मोदी ने कहा-GST का नया अर्थ ‘ग्रोइंग स्ट्रांगर टुगेदर’ एवं मानसून सत्र में उत्तम चर्चा

0
11

नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवाकर (GST) को सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इसकी नयी व्याख्या ‘ग्रोइंग स्ट्रांगर टुगेदर’ की। संसद का मानसून सत्र शुरू होने और देश के 14वें राष्ट्रपति चुनाव के लिये मतदान शुरू होने से पहले संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से बातचीत में कहा जीएसटी का अर्थ है ‘ग्रोइंग स्ट्रांगर टुगेदर’। इससे पहले 30 जून की मध्य रात्रि को देश के सबसे बड़े आर्थिक सुधार के रूप में देखे जा रहे जीएसटी के शुभारंभ पर श्री मोदी ने इसे ‘गुड़ एंड सिंपल टैक्स’ बताया था। श्री मोदी ने कहा कि जब देश के सभी राजनीतिक दल, सभी राज्य सरकारें केवल और केवल राष्ट्रहित के तराजू पर तौलकर निर्णय करती हैं, तो कितना महत्वपूर्ण राष्ट्रहित का काम होता है, वह GST से सिद्ध हो चुका है।
मानसून सत्र में उत्तम चर्चा होगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के आज से शुरु हो रहे मानसून सत्र को अनेक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वास जताया कि सभी राजनीतिक दल तथा सांसद इसमें राष्ट्रहित के मुद्दों पर उच्च स्तर की चर्चा करेंगे। श्री मोदी ने संसद की बैठक शुरु होने से पूर्व संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा,’मुझे विश्वास है कि इस सत्र में सभी राजनीतिक दल तथा सभी सांसदगण राष्ट्र हित के महत्वपूर्ण फैसले लेकर उत्तम स्तर की चर्चा करेंगे।’ उन्होंने कहा कि यह सत्र अनेक रूप से महत्वपूर्ण है। नौ अगस्त को सत्र के दौरान ही अगस्त क्रांति के 75 साल पूरे हो रहे हैं तथा भारत छोड़ो आंदोलन के 75 साल भी पूरे होंगे। इसी सत्र में नए राष्ट्रपति तथा नए उपराष्ट्रपति का चुनाव करने का मौका मिला है। यह एक प्रकार से राष्ट्र जीवन की अत्यंत महत्वपूर्ण घटनाओं से भरा कालखंड है, इसलिए स्वभाविक है कि इस पर देशवासियों का विशेष ध्यान रहेगा। प्रधानमंत्री ने सत्र की शुरुआत पर किसानों को याद करते हुए कहा कि हम देश के किसानों को नमन करते हैं जो इस बरसात के इस मौसम में कठिन परिश्रम से खाद्य सुरक्षा का इंतजाम करते हैं।

No ratings yet.

Please rate this

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here