थित रहते है। हर साल 20 अगस्त को सद्भावना दिवस पर काँग्रेस पार्टी द्वारा केक काटकर मनाया जाता है।

हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री भूपेन्द्र गंगवा ने बताया कि, राजीव गांधी सरकार का एकमात्र मिशन दूसरों के लिए अच्छी भावना रखना था। इस साल कांग्रेस पार्टी द्वारा गरीब बस्तियों में फल वितरित किए जाएंगे। इस मौके पर आयोजित गोष्ठी में कांग्रेसियों ने स्वर्गीय राजीव गांधी को आधुनिक भारत का निर्माता बताते हुए भावभीनी कृतज्ञता अर्पित की। इस अवसर पर कांग्रेस सेवादल के मुख्य संगठक देशराज मेहरा के नेतृत्व में पौधारोपण भी किया गया। कई स्कूलों और कॉलेजों द्वारा जिले स्तर पर रैली भी निकाली जाती हैं। यह भारत के लिए विशेष दिन हैं, लेकिन इस दिन राष्ट्रीय छुट्टी नहीं होती हैं। जहाँ श्री राजीव गांधी का अंतिम संस्कार किया गया था उसे वीर भूमि कहा जाता है।

सद्भावना दिवस की प्रतिज्ञा

सद्भावना दिवस की प्रतिज्ञा में बोला जाता हैं कि, देश का प्रत्येक नागरिक क्षेत्र, धर्म और भाषा पर ध्यान ना देते हुए भारत के सभी लोग भावनात्मक एकात्मकता और सद्भावना के लिये कार्य करेगा। वो इन सब भेद को न देखते हुए इंसानियत को सबसे ऊपर रखेगा। अपने देश के संविधान की रक्षा करते हुए, सभी धर्मों और जाति के बिच की दुरी को कम करने की कोशिश करूंगा। मैं ये पूरी गंभीर प्रतिज्ञा लेता हूँ और मैं कसम खाता हूँ कि, बिना हिंसा के संवैधानिक साधनों और बातचीत के द्वारा एक-दूसरे के बीच की दूरियों को अवश्य समाप्त कर दूँगा।

राजीव गाँधी राष्ट्रीय सद्भावना पुरस्कार प्राप्तकर्ता के नाम

मदर टेरेसा, सुनील दत्त, लता मंगेशकर, उस्ताद बिस्मिल्लाह खाँ, के.आर.नारायण, जगन नाथ कौल, दिलीप कुमार, मौलाना वहीउद्दीन खाँ, कपिला वात्सायन, मुहम्मद युनस, हितेश्वर साईकिया और सुभद्रा जोशी, निर्मला देशपांडे, तीस्ता सीतलवाड़, हर्ष मंडेर, एस एन सुब्बाराव, स्वामी अग्निवेश, एन राधाकृष्णन, डी.आर.मेहता, हेम दत्ता, मुजफ्फर अली (भारत के नामी फिल्कार), गौतम भाई, स्पिक मैके आदि।

Sadhbhawna DiwasPM मोदी जी सहित सोनिया गांधी, राहुल गांधी, ममता बनर्जी और मनमोहन सिंह ने राजीव गांधी को किया याद

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर स्मरण किया।
  • श्री मोदी ने ट्वीट किया, हमारे पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जयंती पर उन्हें नमन। देश के लिए उनका योगदान हमें स्मरणीय है।
  • संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें नमन किया।
  • श्रीमती गांधी, श्री राहुल गांधी , डॉ सिंह, प्रियंका गांधी और उनके पति रावर्ट बढेरा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद तथा अन्य पार्टी कार्यकर्ता वीर भूमि पहुंचे और पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किये।
  • श्री राहुल गांधी ने ट्वीट किया, श्री राजीव गांधी एक सहृदयी, सौम्य और स्नेही शख्सियत थे, जिनके असामयिक निधन ने मेरे जीवन में गहरी शून्यता छोड़ी है। मुझे उनके साथ बीते दिन याद है। हमारी खुशकिस्मती थी कि उनके जीवित रहने के दौरान हमने कई जन्मदिन साथ मनाये। मैं उनकी कमी महसूस करता हूं, लेकिन उनकी यादें हमेशा साथ रहेंगी।
  • पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर याद किया। सुश्री बनर्जी ने ट्विटर पर कहा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी जी की जयंती पर हम उन्हें स्मरण करते हैं।
  • पुड्डुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी, उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों, विधानसभा अध्यक्ष वी वैथिलिंगम, विधायकों और क्षेत्रीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य ने इल्लापिल्लईचेवेदी में पूर्व प्रधानमंत्री की जयंती पर याद किया और उनकी प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किये। इस अवसर पर सर्वधर्म प्रार्थनाएं आयोजित की गयी।

Sadhbhawna Diwasराजीव गाँधी को मृत्यु के बाद मिला “भारत रत्न”

Rajiv Gandhi का जन्म 20 अगस्त 1944 को मुंबई में गाँधी परिवार में हुआ। उनके पिता का नाम फिरोज गाँधी, माता का नाम इंदिरा गांधी, नाना जी का नाम जवाहरलाल नेहरू और नानी का नाम कमला नेहरू था। वर्ष 1961 में आगे की पढ़ाई के लिए वे लंदन चले गये। दिल्ली में फ्लाइंग क्लब से पायलट की ट्रेनिंग ली। लंदन में राजीव गांधी की मुलाकात एन्टोनिया माईनो (सोनिया गाँधी) से हुई और सन 1969 में दोनों ने शादी कर ली।

राजीव गांधी की राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं थी। सन 1984 में इंदिरा गांधी की मौत के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने पार्टी की सारी जिम्मेदारी राजीव गांधी को दे दी। 21 मई 1991 की रात करीब 10 बजे के आस-पास वे रैली स्थल पर पहुंचे और सबका अभिवादन किया। इसी बीच राजीव गांधी जी को एक महिला माला पहनाने आई और अपने कमर से बंधे बम का बटन दबा दिया। जिससे जोरदार बम ब्लास्ट हुआ और सब-कुछ तहेस नहेस हो गया। इस बम धमाके में राजीव गांधी की मौत हो गई। उनकी मृत्यु के बाद उन्हें “भारत रत्न” से भी सम्मानित किया गया था।

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