बच्चों के लोकप्रिय मिसाइलमैन अब्दुल कलाम जी की आज 87वीं वर्षगांठ

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Abdul Kalam

राज एक्सप्रेस। बच्चों और युवाओं के अत्यधिक लोकप्रिय मिसाइलमैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम (Abdul Kalam) की आज 87वीं जयंती हैं। कलाम जी एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद और राजनेता होने के साथ-साथ एक महापुरुष भी थे। वे भारत को हर दिशा में आगे बढ़ाना चाहते थे। उनकी दिली ख्वाइश थी कि, भारत महाशक्ति की दिशा में आगे बड़े और सबसे शक्तिशाली देश बने। वे एक ऐसी सख्शियत थे, जिन्होंने अपना सारा जीवन देश की सेवा में लगा दिया। कलाम जी का पूरा नाम अवुल पाकिर जैनुलाबदीन अब्दुल कलाम था। उन ही की बदौलत भारत परमाणुशक्ति देश बना। वे भारत के 11 वें राष्ट्रपति भी बनें।

अब्दुल कलाम जी का प्रारंभिक जीवन

कलाम जी का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को भारतीय राज्य तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिताजी का नाम जैनुलाब्दीन और माता जी का नाम अशियाम्मा था। अब्दुल कलाम जी के पिताजी पढ़े-लिखे नहीं थे और मछुआरों को नाव किराये पर देने का काम किया करते थे। लेकिन पिताजी के जीवन का उन पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ा। उनकी लगन और उनके दिए संस्कार अब्दुल कलाम के लिए बहुत काम आए। अब्दुल कलाम जी का परिवार संयुक्त परिवार था। उनके पाँच भाई और पाँच बहने थी। कलाम जी पढ़ने में सामान्य थे, लेकिन उनमें नई-नई चीजों को सीखने की उत्सुकता थी। कलाम जी कुरान और भगवद् गीता दोनों ही पढ़ा करते थे।

Abdul Kalamकलाम जी का बचपन काफी संघर्षों में बिता

मध्यमवर्गीय परिवार में जन्म लेने के कारण कलाम जी को बचपन में काफी संघर्षों करना पड़ा। कलाम जी के पिता की इतनी इनकम नहीं थी कि, वे कलाम जी के स्कूल की फीस भर सकें। इसलिए वे अपने स्कुल की फीस भरने और किताबे खरीदने के लिए न्यूज़ पेपर बाँटने लगे। 8 वर्ष की आयु से ही कलाम जी प्रातः 4 बजे उठ जाते थे और नहा कर गणित की ट्यूशन पर चले जाते थे। उनके नहाने का विशेष कारण ये था कि, उनके मैथ्स के जो टीचर थे, हर साल सिर्फ उन पांच छात्रों को ही फ्री में पढ़ाते जो सुबह नहाकर आयें। वे बिना नहाए आए बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। ट्यूशन से आने के बाद वो नमाज पढ़ते और फिर सुबह आठ बजे रामेश्वरम रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन पर न्यूज पेपर बांटते।

अब्दुल कलाम जी की  शिक्षा

अब्दुल कलाम जी की प्रारंभिक शिक्षा रामनाथपुरम के एलिमेंट्री विद्यालय से हुई थी। फिर उन्होंने तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स कॉलेज में एडमिशन ले लिया। वर्ष 1950 में उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलजी से अंतरिक्ष विज्ञान में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। स्नातक होने के बाद उन्होंने हावरक्राफ्ट परियोजना पर काम करने के लिये भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान में प्रवेश किया। 1962 में वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन में आये जहाँ उन्होंने सफलतापूर्वक कई उपग्रह प्रक्षेपण परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभाई।

कलाम जी कहलायें ‘मिसाइल मैन’

भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान SLV 3 के निर्माण में कलाम जी ने अहम भूमिका निभाई थी। फिर 1980 में रोहिणी उपग्रह का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया गया। फिर उन्होंने अपना पूरा ध्यान गाइडेड मिसाइल के विकास पर केन्द्रित कर दिया। भारत की शक्तिशाली मिसाइल अग्नि और पृथ्वी मिसाइलों का क्रेडिट अब्दुल कलाम जी को ही जाता हैं। उन्होंने सन 1982 में रोहिणी उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया था। वर्ष 1992 से 1999 तक कलाम रक्षा मंत्री के रक्षा सलाहकार भी रहे। इसी तौरान अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने पोखरण में दूसरी बार न्यूक्लियर टेस्ट भी किए। इस प्रकार भारत शक्तिशाली परमाणु हथियार बनाने वाले देशों में शामिल हो गया। कलाम भारत सरकार के मुख्य वैज्ञानिक सलाहकार भी रहे। उन्होंने भारत को अनेक मिसाइलें प्रदान की। इस तरह उन्हें पूरी दुनिया में ‘मिसाइल मैन’ के नाम से जानने लगी।

