Recipes: दक्षिण भारतीय व्‍यंजन मेदू वड़ा (Medu Vada) कैसे बनाए जानिए

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Medu Vada

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि मेदू वड़ा (Medu Vada) कैसे बनाया जाता हैं। मेदु वड़ा दक्षिण भारत का पारंपरिक व्‍यंजन हैं। जो ना केवल रोज़ के खाने को दर्शाता है, साथ ही यह त्यौहारों और पुजा के दिनों में परोसे जाने वाला एक खास व्यंजन हैं। सांबर वड़ा को उड़द की दाल या उड़द और मूंग दाल मिला कर, या चना दाल मिला कर भी बनाया जाता हैं। मेदू वड़ा को घर में बनाना बहुत ही आसान हैं। इसका स्‍वाद भी लाजवाब होता हैं। तो चलिए बनाए मेदू वड़ा (Medu Vada)।

मेदू वड़ा (Medu Vada) बनाने की आवश्‍यक सामग्री :

  • उड़द दाल – 200 ग्राम (धुली हुई)
  • मूंग या चना दाल – 100 ग्राम
  • नमक – स्‍वादानुसार
  • अदरक, लहसुन का पेस्‍ट – 1 चम्‍मच
  • हरी मिर्च – 4-5 (बारीक कटी हुई)
  • करी पत्‍ता – 8-10
  • हरा धनियां – 1 चम्‍मच (बारीक कटा हुआ)
  • तेल – वड़ा तलने के लिए

मेदू वड़ा (Medu Vada) बनाने की विधि :

मेदू वड़ा (Medu Vada) बनाने के लिए उड़द दाल और मूंग या चना दाल को अच्‍छी तरह धो लीजिए। अब इसे रात भर पानी में भिगोकर रख दीजिए। सुबह दाल में से पानी निकालकर अलग कर लीजिए। अब दालों को बिना पानी डाले मिक्‍सर में थोड़ा दरदरा पीस लीजिए। पिसी हुई दाल में नमक, अदरक, लहसुन का पेस्‍ट,  हरी मिर्च और हरा धनियां मिला कर अच्छी तरह मिक्‍स कर लीजिए। पिसी हुई दाल को आप जितना मिलाएँगे बड़े उतने ही मुलायम बनेंगे। मेदू वड़ा बनाने के लिये अब आपका मिश्रण तैयार हैं। मेदू वड़ा के मिश्रण से वड़ा का आकार आप अपने हाथों पर दे सकते हैं, या किसी प्लास्टिक शीट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अब मेदू वड़ा (Medu  Vada) को तलने के लिए एक कढ़ाई में तेल डालकर गैंस पर गर्म होने रख दीजिए। हाथ की उंगलियों को पानी से भिगोइए।  भीगी हुई उंगलियों से थोड़ा सा दाल का मिश्रण उठाइए।  गोल कीजिए और अंगूठे या दूसरे हाथ की उंगली को गड़ा कर एक छेद बना दीजिए। अब गर्म तेल में वड़ा तलने के लिये डालिए। कढ़ाई में तेल के हिसाब से 3-4 वड़े बनाकर एक बार में डालकर तल सकते हैं। अब वड़े को दोनों सतह ब्राउन होने तक तल कर निकाल लीजिए। सारे वड़े तल कर इसी तरह निकाल लीजिये। अब आपके मेदू वड़ा (Medu  Vada) बनकर तैयार हैं। खाने से पहले वड़े को गर्मागर्म सांबर में डालिए और फिर सर्व करिए। वड़े को नारियल की चटनी या मूंगफली की चटनी या अन्‍य चटनी के साथ भी सर्व कर सकते हैं।

उड़द दाल खाने के फायदे :

  1. बवासीर, गठिया, लकवा और दमा में भी उड़द दाल का सेवन करना लाभदायक है।
  2. इस दाल का किसी भी तरह से शरीर में प्रयोग करने से शक्ति बढ़ती हैं।
  3. यह दाल में हींग का छौंका देने से इसके गुणों में अधिक वृद्धि होती हैं।
  4. दाल को पीसकर दही में मिलाकर सेवन करने से पुरुषों के बल और धातु में बढ़ोत्तरी होती हैं।
  5. उड़द के आटे को भिगोकर सफेद दाग पर रोजाना चार महीने तक लगाने से सफेद दाग खत्म होते हैं।
  6. रात को सोने के समय सिर पर दाल का लेप करने से गंजापन दूर होकर नये बाल आने शुरू होते हैं।
  7. साबूत उड़द जले हुए कोयले पर डालें और इसका धुंआ सूंघे। इससे हिचकी खत्म हो जाती हैं।
  8. फोड़े से गाढ़ा पस निकले तो उड़द की पट्टी बांधने से लाभ होता हैं।
  9. दाल में घी मिलाकर खाने से स्त्रियों के स्तनों में पर्याप्त मात्रा में दूध की वृद्धि होती हैं।
  10. उड़द की दाल का लड्डू रोजाना सुबह खाकर ऊपर से दूध पीने से कमजोरी कम होती हैं।
  11. यह दाल छिलके सहित खाने से शरीर मोटा होता हैं।
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