अय्याश क्रिकेटर के सियासी दुष्कृत्य

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Imran Khan

राजएक्सप्रेस, भोपाल। पहले पाकिस्तानी क्रिकेट और अब सियासत में अहम किरदार निभाने वाले इमरान खान (Imran Khan) पर उनकी दूसरी पत्नी ने कई गंभीर आरोप लगाकर सनसनी फैला दी है। इमरान की दूसरी पत्नी रेहम खान ने जो आरोप लगाए हैं, वह इस शख्सियत के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। पाकिस्तान में इसी साल जुलाई में आम चुनाव होने हैं। अगर इमरान ने समय रहते आरोपों पर मुंह नहीं खोला, तो चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

इस्रायल के राजा सुलेमान ने क्या खूब लिखा है कि ‘हर एक बात का एक अवसर और प्रत्येक काम का, जो आकाश के नीचे होता है, एक समय है। चुप रहने का समय और बोलने का भी समय है।’पड़ोसी देश पाकिस्तान में इस साल जुलाई में आम चुनाव होने वाले हैं और इसके ठीक पहले क्रिकेटर और अब अहम सियासी किरदार इमरान खान की दूसरी पत्नी रेहम खान की किताब ‘टेल ऑल’ के कुछ अंश सामने आए है। इस किताब में इमरान खान उस रंगीले किरदार की तरह प्रस्तुत किए गए हैं, जिसे कोई बंधन पसंद नहीं है और वह अपनी पसंद और अपनी शर्तो पर जीता है। 80 और 90 के दशक में क्रिकेट के मैदान से पूरे पाक को अपनी अंगुलियों पर नचाने वाला यह खिलाड़ी अब सियासत को भी अपनी पसंद के अनुसार चलाना चाहता है, लेकिन पाकिस्तान की सियासत परंपराओं की नुमाइंदगी करती है और इमरान खान के लिए यह इतना आसान भी नहीं है। किताब में कथित तौर पर रेहम की अलग-अलग सिलेब्रिटीज के साथ बातचीत और उनकी शादी के बारे में लिखा गया है। इमरान से उनकी शादी महज 15 महीनों में ही टूट गई थी। रेहम खान ने लंदन में रहने वाले इमरान के महत्वपूर्ण सहयोगी बुखारी के बारे में यह खुलासा भी किया है कि उसने लंदन में एक युवा लड़की के गर्भपात की व्यवस्था की थी, जिसे इमरान ने प्रेग्नेंट किया था। अब नए खुलासे में रेहम ने इमरान पर बेहद संगीन आरोप मढ़ते हुए उन्हें समलैंगिक तक करार दे दिया है।

बहरहाल, ‘टेल ऑल’ की भाषा व अंतरंग खुलासों से पाकिस्तान में हंगामा तो होना ही था लेकिन कोई भी शख्स इमरान पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करने का साहस नहीं कर पाया है। यहां तक की स्वयं इमरान खान भी। रेहम के यह भी दावा किया है कि इमरान खान अपनी पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ में ऊंचा पद पाने की चाह रखने वाली सभी महिलाओं से यौन संबंधों की मांग करते हैं। दरअसल पाकिस्तान की राजनीति में अब इमरान खान एक बड़ा ब्रांड बन चुके है और देश के चार सूबों में से एक खैबर पख्तूनख्वा में उनकी सरकार भी है। पाकिस्तान की सत्ता के शीर्ष पर जाने की चाह रखने वाला यह शख्स क्रिकेट की दुनिया में नाम कमाने के बाद युवाओं और महिलाओं की बड़ी पसंद भी है और नए पाकिस्तान का ख्वाब वे सभी को दिखाते भी रहे हैं। साल 2014 में निकाला गया उनका आजादी मार्च भी बेहद चर्चित रहा था। इमरान खान की पाक की सियासत में संभावनाओं के बीच रेहम की किताब सच के बेहद करीब नजर आती है और इसकी पुष्टि इमरान के अतीत और वर्तमान की घटनाओं से होती है।

