काली मिर्च औषधीय गुणों से युक्त एक मसाला है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। पिपरीन नामक तत्व के कारण इसका स्वाद सबसे अनोखा है। काली मिर्च में आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और सी, और अन्य पोषक तत्व मौजूद हैं। काली मिर्च का प्रयोग खाने में किया जाता है। इसके सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है, वजन घटाने के अलावा यह सर्दी-जुकाम में भी बहुत फायदेमंद है।

कैंसर को रोकता है
काली मिर्च कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से शरीर की सुरक्षा करता है। एक शोध से पता चला है कि ब्रेस्ट कैंसर को होने से रोकने में ब्लैक पेपर काफी सहायक होता है। काली मिर्च के नियमित सेवन से स्तन कैंसर की गांठ नहीं बनती है। काली मिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लैवोनॉयड्स, कारोटेन्स और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट पाये जाते हैं। यह कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।

अपच और दस्त
अपच, दस्त, कब्ज और अम्लता करने के लिए काली मिर्च का सेवन कीजिए, यह पाचन शक्ति भी बढ़ाती है। काली मिर्च, टेस्ट बड्स से पेट को संकेत भेजता है और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है। इस एसिड से पेट की पाचन क्रिया सही होती है। यह एसिड सभी भोजन सामग्री को पचाने में सहायक है। इसके सेवन से पेट फूलना, अपच, दस्त, कब्ज और अम्लता आदि भी आसानी से दूर हो जाते हैं।

वजन भी घटाएं
नियमित काली मिर्च का सेवन करने से वजन पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसमें शक्तिशाली फाइटोन्यूट्रीसियंस होते हैं जो वसा की बाहरी परत को तोड़ने में सहायक होते हैं और इससे शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं हो पाती है। इस प्रक्रिया में पेशाब ज्यादा आती है और पसीना भी काफी निकलता है, शरीर के टॉक्सिंस बाहर निकलते हैं और वजन कम होता है।

पेट में गैस बने तो
काली मिर्च पेट की गैस से राहत दिलाती है। काली मिर्च में वातहर गुण पाया जाता है, इसके सेवन से गैस पेट में नहीं रूकती है और आसानी से पास हो जाती है। काली मिर्च, शरीर की ये समस्या दूर करने में सबसे कारगर साबित होती है। इसके अलावा, अगर पेट फूल गया हो या दर्द हो रहा हो, तो भी काली मिर्च का सेवन करने से आराम मिलता है।

त्वचा के लिए
काली मिर्च को दरदरा कूट कर चेहरे पर स्क्रब करने से त्वचा में चमक आती है। लेकिन इसका इस्तेमाल कम और सावधानीपूर्वक करना चाहिए। इसके स्क्रब से मृत त्वचा निकल जाती है और त्वचा को पोषण मिलता है। साथ ही यह रक्त संचार को सुचारु करती है जो कि त्वचा को निखारने के लिए बहुत जरूरी है। इसके अलावा काली मिर्च में जीवाणुविरोधी तत्व पाये जाते हैं जो किसी भी प्रकार का संक्रमण होने से रोकते हैं।

बालों की रूसी
बालों में यदि रूसी है तो इसे हटाने के लिए काली मिर्च का प्रयोग करें। इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फ्लेमेटरी तत्व होते हैं जो रूसी को दूर भगाने में सहायक होते हैं। काली मिर्च को एक कप दही में अच्छे से फेंट लें और फिर उसे बालों की जड़ों में लगाएं। इसे आधा घंटे के लिए बालों में लगा छोड़ दें। इसके बाद, अपने बालों को पानी से धो लें, दूसरे दिन शैम्पू करें। काली मिर्च का इस्तेमाल बहुत ज्यादा न करें, इससे सिर की त्वचा खराब भी हो सकती है।

सर्दी और जुकाम
सर्दी, जकड़न और कफ में राहत दिलाती है काली मिर्च। इसके सेवन से खांसी में भी आराम मिलता है। सर्दी के कारण नाक बहने पर काली मिर्च का सेवन करने से राहत मिलेगी। कफ, छाती जकड़ जाने पर काली मिर्च का सेवन करने से राहत मिलती है। ज्यादा सर्दी लग जाने पर काली मिर्च और लहसुन को मिलाकर खाएं, तुंरत राहत मिलेगी। जुकाम होने पर काली मिर्च मिलाकर गर्म दूध पियें।

भूख बढ़ाए
काली मिर्च, पाचन को दुरुस्त करता है जिससे भूख न लगने की शिकायत दूर होती है और शरीर स्वस्थ रहता है। जिन लोगों को कम भूख लगती है उन्हे काली मिर्च के पाउडर वाला भोजन खिलाएं, इससे उनकी भूख खुलेगी। इसके अलावा यह भोजन के गुणों को बढ़ा देता है। काली मिर्च, भोजन के सभी पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेता है और शरीर को सारे पोषक तत्व प्रदान करता है।

तनाव से बचाए
काली मिर्च एक प्राकृतिक एंटी-डिप्रेशन है। यदि आप तनाव या अवसाद से ग्रस्त हैं तो नियिमत काली मिर्च का सेवन करें, तनाव दूर होगा। अपने दैनिक भोजन में इसे नियमित रूप से शामिल करें, यह शरीर को स्वस्थ रखता है जिसके कारण व्यक्ति के दिमाग में नकारात्मक विचार नहीं आते, नकारात्मक सोच ही तनाव का कारण बनता है। इसलिए अपने आहार में काली मिर्च मिलायें और स्वस्थ रहें।

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