नेपाल में अध्यक्ष पुष्प कुमार दहल की पार्टी ने सरकार से अलग होने का लिया फैसला

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नेपाल में अध्यक्ष पुष्प कुमार दहल की पार्टी ने सरकार से अलग होने का लिया फैसला

काठमांडू। नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा की ओर से सीपीएन-माओवादी सेंटर(सीपीएन-एमसी) द्वारा सीपीएन-यूएमएल के साथ चुनावी गठबंधन करने के विरोध में उसके मंत्रियों के अधिकारों में कटौती किये जाने के तीन माह बाद सीपीएन-एमसी ने सरकार से अलग होने का निर्णय लिया है। पार्टी ने इस आशय का निर्णय कल लिया था। श्री दहल के प्रेस संयोजक मनाहारी तिमिलसेना ने कहा है कि पार्टी आज प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा से बिना पोर्टफोलियो के मंत्रियों को वापस बुलाने की जानकारी देगी।

मंत्री आशा कोइराला ने कहा है कि सरकार को नयी सरकार के लिए रास्ता साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा है कि मंत्रियों का इस्तीफा देने का कदम प्रधानमंत्री पर इस्तीफे के लिए दबाव बनाएगा क्योंकि वाम गठबंधन को ताजा जनादेश मिल चुका है। यह निर्णय इसलिए भी लिया गया, क्योंकि प्रांतीय विधानसभा चुनावों में कुछ मंत्रियों के निर्वाचित होने के बाद माओवादी पार्टी पर सरकार से अलग होने का दबाव बन गया था कि वह प्रांतीय सरकार में शामिल होने की तैयारियां कर सके।

माओवादी मंत्री महेंद्र शाही प्रांत 6 के मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं जबकि मंत्री आशा कोइराला प्रांत चार विधान सभा के लिए निर्वाचित हुई हैं। प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने गत 17 अक्टूबर को माओवादी सेंटर से जुड़े सात राज्य मंत्रियों समेत 16 मंत्रियों के विभागों को छीनकर उनके अधिकारों में कटौती कर ली थी। माओवादी सेंटर ने चुनाव से पूर्व यूएमएल के साथ गठबंधन कर लिया था।

मंत्री आशा कोइराला ने कहा है कि नेशनल एसेंबली चुनाव आगामी 8 फरवरी को घोषित होने के कारण पार्टी ने नया कदम उठाया। मोओवादी सेंटर को काम नहीं होने के बावजूद मंत्री की सुविधाओं का इस्तेमाल करने को लेकर हालांकि विभिन्न हलकों से तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा है। पार्टी ने सरकार में मौजूदगी के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए हालांकि कहा है कि सभी चुनावों को नियत समय पर कराने के लिए उनकी सरकार में मौजूदगी आवश्यक थी।

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