49 फीसदी उम्मीदवारों ने घोषित किए उन पर चल रहे अपराध

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Madhya Pradesh Election Watch

राज एक्‍सप्रेस, भोपाल। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा प्रत्येक उम्मीदवार को अपने फार्म में अपने ऊपर चल रहे आपराधिक मुकदमों के बारे में जानकारी देने के निर्देश के बाद मध्यप्रदेश इलेक्शन वॉच (Madhya Pradesh Election Watch) ने एडीआर के तत्वाधान में मध्यप्रदेश में मौजूदा विधायकों पर चल रहे, आपराधिक प्रकरणों (जैसा कि उन्होंने विगत चुनाव के समय शपथ पत्र में वर्णित किया है) का विश्लेषण किया है।

विशलेषण के अनुसार:- इतने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और निर्दलीय विधायकों ने अपने ऊपर इतने गंभीर आपरधिक मामलें है, जो इस प्रकार हैं…

  • बीजेपी के 28
  • कांग्रेस के 12
  • बसपा के एक
  • दो निर्दलीय

यहां हम आपकों यह भी बता दें कि, इनमें से 30% विधायकों ने आपराधिक और 19% ने गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

आपरधिक मामले

इलेक्शन वाच ने पाया कि, 225 में से 68 (30 प्रतिशत) विधायकों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किए हैं। ज्ञात हो कि, 2008 में चुने गए 219 विधायकों में से 56 (26 प्रतिशत) ने अपने ऊपर आपराधिक मामले घोषित किये थे।

गंभीर आपराधिक मामले

इसी प्रकार इलेक्शन वाच ने यह भी पाया कि, इतने प्रतिशत विधायकों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए…

  • 43 (19 प्रतिशत) विधायकों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।
  • जबकि 2008 में 26 (12 प्रतिशत) विधायकों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए थे।
दलवार स्थिति (आपराधिक)

दलवार स्थिति देखें तो, बीजेपी, कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय के विधायकों ने अपने ऊपर इतने प्रतिशत आपराधिक मुकदमे घोषित किए हैं, जो इस प्रकार हैं…

  • बीजेपी के 162 में से 44 (27%)
  • कांग्रेस के 56 में से 21 (38%)
  • बसपा के 4 में से 1 (25%)
  • निर्दलीय 3 विधायकों में से 2(67%)
दलवार स्थिति (गंभीर आपराधिक)

गंभीर आपराधिक मामलों की स्थिति में बीजेपी के 162 में से 28 (17%) कांग्रेस के 56 में से 12 (21%) बसपा के 4 में से 1 (25%) विधायकों ने अपने ऊपर आपराधिक मुकदमे घोषित किए हैं। निर्दलीय 3 विधायकों में से 2 (67%) विधायकों ने अपने ऊपर गंभीर आपराधिक मुकदमे घोषित किए हैं।

उच्चतम न्यायालय ने कहा- 

उल्लेखनीय है कि, उच्चतम न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट रूप से कहा है कि, हरेक उम्मीदवार को चुनाव आयोग द्वारा दिए जा रहे फार्म में जानकारियां उल्लिखित करना आवश्यक है। अपने ऊपर चल रहे, आपराधिक प्रकरणों की जानकारी गहरे अक्षरों (बोल्ड) में देनी होगी। यदि उम्मीदवार किसी राजनीतिक दल से संबद्ध है तो, उसे अपने ऊपर चल रहे आपराधिक प्रकरणों की जानकारी अपने दल को अनिवार्य रूप से देनी होगी।

राजनीतिक दल को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उम्मीदवार के ऊपर चल रहे आपराधिक प्रकरणों की जानकारी उम्मीदवार के नाम के साथ देनी होगी। उम्मीदवार यहां तक कि, राजनीतिक दल को व्यापक रूप से प्रिंट और इलेकट्रानिक मीडिया में इन आपराधिक प्रकरणों की जानकारी देना होगा। व्यापक रूप से आशय नामांकन दाखिल करने के उपरांत कम से कम तीन बार से हैं।

गंभीर आपरधिक मामलों के लिए मापदंड
  • पांच साल या उससे अधिक सजा वाले अपराध।
  • गैर जमानती अपराध, चुनाव से संबंधित अपराध (धारा 171) अथवा रिश्वतखोरी।
  • सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने से संबांधित अपराध।
  • हत्या, अपहरण, बलात्कार आदि से संबांधित अपराध।
  • लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (धारा 8) में उल्लिखित अपराध।
  • भ्रष्टाचार निरोधक काननू के तहत अपराध।
  • महिलाओं के ऊपर अत्याचार से संबांधित अपराध।
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