Trade War: ट्रंप ने चीनी सामान के आयात पर 50 अरब डॉलर के शुल्क की दी मंजूरी, चीन ने भी दी चेतावनी

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वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आये दिन अपने किसी न किसी फैसले को लेकर चर्चा में रहतें है। इसी कड़ी में उन्होंने चीन के आयत को लेकर बड़ा फैसला लिया है। ट्रंप ने चीनी सामान के आयात पर 50 अरब डॉलर के शुल्क की मंजूरी का फैसला किया है। जिससे व्यापार युद्ध (Trade war) को लेकर चिंताजनक माहौल बनने की संभावना है।

जानतें है अमेरिकी फरमान:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से अमेरिका में जो सामान आता है उस पर आयात शुल्क 50 अरब डॉलर के फैसले को मंजूरी दे दी है। अमेरिका के व्यापार मंत्री इस सबंध में औपचारिक फैसला करेंगे। चीन की भी इस बात को लेकर जवाबी कदम उठाने की संभावना है। ट्रेड वॉर की राह पर कदम बढ़ाते हुए अमेरिका ने चीनी सामान के आयात शुल्क की मंजूरी की है।

Trade war: ट्रंप ने चीनी सामान के आयात पर 50 अरब डॉलर के शुल्क की दी मंजूरी, चीन ने भी दी चेतावनीवाणिज्य मंत्रियों से मीटिंग:

ट्रंप ने वित्त मंत्री स्टीवन नुचिन और वाणिज्य मंत्री विल्बर रॉस, व्यापार मंत्री रॉबर्ट लाइटहाइजर के साथ डेड घंटे चली मीटिंग के बाद इसको मंजूरी दी है। इस मीटिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। फैसले के बाद संसद सदस्य डीलॉरो ने कहा कि, इस शुल्क को अमेरिका द्वारा चीन जैसे गैरजिम्मेदार देशों को जवाबदेह बनाने तथा चीन की सरकार को व्यापार का अधिक अनुकूल संतुलन तय करने के लिए चर्चा की मेज तक लाने के समाधान की तरह देखा जाना चाहिए।

आयात शुल्क को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा:

डोनाल्ड ट्रंप ने आयात शुल्क को लेकर अपने बयान में कहा कि, यह शुल्क उन उत्पादों पर लगाया गया है, जिनके लिए ‘उद्योग’ के लिहाज से महत्वपूर्ण तकनीकों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने यह भी कहा कि, दोनों देशों के बीच लम्बे समय से व्यापार में असंतुलन रहा है और अब यह असहनीय है।

मेड इन चाइना 2025 योजना पर चोट:

Trade war: ट्रंप ने चीनी सामान के आयात पर 50 अरब डॉलर के शुल्क की दी मंजूरी, चीन ने भी दी चेतावनीअमेरिका के इस तरह के कदम से चीन की ‘मेड इन चाइना 2025’ योजना पर बड़ी चोट पहुंचेगी। इस योजना के तहत आर्थिक विकास की ओर बढ़ते हुए बाजारों में उच्च प्रौद्योगिकी पर आधारित उद्योगों पर प्रभाव बनाना है।
ट्रंप ने कहा कि, ‘इस शुल्क से अनुचित रूप से अमेरिकी प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा के चीन में स्थानान्तरण पर रोक लगेगी। इससे अमेरिकी रोजगार का संरक्षण होगा। इससे चीन की आर्थिक वृद्धि को तो गति मिलेगी लेकिन अमेरिका तथा कई देशों की आर्थिक वृद्धि प्रभावित भी होगी।’ इसके आलावा यह अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार रिश्तों को संतुलित बनाने की दिशा में शुरुआती कदम के रूप में काम करेगा।

चीन ने दी चेतावनी:

ट्रंप के इस कदम पर जवाब देते हुए चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने कहा, ‘अगर अमेरिका एकतरफा संरक्षणवादी रवैया अपनाता है और हमारे हितों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम तत्काल प्रभावी कदम उठाएंगे।’

चीन ने पहले भी कहा था:

चीन ने पहले भी कहा था कि, यदि अमेरिका ने 50 अरब डॉलर के सामान पर शुल्क लगाया तो वह भी 50 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पादों जैसे कार, विमान एवं सोयाबीन पर शुल्क लगाएगा। ट्रंप ने सबसे पहले मार्च में कहा था कि अमेरिका चीन के 50 अरब डॉलर के उत्पादों पर शुल्क लगाएगा। चीन द्वारा जवाबी कार्यवाही की चेतावनी के बाद ट्रंप ने चीन के 100 अरब डॉलर के अतिरिक्त उत्पादों पर शुल्क लगाने की बात की थी। बाद में मई के मध्य दोनों देशों ने इसके बारे में बातचीत शुरू की थी। हालाकि महज 10 दिन बाद अमेरिका ने कहा था कि वह शुल्क के साथ आगे बढ़ेगा।

Trade war: ट्रंप ने चीनी सामान के आयात पर 50 अरब डॉलर के शुल्क की दी मंजूरी, चीन ने भी दी चेतावनीट्रेड वॉर क्या है:

ट्रेड वॉर यानि व्यापार का युद्ध असल में यह संरक्षणवाद का परिणाम है। जब कोई देश किसी अन्य देश के साथ व्यापार पर शुल्क अधिक कर देता है और बदले में पीड़ित देश भी ऐसा ही करता है तो ट्रेड वॉर माना जाता है। दो बड़े देशों के मध्य व्यापार में ऐसी तनातनी वैश्विक व्यापार में तनाव की स्थति पैदा कर सकती है। हालांकि ज्यादातर देश अपने कारोबार को बचाने के लिए इस तरह के शुल्क लगाते हैं। इसलिए इसे संरक्षणवाद भी कहा जाता है।

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