US Open Tennis : सर्बिया के नोवाक जोकोविच का सेमीफाइनल में जापान के केई निशिकोरी से होगा मुकाबला

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US Open TennisUS Open Tennis Tournament 2018

नोवाक जोकोविच 11वीं बार यूएस ओपन के सेमीफाइनल में

विम्बलडन चैंपियन सर्बिया के नोवाक जोकोविच ने 20 बार के ग्रैंड स्लेम चैंपियन रोजर फेडरर को हराने वाले ऑस्ट्रेलिया के जॉन मिलमैन को तेज गर्मी में 6-3, 6-4, 6-4 से काबू कर साल के आखिरी ग्रैंड स्लेम यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया। जोकोविच का सेमीफाइनल में जापान के केई निशिकोरी से मुकाबला होगा जिन्होंने क्रोएशिया के मारिन सिलिच को 2-6, 6-4, 7-6, 4-6-6-4 से हराकर उनसे 2014 के फाइनल में मिली हार का बदला चुका लिया।

यूएस ओपन में दो बार चैंपियन रह चुके जोकोविच को ऑर्थर ऐश स्टेडियम में गर्मी से संघर्ष करना पड़ा लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखते हुए मिलमैन को एक और उलटफेर करने का मौका नहीं दिया। जोकोविच को पहले सेट में एक ब्रेक अंक का सामना करना पड़ा लेकिन उन्होंने यह सेट एक घंटे में जीतकर मिलमैन पर दबाव बना दिया। जोकोविच ने मैच जीतने के बाद कहा कि हालात काफी मुश्किल थे।

मध्यरात्रि में लगभग तीन घंटे तक खेलना कतई आसान नहीं है। जॉन को श्रेय जाता है कि उन्होंने संघर्ष करने का जज्बा दिखाया। मिलमैन अपने गृह स्थान ब्रिस्बेन की गर्मी के अभ्यस्त हैं लेकिन दूसरे सेट में 2-2 के स्कोर पर उन्हें कपड़े बदलने के लिए बाहर जाना पड़ा। उन्होंने अंपायर को बताया कि उन्हें जेब में गेंद रखने में परेशानी हो रही है क्योंकि उनका शॉट्र्स पसीने से बुरी तरह भीग चुका है।

यूएस टेनिस संघ ने भी एक बयान जारी कर कहा कि

मिलमैन इतना पसीना बहा रहे थे कि कोर्ट पर लगातार गिरती पसीने की बूंदों से कोर्ट पर फिसलन हो रही थी और कोर्ट खतरनाक हो रहा था। लेकिन यह स्थिति दोनों खिलाडियों के लिए एक जैसी थी। मिलमैन ने पिछले मुकाबले में स्विट्जरलैंड के फेडरर को हराकर तहलका मचाया था। लेकिन उनके पास सर्बियाई खिलाड़ी की सर्विस का कोई जवाब नहीं था। मैच में लम्बी रैलियां चलीं और 57 रैलियां तो नौ शॉट से ज्यादा की थीं। जोकोविच ने दो घंटे 48 मिनट में यह मुकाबला जीता।

जोकोविच ने मैच के बाद कहा,

‘आप कोर्ट पर टिके रहते हैं और फिर जीत की कोशिश करते हैं। हालात काफी कड़े थे।’ दूसरी तरफ जापान ने नया इतिहास रचा। कलाई की चोट के कारण पिछले साल अमेरिकी ओपन से बाहर रहे निशिकोरी से पहले महिला वर्ग में जापान की नाओमी ओसाका भी सेमीफाइनल में पहुंचने में सफल रहीं। यह पहला मौका है जब किसी एक ग्रैंडस्लैम के पुरुष और महिला एकल दोनों वर्गों के सेमीफाइनल में जापान के खिलाड़ी एक साथ पहुंचे हों।

निशिकोरी ने सिलिच से किया बदला चुकता :

जापान के निशिकोरी ने सिलिच से चार साल पहले यहां फाइनल में मिली हार का बदला पांच सेटों के संघर्ष में जीत के साथ चुकाया। जापान के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि जापान की नाओमी ओसाका ने यूक्रेन की लेसिया सुरेन्को को 6-1 6-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। यह पहला मौका है जब जापान के पुरुष और महिला खिलाड़ी ने एक ही ग्रैंड स्लेम के सेमीफाइनल में जगह बनाई है। निशिकोरी ने कहा कि यह देखना सुखद है कि जापान के पुरुष और महिला खिलाड़ी एक ही ग्रैंड स्लेम के सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। ओसाका के लिए यह बड़ा मौका है और मुझे लगता है कि वह अब खिताब भी जीत सकती है।

ओसाका और मैडिसन के बीच भिड़ंत :

ओसाका का सेमीफाइनल में 14वीं सीड अमेरिका की मैडिसन कीज से मुकाबला होगा जिन्होंने अन्य क्वार्टरफाइनल में 30वीं सीड कार्ला सुआरेज नवारो को लगातार सेटों में 6-4 6-3 से हराया। कीज पिछले साल फाइनल में हमवतन स्लोएन स्टीफंस से हार गयी थीं। कीज का ओसाका के खिलाफ 3-0 का करियर रिकॉर्ड है। ओसाका 1996 के बाद से किसी ग्रैंड स्लेम के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली जापानी खिलाड़ी बनी हैं।

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