राज गरबा महोत्सव – 2018 द्वितीय दिवस: मां की आराधना और संगीत की जादूगरी में खो गए श्रोता

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Raj Garba Mahotsav – 2018

राज एक्सप्रेस/इंदौर। नवरात्रि की रंगत दूसरे दिन का नजारा और भी जोरदार रहा। ट्रेडिशनल गुजराती ड्रेस, चेहरे पर खिली मुस्कान, हाथों में डांडिया और मन में उमंग का सैलाब। सुरों की गोद में बैठकर अठखेलियां करते कलाकार, संगीत की जादूगरी में खोते श्रोता और विचारों की गर्म प्याली में फूंक-फूंककर इसका मजा लेते संगीत के मर्मज्ञ। सच्चे सुरों की विरासत संभाले, राज गरबा महोत्सव-2018 (Raj Garba Mahotsav – 2018) जो कि राज एक्सप्रेस, रजनीगंधा की संयुक्त प्रस्तुति है।

 युवा डूबे भक्ति रस में:

युवा भक्ति रस में डूबने को तैयार थे। संगीत की जादूगरी बिखेरते हुए 40 हजार आरएमएक्स म्यूजिक सिस्टम पर जब बाबा डीजे ने पारंपरिक गरबा और कंटेम्परेरी फ्यूजन म्यूजिक की ताल पर जादुई रंग गरबा ग्राउंड में बिखेर दिया। साथ ही भगवा रंग के सांग को ढोल मिक्स बनाया जिससे कदमों के नहीं रुकने की जिद और डांडिया की खनक ने पूरे माहौल को उत्सव में बदल दिया। एक ही स्थान पर शक्तिए भक्ति, उजास और उल्लास का संगम देखने को मिला। हर प्रतिभागी मां अम्बे की आराधना में लीन था, तो उसे जिद थी गरबा-डांडिया में बेस्ट परफॉर्म करने की। यह नजारा ला-ओमनी परिसर में देर शाम शुरु हुआ, जो देर रात जाकर थमा और इसका गवाह बना पूरा शहर, जिसमें हर एज ग्रुप के लोग सर्कल के अंदर गरबा और डांडिया के स्टेप में तल्लीन थे। मां दुर्गा की नृत्यमयी आराधना भी हुई।

Raj Garba Mahotsav – 2018

ट्रेडिशन गुजराती सांग्स पर धूम मचाई:

इतनी संख्या में लोग पहुंचे कि पूरे गार्डन में एक अलग ही एनर्जी फैल गई। इस एनर्जी को तेज म्यूजिक बीट्स ने दोगुना कर दिया। फिर क्या था, एक-दूसरे को देखकर यहां हर कोई डांडिया का लुत्फ उठाता नजर आया। इंदौरियंस ने जहां एक ओर ट्रेडिशन गुजराती सांग्स पर धूम मचाई वहीं दूसरी ओर नए बॉलीवुड गानों पर भी जमकर डांडिया खनखनाए।

 लोगों का कहना, मिस नहीं कर सकते राज एक्सप्रेस का गरबा:

मिस नहीं कर सकती राज एक्सप्रेस का गरबा, गरबा देखने आई शिवानी माथुर का कहना हैं, जब फ्रेंड्स से पता चला कि, ओपन गरबा सर्कल में गरबा करने का मौका मिल रहा है तो यहां आए बिना रहा नहीं गया। फ्रेंड्स और फैमली के साथ यहां गरबा करने का अलग ही अनुभव मिला। नियति का कहना हैं, राज एक्प्रेस का गरबा हर साल खेलने आती हूं। हालांकि इस बार जॉब की वजह से बाहर दूसरे शहर जाना पड़ा, लेकिन मैं इसे मिस नहीं कर सकती इसलिए एक दिन की छुट्टी लेकर इसमें शामिल हुई। पारंपरिक गुजराती लुक खासकर रंग-बिरंगी पोशाक गरबा पांडाल में देखने को मिली। माथे पर बोर और बाजू बंध पहने पारंपरिक दुल्हन हाफ लांग सेट खास रहे।राज गरबा महोत्सव – 2018 द्वितीय दिवस: मां की आराधना और संगीत की जादूगरी में खो गए श्रोता (Raj Garba Mahotsav – 2018)

इन्होंने बढ़ाई शोभा:

वरिष्ठ समाज सेविका व इंडस्ट्रीलिस्ट रितू केडिया, इंदौर संस्थापक के वंशज कु. तुषार जमीदार, सेवा डाइबिटीज़ व वुमन केअर सेंटर से डॉक्टर अभ्युदय वर्मा, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक, एलआईसीए पी मिश्रा, वाटर वेल पूरणमल संस से मुरारी पालरीवाला और समाधान अकादमी के एम डी अमित ओझा।

  • सेल्फी ज़ोन देर शाम से रहा फूल।
  • मोरनी बनकर आई युवती के साथ सेल्फी लेने में मग्न रहे बच्चे से लेकर बूढ़े तक।
  • डांडिया के साथ-साथ फूड जोन।
  • न्यू मोटर बाइक के स्टॉल्स।
  • पूरे परिसर में सीसीटीवी (CCTV) कैमरे, साथ ही सुरक्षा गार्ड भी मौजूद।
  • गरबा करने और देखने वाला हर व्यक्ति (CCTV) कैमरे की नजर में।
  • चार चाल में गरबा में कदम थिरका रहीं युवतियों ने बताया वे हर साल।
  • डिफरेंट प्रॉप्स यूज करते हैं। बस बार गॉगल्स लगाकर गरबा किया।
 नॉन स्टॉप परफॉर्मेंस
आरती बालों में गजरा
गरबा रास गरबा डिजाइन टैटू
घूमर राजस्थानी कंगन
सिंगल डांडिया पॉम-पॉम एसेसरीज
जोड़ी डांडिया .फ्लॉवर ज्वैलरी
गेट-अप कुछ ऐसा गूंजे गुजराती गीत
मराठी धोती ढोली…
लहंगे में पगड़ी तू तो काली रे..
थ्री लेयर लहंगा नवरतानी रात आई..फिर नई उमंग लाई.
मोरमुकुट
मेक-अप
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