ऑक्सफोर्ड से पढ़ा यह शख्स 1970 और 1980 के दशक के दौरान लंदन के एनाबेल्स और ट्रैम्प जैसे नाइट क्लबों की पार्टियों में निरंतर मशगूल होने के कारण और सोशलाइट के रूप में भी मशहूर रहा। सुजाना कॉन्सटेनटाइन, लेडी लीजा कैम्पबेल जैसे नवोदित युवा कलाकारों और चित्रकार एम्मा सार्जेट के साथ इमरान खान के रोमांस ब्रिटेन में बेहद चर्चित रहे है और बाद में यह भी सामने आया कि सीता व्हाइट कथित रूप से उनकी नाजायज बेटी की मां बनीं। अमेरिका में एक न्यायाधीश ने इसकी पुष्टि भी की और टीरियन जेड व्हाइट को इमरान खान की बेटी बताया था। हालांकि इमरान खान इससे मुकर गए। यदि विवाह की बात की जाए तो इमरान वहां भी बदलते नजर आते है। इंग्लैंड की जेमिमा गोल्डस्मिथ के साथ उनका पहला निकाह हुआ था, जो नौ साल के रिश्ते के बाद जून 2004 में टूट गया। इसके बाद उनका निकाह रेहम खान से हुआ जो करीब 10 महीने चला। कुछ महीनों पहले ही इमरान खान ने तीसरी शादी अपने से बहुत कम उम्र की लड़की से की है और उसके भी टूटने की खबरें आती रही हैं। रेहाना खान के दावों में दम भी नजर आता है। पिछले साल इमरान खान की पार्टी पीटीआई की नेता आएशा गुलालई ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए पार्टी के प्रमुख इमरान खान पर मोबाइल फोन के माध्यम से आपत्तिजनक संदेश भेजकर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इमरान खान और उनके आसपास मौजूद लोगों के हाथों में सम्मानित औरतों की इज्जत और आबरू सुरक्षित नहीं है।

सांसद आयशा गुलालई ने साफ कहा था कि पिछले चार महीने से टेक्स्ट मैसेज भेजकर इमरान खान लगातार उन्हें परेशान करते रहे। पाकिस्तान की संसद में जब इसका विरोध हुआ तो तहरीक-ए-इंसाफ की सदस्य शीरीं मजारी अपने पार्टी प्रमुख इमरान खान के पक्ष में बिना माइक के ही बोलती रहीं। यह अपनी पार्टी प्रमुख का बचाव था या फिर महिला सांसद का समर्थन, विरोध का तरीका असमंजस में डालने वाला था। बाद में इस मामले में देश और विदेश में संगीत की दुनिया में खासा नाम कमाने वाली गायिका कुतरुलएन बलोच प्रशंसकों में क्यूबी के नाम से मशहूर ने इमरान खान की कड़े शब्दों में निंदा भी की थी। इमरान खान पाकिस्तान में बेहद सम्मानित खिलाड़ी माने जाते है। 1992 में खान को पाकिस्तान के प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार, हिलाल-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया था। इससे पहले उन्होंने 1983 में राष्ट्रपति का प्राइड ऑफ परफार्मेस पुरस्कार प्राप्त किया था। दूसरी ओर क्रिकेटर इमरान खान की निजी जिंदगी के समान सियासत भी विरोधाभास लिए हुए है। इस शख्स ने कभी भी हाफिज सईद की आलोचना नहीं की। आतंकियों से इसी प्रेम के कारण जब वह 2015 में पेशावर के तालिबान के हमले का निशाना बने आर्मी पब्लिक स्कूल पहुंचे थे, तो हमले में मरने वाले बच्चों के परिजनों ने उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। स्कूल में 16 दिसंबर 2014 को इस स्कूल में तालिबान के हमले में 134 छात्रों सहित 143 लोग मारे गए थे। स्कूल के बाहर मौजूद प्रदर्शनकारियों ने इमरान का कड़ा विरोध किया और गो इमरान गो के नारे लगाए। इसके पहले इमरान पेशावर में तालिबान का ऑफिस खोलने की मांग सरकार से कर चुके थे, जिसे लेकर उनकी खूब आलोचना भी हुई थी। यहां तक कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन तालिबान ने पाकिस्तानी सरकार के साथ बातचीत के लिए पांच लोगों की टीम का ऐलान किया जिसमें तहरीक-ए- इंसाफ के चेयरमैन और पूर्व क्रिकेटर इमरान खान का नाम शामिल था।

साल 2012 में भारत में एक कार्यक्रम के दौरान विवादास्पद लेखक सलमान रूश्दी ने कहा था कि पूर्व क्रिकेटर और पाकिस्तान के उभरते राजनीतिक दल-तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान ने फौज और मुल्लाओं से साठ-गांठ कर रखी है। उन्होंने यह भी कहा था कि कर्नल गद्दाफी और इमरान खान की शक्लें मिलती है और अगर भविष्य में कोई लीबिया के पूर्व नेता पर फिल्म बनाता है तो इमरान खान गद्दाफी के रोल के लिए सबसे उपयुक्त होंगे। यह इत्तेफाक ही है कि लीबिया का तानाशाह गद्दाफी तानाशाही के साथ अय्याशी के लिए बदनाम रहा और इमरान खान की सियासी पहचान भी उसी दिशा में जा रही है। बहरहाल परंपरावादी पाकिस्तानी समाज का दिल जीतने के लिए इमरान खान को निजी और सियासी दुष्कृत्यों से किनारा करना ही होगा। रेहम खान की किताब को चुनावी वक्त और सियासत से भले ही जोड़ दिया जाए, लेकिन उसकी सच्चाई इमरान खान का साये की तरह पीछा करेगी। इसलिए जरूरी है कि इमरान खान सामने आएं और खुद पर लगे आरोपों का जवाब दें।
डॉ. ब्रहमदीप अलूने (वरिष्ठ पत्रकार)

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