कलाम जी 2002 में बने राष्ट्रपति

कलाम जी की सोच और संपूर्ण जीवन देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है। कलाम जी को भारतीय जनता पार्टी समर्थित एन॰डी॰ए॰ घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था। वर्ष 2002 में राष्ट्रपति चुनाव हुए और अब्दुल कलाम जी 90% बहुमत से देश के 11वें राष्ट्रपति बन गए। कलाम ने विजन 2020 दिया। इसके तहत कलाम ने भारत को विज्ञान के क्षेत्र में तरक्की के जरिए 2020 तक अत्याधुनिक करने की खास सोच दी थी।

वे आर्थिक रूप से सामान्य परंतु बुद्धिमान व उदार थे। तेज दिमाग वाले कलाम स्वभाव से बहुत भावुक थे। इसके अलावा कलाम की लेखनी भी कमाल की थी। अपनी लेखनी के द्वारा उन्होंने कई किताबे लिखी। उन्हे कई अवार्ड से सम्मानित भी किया गया, जैसे- देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न, नेशनल अवार्ड, पद्म भूषण, पद्म विभूषण, विशिष्ट फेलो, इंदिरा गाँधी अवार्ड, वीर सावरकर अवार्ड, रामानुजन अवार्ड, IEEE होनोअरी मेंबरशिप ,डॉक्टर ऑफ़ लॉ (मानद) अवार्ड, डॉक्टर ऑफ साइंस अवार्ड आदि।

अब्दुल कलाम जी का निधन

कलाम जी का निधन 27 जुलाई 2015 को शिलोंग में भारतीय प्रबंधन संस्थान में लेक्चर देते समय हुआ था। उनकी मृत्यु दिल का दौरा पढ़ने से हुई थी। उनके निधन से वैज्ञानिक समुदाय को बहुत बड़ी क्षति पंहुची थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन सादगी में बिताया था। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। कलाम जी वैज्ञानिक होने के साथ साथ मनोवैज्ञानिक भी थे वे किसी का भी चेहरा देखकर उनके बारें में बता देते थे। Abdul Kalam

कलाम जी एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें दुनिया कभी नहीं भूल सकती। कलाम ही आजीवन अविवाहित रहें और अपना पूरा जीवन देश के लिए न्यौछावर किया। PM नरेंद्र मोदी ने 2017 में रामेश्वरम में डॉ ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जी का राष्ट्रीय स्मारक का अनावरण किया हैं। ऐसे थे हमारें देश के ‘मिसाइल मैन’ अब्दुल कलाम जी। अब श्याद ही कोई कलाम जी जैसे व्यक्ति भारत को मिल पायें।

अब्दुल कलाम जी के रोचक  तथ्य 
  • कलाम जी को भौतिक विज्ञान और गणित विषय बहुत पसंद थे।
  • कलाम साहब का बचपन से सपना था कि, वे पायलट बने और वे इसके बेहद पास भी पहुँच गए थे।
  • भारतीय वायु सेना में उनका सैलेक्शन 9वें स्थान पर हुआ था, लेकिन इसमें सिर्फ 8 लोगों का ही चयन होना था।
  • डॉ. कलाम भारत रत्न से सम्मानित तो हुए ही और उन्हें 40 विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की गयी।
  • डॉ. कलाम जब स्विट्ज़रलैंड दौरे पर गए थे तो, उनके सम्मान में उस दिन यानि ’26 May’ को साइंस डे के रूप में मनाने की घोषणा कर दी गयी।
  • कलाम जी को तमिल में कविताएँ लिखने और वीणा बजाने का भी शौक था।
  • उनका मनाना था कि, आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बीमारी को मारने के लिए सबसे बढिया दवाई है।
  • डॉ. कलाम चाहते थे कि, राष्ट्रपति भवन पूरी तरह से सौर्य उर्जा से संचालित हो, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान ये कार्य पूरा नही हो पाया।
  • अपने माता-पिता की आँखों की समस्या के लिए कुछ ख़ास न कर पाना डॉ. कलाम के जीवन का सबसे बड़ा अफ़सोस था।
  • डॉ. कलाम जी के जीवन से प्रेरित हो कर “ I AM Kalam” नामक बॉलीवुड मूवी भी बनायी गयी।
    कलाम जी के प्रेरणा दायक विचार
  • जीवन में फेल होते हैं तो, कभी हार न मानें क्योंकि FAIL अर्थ फर्स्ट अटैम्प्ट इन लर्निंग होता है।
  • अगर आप सूरज की तरह चमकना चाहते हैं तो, पहले आपको सूरज की तरह तपना होगा।
  • उनका कहना था, हमें हार नहीं माननी चाहिए और समस्याओं को हम पर हावी नहीं होने देना चाहिए।
  • डॉक्टर कलाम युवाओं और बच्चों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।
  • यह उनकी लोकप्रियता का ही आलम है कि साल 2003 और 2006 में उन्हें एमटीवी ने बतौर यूथ ऑइकन ऑफ दि ईयर नॉमिनेट किया था।
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