धार्मिक पर्व सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम, विश्वनाथ मंदिर में हाजिरी लगाएंगे एक लाख श्रद्धालु

लखनऊ। देवाधिदेव शिव के प्रिय सावन माह के चौथे और आखिरी सोमवार के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के मद्देनजर काशी, अयोध्या और इलाहाबाद समेत उप्र के तमाम क्षेत्रों के प्रमुख शिवालयों में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किए गए हैं। पुरोहितों के अनुसार सावन मास का चौथा और अंतिम सोमवार श्रद्धालुओं के आर्थिक कष्टों का निवारण करने वाला है। इस रोज भगवान शंकर की आराधना करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी वहीं, कार्यक्षेत्र समेत जीवन के दूसरे क्षेत्रों में आने वाली बाधाओं का भी निवारण हो जाएगा।

Vishwanath Jalabhishek

शिव की नगरी वाराणसी के जग विख्यात बाबा विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक (Vishwanath Jalabhishek) और पूजन दर्शन के लिये श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। आखिरी सोमवार को विश्वनाथ दरबार में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के हाजिरी लगाने का अनुमान है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी है। दशाश्वमेध घाट और मणिकार्णिका घाट पर स्नानार्थियों की बड़ी तादाद के मद्देनजर जल पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर निगाह रखे हुए है। रविवार देर रात से स्नानार्थियों के स्नान ध्यान का क्रम जारी होने का अनुमान है जिसके बाद भक्त कतारबद्ध होकर तड़के से ही बाबा का जलाभिषेक करेंगे। वाराणसी के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वीआईपी दर्शन का समय शाम चार से छह बजे तक निर्धारित किया गया है।

Vishwanath Jalabhishek

भगवान महाकाल की चौथी सवारी आज

उज्जैन। प्राचीन धार्मिक नगरी उज्जैन में परंपरागत तरीके से श्रावण भादौ महीने के प्रत्येक सोमवार को निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर भगवान श्री उमा-महेश के रूप में अपने भक्तों को दर्शन देगें। श्रावण माह के चौथे सोमवार को शाम चार बजे परम्परानुसार बाबा महाकाल की चौथी सवारी निकाली जाएगी, जिसमें पालकी में श्री चन्द्रमौलीश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, बैलगाड़ी में गरूड़ पर शिव-ताण्डव एवं बैल पर श्री उमा-महेश के स्वरूप में विराजमान होकर उज्जैन की प्रजा का हाल जानने निकलेगें। भगवान की सवारी मंदिर से प्रारंभ होकर प्रमुख मार्गों से होते हुए पवित्र क्षिप्रा नदी के रामघाट पहुचेंगी। वहां पूजन और जलाभिषेक होने के बाद पुन: शहर के सवारी मार्ग होते हुए मंदिर पहुंचेगी।

आज निकालेंगे शाही सवारी, तैयारियां पूरी :

सोमवार को दोपहर को भवानी माता चौक से शाही सवारी निकाली जाएगी। डीजे, ढोल-ढमाको, ताशे के साथ भूतों की बारात, अखा? आदि के साथ पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण करेंगे। रात को बाजार चौक में बीसा नीमा समाज के सहयोग के हरि-हर मिलन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें मुख्य मार्ग से भगवान काशीविश्वनाथ एवं गोपाल मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण पालकी में सवार होकर मुख्य मंच पर पहुंचेंगे जहां हरि-हर मिलन होगा। भगवान श्रीकृष्ण एवं शिवजी की आरती के पश्चात पालकी काशीविश्वनाथ मंदिर पहुंचेगी। वहां आरती पूजन के साथ समापन होगा।

Vishwanath Jalabhishek

आज देंगे उमा-महेश के रूप में भक्तों को दर्शन महाकालेश्वर

श्रावण माह के चौथी सवारी सोमवार सायं 04 बजे परम्परानुसार बाबा महाकाल की चौथी सवारी निकाली जायेगी। जिसमें पालकी में चन्द्रमौलीश्वर, हाथी पर मनमहेश, बैलगाड़ी में गरूड़ पर शिव-तांडव एवं बैल पर उमा-महेश के स्वरूप में विराजमान होकर प्रजा का हाल जानने निकलेगें। महाकालेश्वर जी की सवारी महाकाल मंदिर से प्रारंभ होकर महाकाल रोड, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। जहां पूजन होने के बाद सवारी परम्परागत मार्ग से होती हुई महाकालेश्वर मंदिर में वापस आयेगी। सवारी के पूर्व मंदिर के सभामंडप में महाकालेश्वर भगवान का पूजन किया जायेगा। उसके बाद सवारी नगर भ्रमण पर रवाना होगी। इसके अलावा किसी भी तरह का वीआईपी दर्शन नहीं कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन को यह निर्देश दिया गया है कि वह श्रद्धालुओं की सुविधा का पूरा ध्यान रखे।

महेश्वर में भगवान काशी विश्वनाथ ने किया नौका विहार

Vishwanath Jalabhishek

महेश्वर। धार्मिक नगरी में सोमवार को दयालु मित्र मंडल के तत्वावधान में निकलने वाली भगवान काशी विश्वनाथ की शाही सवारी के पूर्व रविवार की शाम को भगवान ने नौका विहार किया। भगवान के 11 किलो रजत मुखौटे को पहले पालकी में सवार कर काशी विश्वनाथ घाट लाया गया। यहां दूध एवं रेवा जल से भगवान का अभिषेक पं. अरविंद पुराणिक के सानिध्य में हुआ। इस दौरान गृह सचिव केदार शर्मा ने सपत्नीक भगवान का अभिषेक-पूजन किया। इसके बाद भगवान को मां रेवा नौका विहार केवट समाज समिति द्वारा विशेष रूप से बनाई एवं सजाई गई नौका में विराजित किया गया। इस दौरान ढोल-ताशों के साथ अन्य नावें भी भगवान की नाव के साथ चल रही थी।

रत्न जड़ित झूले में आज झूलेंगे बाबा बटेश्वर

Vishwanath Jalabhishek

भोपाल। राजधानी के पुराने शहर स्थित बाबा बटेश्वर का सोमवार को रजत श्रृंगार किया जाएगा। श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति एवं ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रावण महोत्सव के चौथे एवं अंतिम सोमवार पर बाबा बटेश्वर को रत्न जडित साफा पहनाकर मां गौरा के साथ रत्न जड़ित झूले में झुलाया जाएगा। समिति के संजय अग्रवाल एवं प्रमोद नेमा ने बताया कि गर्भ गृह में चारों तरफ कपड़े के साथ रत्न जड़ित झूला लगाया जाएगा। यह झूला खुशहाली का प्रतीक है, वही गर्भ गृह के बाहर अशोक सहित अन्य वृक्षों की सजावट कर हरियाली से खुशहाली का संदेश दिया जाएगा।

लड्डू गोपाल के साथ श्री बाल हनुमान के दिव्य दर्शन होंगे। सोमवार को रात्रि 9.00 बजे महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद भजन संध्या होगी, जो देर रात्रि तक चलेगा। कल रात्रि 2.00 बजे शयन आरती होगी। श्रद्धालुओं से इस अवसर पर अधिक से अधिक महाआरती में शामिल होने की अपील की गई है।

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