विश्व परिवार दिवस हर साल 15 मई को मनाया जाता है। लोगों को परिवार के महत्व को बताने के लिए International Family Day मनाया जाता हैं। परिवार दो प्रकार के होते हैं- एक एकल परिवार और दूसरा संयुक्त परिवार। एकल परिवार में पापा- मम्मी और बच्चे रहते हैं। संयुक्त परिवार में पापा- मम्मी, बच्चे, दादा दादी, चाचा, चाची, बड़े पापा, बड़ी मम्मी, बुआ इत्यादि रहते हैं।

विश्व परिवार दिवस का इतिहास

International Family Day मानाने की घोषणा सर्वप्रथम 15 मई 1994 को संयुक्त राष्ट्र अमेरिका ने की थी। ताकि लोग परिवार की क्या अहमियत होती है, इस बात को समझकें। परिवार का महत्व समझाने के लिए इस दिन कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस दिन के लिए एक प्रतीक चिह्न को चुना गया है। यह चिन्ह गोल हरे रंग का   हैं और इसमें लाल रंग से एक दिल और घर बना हुआ होता हैं। किसी भी समाज का केंद्र परिवार ही होता है।

परिवार का महत्व

हमारे जीवन में परिवार का बहुत बड़ा महत्व होता है। जिस देश में हम रहते है उसमें समाज होता हैं समाज में परिवार होता हैं और परिवार सदस्यों से मिलकर बनता है। इस तरह परिवार का महत्व बहुत अधिक होता हैं। मनुष्य के जीवन मे सुख, दुःख और परेशानियाँ आती ही रहती हैं। सुखों के पलों को तो व्यक्ति किसी भी तरह सेलिब्रेट कर सकता है। लेकिन जीवन में आने वाले दुःख और परेशानियों का सामना व्यक्ति बिना परिवार के नहीं कर सकता है। इन परिस्तिथियों से निपटने के लिए परिवार का होना अति आवश्यक होता हैं।

विश्व परिवार दिवस (International Family Day) पर जानियें साथ रहने के फायदेंहमने कई बार देखा है जो व्यक्ति अकेले होते हैं या अकेले रहते हैं किसी दुःख या परेशानियों के वजह से डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर लेते हैं। क्योंकि उनके पास कोई परिवार नहीं, जिससे वह अपने दिल की बात कहें। ऐसा भी कहा गया हैं कि बातें शेयर करने से दिल हल्का हो जाता हैं और दिल को सुकून भी मिलता है। लेकिन जब परिवार ही नहीं होगा तो व्यक्ति किसे अपनी बात कहे। इसलिए परिवार का होना बहुत जरुरी होता है। परिवार के साथ रहते हुए हम बड़ी से बड़ी कठिनायों का समाना आसानी से कर सकते हैं। परिवार के महत्व के लिए  International Family Day मनाया जाता हैं।

विश्व का संबसे बड़ा परिवार है

आज विश्व परिवार दिवस के अवसर पर हम आपको ऐसे परिवार की कहानी बताने जा रहें हैं जिसमें, कुल 181 लोग एक साथ रहतें हैं। यह परिवार मिजोरम में रहता है और इस परिवार का  रिकॉर्ड्स गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी शामिल है। यह विश्व का संबसे बड़ा परिवार है। इस परिवार के मुखिया का नाम जिओना चाना हैं। जिओना चाना मिजोरम के बक्तवांग गांव में चार मंजिले वाले मकान में रहता है। 17 साल की उम्र में चाना ने पहली शादी कर ली थी और 1 साल में चाना ने 10 शादियां की। इतना बड़ा परिवार होने के बावजूद चाना के परिवार वाले बड़े ही प्यार और सम्मान के साथ रहते है। इस समय चाना 72 साल के हैं और स्वंम को बेहद भाग्यशाली मानते हैं।

परिवार के साथ रहनें के फायदें

  • समस्याओं में सहायक
  • त्योहारों का आनंद
  • आपसी समायोजन
  • विवाह करने में समझदारी
  • जीवन का न्यूनतम निर्वाह
  • परिवार में अनुशासन
  • सुरक्षा और स्वास्थ्य
  • विभिन्न कार्यों का विभाजन
  • भावी पीढ़ी का समुचित विकास
  • संयुक्त परिवार में रहकर कुल व्यय कम
  • भावनात्मक सहयोग
  • चरित्र निर्माण में सहयोग
  • दुख-सुख में साथ
  • बच्चों का अकेलापन दूर
  • घर की सुरक्षा, आदि
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