मेरे लिए कुमाऊं भाषा बोलना काफी कठिन था – शाहिद कपूर

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Shahid Kapoor

इन दिनों अभिनेता शाहिद कपूर (Shahid Kapoor) अपनी फिल्म ‘बत्ती गुल मीटर चालू’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं जो 21 सितंबर 2018 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। पिछले दिनों फिल्म से जुड़े एक प्रमोशनल इंटरव्यू में हमने शाहिद कपूर से उनकी फिल्म को लेकर काफी बातचीत की। पेश हैं हमारी बातचीत के प्रमुख अंश।

फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू क्या है ?

हमारी यह फिल्म बिजली चोरी समस्या पर बेस्ड है। फिल्म के माध्यम से हम लोगों को बताना चाहते हैं कि आज भी भारत के कई छोटे शहरों में बिजली नहीं रहती है फिर भी उन्हें ज्यादा बिजली बिल भरने पड़ते हैं लेकिन यह सीरियस इशू काफी मनोरंजक ढंग से फिल्म में दिखाया गया है। हमारी यह फिल्म सीरियस होते हुए भी एक कॉमेडी फिल्म है और एक कॉमेडी फिल्म होते हुए भी एक सीरियस फिल्म है जिसे देखकर लोगों को काफी मजा आएगा।

फिल्म में अपने किरदार के बारे में बताए ?

इस फिल्म में मेरे किरदार का नाम सुशील कुमार पंत है जो एक वकील है लेकिन वो बड़ा ही कपटी और कमीना किस्म का वकील है। वो लोगों से घूस लेकर कोर्ट के बाहर ही सबका सेटेलमेंट करा देता है। फिर उसकी लाइफ में कुछ ऐसी सिचुएशन आती है जब उसको लगता है कि अब उसे सब कुछ सही करना है।

फिल्म में आप कुमाऊं भाषा बोल रहे हैं, इस भाषा को बोलने में कितनी कठिनाई आई ?

मेरे लिए कुमाऊं भाषा बोलना काफी कठिन था। शुरुआत में मुझे काफी परेशानी भी हुई लेकिन काफी प्रैक्टिस के बाद मैंने यह भाषा सीख ली। फिल्म के लेखकों ने कुमाऊं भाषा के बारे में काफी रिसर्च की थी और उन लोगों ने मेरी और श्रद्धा की काफी मदद भी की।

श्रद्धा के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?

मैं श्रद्धा के साथ फिल्म हैदर भी कर चुका हूं उस वक्त भी काफी मजा आया था और इस फिल्म के दौरान भी काफी मजा आया। हैदर में हम दोनों का किरदार अलग था और इस फिल्म में भी हमारा किरदार बिलकुल अलग है। सेट पर मैं, श्रद्धा और दिव्येंदु काफी मस्ती किया करते थे और एक-दूसरे के साथ काफी मजाक भी करते थे।

उत्तराखंड में फिल्म शूट करने का अनुभव कैसा रहा ?

उत्तराखंड में फिल्म शूट करने में काफी मजा आया क्योंकि वहां के लोग काफी सपोर्टिव थे। उन्होंने कभी भी शूटिंग के दौरान हमें परेशान नहीं किया। इसके अलावा वहां काफी सफाई भी है और वहां काफी रिलीजियस जगहें भी हैं जहां मैं गया था और मुझे काफी अच्छा लगा। काफी कम लोगों को पता है कि उत्तराखंड हिमाचल प्रदेश के काफी करीब है और वहां घूमने और देखने जैसे काफी स्थान हैं।

आपने हैदर और उड़ता पंजाब जैसी सोशल फ़िल्में की हैं और अब यह फिल्म कर रहे हैं तो क्या सोशल फ़िल्में आप किसी मकसद से कर रहे हैं ?

ऐसा नहीं है कि मैं सोशल फ़िल्में किसी मकसद से कर रहा हूं बल्कि मैं खुद को काफी खुशनसीब मानता हूं कि मुझे इस तरह की फ़िल्में करने का मौका मिला क्योंकि इस तरह की फ़िल्में रोज नहीं बनती। मैं आज तक जिन भी सोशल फिल्मों का हिस्सा बना हूं उन सभी फिल्मों में सब कुछ होता है। उन फिल्मों में आपको लव, फ्रेंडशिप, फैमिली और कॉमेडी सब कुछ मिलेगा ताकि आपको फिल्म बोरिंग ना लगे।

5/5 (2)

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