भारत के राजस्थान में वैसे तो कई किले मौजूद हैं जो राजस्थान की शान हैं। लेकिन इन सब किलो में जो किला पुराना हैं वो दुनिया के सबसे पुराने अरावली पर्वत में स्थित है और किले का नाम नीमराना किला (Neemrana Fort) हैं। नीमराना भारत के राजस्थान प्रदेश के अलवर जिले का एक प्राचीन ऐतिहासिक शहर है। नीमराना शहर दिल्ली से करीब 122 किलोमीटर की दूरी पर दिल्ली-जयपुर हाइवे पर स्थित है।

नीमराना किले (Neemrana Fort) का इतिहास

अरावली की पहाडिय़ों पर स्थित नीमराना किला करीब 554 साल पुराना है। यह भारत की सबसे ऐतहासिक इमारतों में से एक है। इस किले का निर्माण सन 1464 में हुआ था। दरअसल नीमराना शहर का मुखिया निमोला मेओ था। सन 1192 में जब निमोला मेओ और पृथ्वीराज चौहान (Prithvi Raj Chauhan) के बीच युध्य हुआ तो इस युद्ध में निमोला मेओ हार गया। उसके बाद इस शहर पर पृथ्वीराज चौहान का कब्जा हो गया था और चौहान के वंशजों ने इसे अपनी राजधानी के रूप में चुन लिया। युद्ध में हार जाने के बाद निमोला मेओ ने पृथ्वीराज चौहान से कहा कि, उसका नाम इस शहर को दिया जाए। फिर पृथ्वीराज चौहान ने उसकी बात मान ली और इस शहर को उसका नाम दे दिया।

1991 में नीमराना किला लोगो के लिए खोला गया

चौहानों की यह राजधानी तब मंधान (अलवर के पास स्थित हैं) से नीमराना स्थानांतरित कर दी। चौहान के वंशजों के बाद नीमराना पर राजा राजिंदर सिंह ने राज किया। सन 1947 में राजा राजिंदर सिंह ने नीमराना किले को छोड़ दिया। राजा राजिंदर सिंह ने करीब 40 वर्षों तक Neemrana Fort को बेचने के लिए खरीदार का इंतजार किया। आखिरकार सन 1986 में इस किले की मरम्मत कर सन 1991 में नीमराना किले को लोगो को देखने के लिए खोल दिया गया।

Neemrana Fortनीमराना किला में कुल 10 मंजिलें हैं

10 मंजिला युक्त यह भव्य किला 3 एकड़ में अरावली पहाड़ी को काटकर बनाया गया है। यह किला पहाड़ी पर स्थित होने के कारण नीचे से ऊपर कि ओर जाने पर पहाड़ी पर चढ़ने का अहसास कराता है। इस दस मंजिल किले में कुल 50 कमरे हैं। और हर कमरे को अलग-अलग नाम दिया गया हैं। इन कमरों को पर्यटकों के लिए किराये पर भी दिए जातें हैं लेकिन सिर्फ ये कमरें दिन भर के लिए उपयोग कर सकते हैं। रात्रि के समय इन कमरों को रेंट पर नहीं दिया जाता।

नीमराना किला को सन 1986 में हेरिटेज रिसोर्ट के रूप में बदल दिया गया। अब यहां का नजारा एक महल के रूप में दिखाई देता है। बदले गए इस किले में अब कई रेस्तरां बने हैं और यहाँ स्विमिंग पूल भी बनाया गया है। यहां नाश्ते और खाने के लिए अलग अलग महल बनवायें गए हैं। नाश्ते के लिए राजमहल व हवामहल हैं और खाने के लिए आमखास, पांच महल, अमलतास, अरण्य महल, होली कुंड व महा बुर्ज बने हुए हैं। इस किले को ऐसा रूप दिया गया हैं जिससे हर कदम पर शाही ठाठ-वाठ का अहसास होता है।

किले के आस-पास देखने लायक स्थल

भरतपुर अभयारण्य, लास महल, सरिस्का टाइगर रिजर्व, केसरोली, सिलीसेढ़ झील, लेक पैलेस, सरिस्का बाघ अभयारण्य, कांकवाड़ी किला, नीलकंठ मंदिर, पांडुपोल, तिजारा के स्मारक, सिलीसेरह झील, जयसमंद झील, भानगढ़-अजबगढ़, तलवृक्ष के गरम झरने, राजगढ़, मछारी, विराटनगर, दीग, प्रसिद्ध संग्रहालय, बाबा केदारनाथ का आश्रम आदि देखने लायक दर्शनीय स्थल है।

Neemrana Fortनीमराना किले की सुंदरता

आज Neemrana Fort एक प्रमुख विरासत स्थल बन चूका है और शादियों और सम्मेलनों के लिए एक आइडियल प्लेस है। इस किले का वातावरण बहुत ही लुभावना और शांत है। यह भव्य किला बाहर से तो मनमोहक है ही और अंदर से भी इसका नजारा बहुत ही आकर्षित लगता है। किले के अंदर लगी तमाम तस्वीरें हैं, जिन्हें देखकर मन प्रफुल्लित हो उठता है। ठंडियों में गुनगुनी धूप, बारिश में तालाब और गर्मियों में झरझर बहती ठंडी हवाएं हर मौसम में नीमराना किसी को भी अपनी ओर खिंच लाता है।

‘इस किले तक कैसे पहुंचे

  • इस किले तक तीनों मार्गो हवाई मार्ग, रेल मार्ग और सड़क मार्ग द्वारा जा सकतें हैं। नीमराना के पास इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, जो करीब 108 कि.मी. दूर है।
  • इसके अलावा नीमराना के पास रेलवे स्टेशन अलवर भी है, जो करीब 70 कि.मी. दूर है। यहाँ स्टेशन सभी बड़े शहरों के स्टेशन से जुड़ा हुआ हैं।
  • दिल्ली के किसी भी बस स्टैंड से अलवर के लिए सीधे बसें चलती हैं। अगर स्वयं भी गाड़ी या कार ड्राइव करके नीमराना जाना चाहते हैं तो 2 से 3 घंटे में पहुंच सकते  है।
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