दार्जिलिंग में ताजा हिंसा में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक और गोरखा कार्यकर्ता की मौत

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दार्जिलिंग। पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग (Darjeeling) के तवाकर क्षेत्र में बिमल गुरंग के नेतृत्व वाले गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) और सुरक्षा बलों के बीच हिंसा की ताजा झड़पों में एक सहायक पुलिस उप निरीक्षक और एक नागरिक की मौत हो गई तथा कईं अन्य घायल हो गए। पुलिस सूत्रों ने आज यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मी की पहचान अमातिवा मलिक के तौर पर की गई है और मोर्चा समर्थक की अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
पुलिस ने बताया कि एक गुप्त सूचना मिली थी कि गुरंग तवाकर के लेपचा बस्ती क्षेत्र में कहीं छिपा हुआ है और इसके बाद जब पुलिसकर्मी वहां पहुंचे तो उन पर अचानक गोलियां चलाई जाने लगी। स्थानीय लोगों ने मानव ढाल बनाकर गुरंग को वहां से भागने में मदद की लेकिन वह अभी भी इसी क्षेत्र मे छिपा हुआ है।
दार्जिलिंग में इस आंदोलन की शुरूआत आठ जून से हुई थी और अब तक इसमें 12 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन पुलिस के किसी अधिकारी के मारे जाने का यह पहला मामला है।
गुरुंग के खिलाफ पिछले माह लुकआउट नोटिस जारी किया गया था। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सिद्दीनाथ गुप्ता ने बताया कि गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के समर्थक एवं गुरुंग के वफादारों ने पुलिसकर्मीयों को रोकने के लिए उनपर गोलियां चला दी, जिससे पश्चिम बंगाल पुलिस के उप-निरीक्षक की गोली लगने से मौत हो गई और अन्य चार पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

गुरुंग को गिरफ्तार करने गया पुलिस अधिकारी शहीद
पश्चिम बंगाल में दार्जिलिंग के तवाकर क्षेत्र में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के प्रमुख बिमल गुरुंग को कल रात गिरफ्तार करने गये सुरक्षा बलों और जीजेएम कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प में एक पुलिस उप निरीक्षक शहीद हो गया और एक जीजेएम कार्यकर्ता मारा गया।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा ने आज नाबन्ना में संवाददाताओं को बताया कि लेपचा बस्ती में गुरुंग को गिरफ्तार करने गये पुलिस दल के दो अधिकारी इस वारदात में घायल हो गये। उन्होंने कहा कि यह अभियान अभी चल रहा है। श्री शर्मा ने कहा कि पुलिस के पास गुरुंग के माओवादियों और पूवरेत्तर के अनेक उग्रवादी समूहों से संबंध होने के साक्ष्य हैं।
दार्जिलिंग से मिली रिपोर्ट के अनुसार दार्जिलिंग के पटलेबास क्षेत्र में एके-47 राइफल,एक नौ एमएम पिस्तौल, 500 कारतूस और बड़ी मात्र में विस्फोटक सामग्री बरामद की गयी है। पटेलबास क्षेत्र गुरुंग का गढ़ है। ऐसी रिपोर्ट हैं कि गुरुंग को गिरफ्तार करने गये पुलिस कर्मियों की जवाबी कार्रवाई में एक गोरखा कार्यकर्ता मारा गया। जीजेएम की ओर से हालांकि अभी इसी पुष्टि नहीं की गयी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मारे गये कार्यकर्ता को जीजेएम कार्यकर्ता उठा ले गये। गौरतलब है कि पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर कुछ दिनों पूर्व शुरू हुए आंदोलन के दौरान किसी पुलिस अधिकारी के मारे जाने की यह पहली घटना है। इस दौरान हालांकि सात गोरखा समर्थक मारे गये और करोड़ों रुपये की सम्पत्ति को नुकसान पहुंचा है। हिंसक वारदातों में आज शहीद हुए पुलिस अधिकारी उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में पदस्थ थे।

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