बेनजीर भुट्टो (Benazir Bhutto) दो बार चुनी जाने वाली पाकिस्तान की पहली महिला PM थीं..

बेनजीर भुट्टो (Benazir Bhutto) दो बार चुनी जाने वाली पाकिस्तान की पहली महिला PM थीं। वह एक पाकिस्तानी राजनीतिज्ञ थीं, जो 1988 से 1990 तक (12वीं) और फिर 1993 से 1996 तक (16वीं) PM बनी थीं। वह पूरब की बेटी के नाम से जानी जाती है। वह एक मुस्लिम बहुमत राष्ट्र के लिए लोकतांत्रिक सरकार का नेतृत्व करने वाली पहली महिला थीं। वे विचारधारात्मक रूप से एक उदार और धर्मनिरपेक्षतावादी थीं। वे पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) की प्रतिनिधि तथा मुस्लिम धर्म की शिया शाखा की समर्थक थीं। 2007 में एक राजनैतिक रैली के बाद आत्मघाती बम और गोलीबारी से दोहरा आक्रमण करके उनकी हत्या कर दी गई।

 पूरब की बेटी के नाम से जानी जाती है पाकिस्तान की पहली महिला PM Benazir Bhutto, जानिए उनकी खास बातें...

Benazir Bhutto का प्रारंभिक जीवन:

जन्म – 21 जून 1953
स्थान – कराची
मृत्यु – 27 दिसंबर 2007
नाम – बेनजीर भुट्टो (Benazir Bhutto)
शिक्षा – हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कला-स्नातक और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अंतर्राष्ट्रीय कानून, दर्शन और राजनीति विषय का अध्ययन किया।
माता का नाम – बेगम नुसरत भुट्टो
पिता का नाम – जुल्फिकार अली भुट्टो
बच्चे – एक बेटा बिलावल, दो बेटियां बख्तावर और असिफा
राजनैतिक दल – पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP)

 पूरब की बेटी के नाम से जानी जाती है पाकिस्तान की पहली महिला PM Benazir Bhutto, जानिए उनकी खास बातें...

Benazir Bhutto का जन्म पाकिस्तान के राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण, अमीर कुलीन परिवार में हुआ था। उनके पिता, (PPP) के संस्थापक थे, एवं वे 1973 में समाजवादी मंच पर PM चुने गए थे। बेनजीर भुट्टो ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में अध्ययन किया, एवं ऑक्सफोर्ड अध्ययन के दौरान वे ऑक्सफोर्ड संघ की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली एशियाई महिला थीं। उनके पिता जुल्फिकार शाह, नवाज भुट्टो के पुत्र थे, जो एक प्रमुख राजनेता थे जिन्होंने जूनागढ़ राज्य के PM के रूप में कार्य किया था। भुट्टो का निकाह 18 दिसम्बर 1987 में आसिफ अली जरदारी से हुआ था। वह सिंध के एक प्रसिद्ध नवाब, शाह के बेटे एवं सफल व्यापारी थे।

स्वदेश वापसी पर:

1977 में शिक्षा पूरी करके Benazir Bhutto स्वदेश (पाकिस्तान) लौटी। परन्तु कुछ दिनों के बाद ही उनके पिता PM जुल्फिकार अली भुट्टो का तख्तापलट हो गया। वे चुनाव में विजयी होकर सत्ता में आये, परन्तु विरोधियों का आरोप था कि धांधली हुई है। इसका इतना विरोध हुआ की लोगों ने सड़कों पर आकर प्रदर्शन किया। इस दौरान जनरल जिया उल हक़ ने भुट्टो को बंदी बनाकर सत्ता अपने हाथ में ले ली। भुट्टो पर अपने सहयोगियों की हत्या का आरोप लगा दिया और 4 अप्रेल 1979 को उन्हें फांसी दे दी गई।

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उसके बाद सैनिकों ने Benazir Bhutto को हिरासत में ले लिया। 1977 से 1984 तक वे कई बार हिरासत में गई और रिहा हुई। 1984 में 3 वर्ष की जेल के बाद उन्हें पाकिस्तान से बाहर जाने की अनुमति दी गई। उस वक्त वे लन्दन में जाकर रही। इस दौरान 1985 में पेरिस में उनके भाई शाहनवाज भुट्टो की मौत संदिग्ध हालत में हो गई। अपने भाई की अंतिम क्रिया के लिए वे पाकिस्तान गई। जहां सैनिक सरकार के विरोध में चल रहे प्रदर्शन का नेतृत्व करने के आरोप में उन्हें अरेस्ट कर लिया। फिर उन्हें रिहा करने के बाद वहां आम चुनाव का एलान कर दिया।

Benazir Bhutto का PM रूप में राजनीतिक सफर: पूरब की बेटी के नाम से जानी जाती है पाकिस्तान की पहली महिला PM Benazir Bhutto, जानिए उनकी खास बातें...
  • 1988 के चुनाव में Benazir Bhutto भारी मतों से जीत हासिल करके, पाकिस्तान की PM बनी। पहली बार PM बनने पर वे विश्व स्तर पर लोकप्रिय हो गई थी।
  • 1990 में पाकिस्तान के राष्ट्रपति गुलाम इशाक खान ने भुट्टो पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें पद से ख़ारिज कर दिया।
  • 1993 के आम चुनावों में भुट्टो के नेतृत्व में PPP की जीत हुई और भुट्टो दूसरी बार से PM बनी।
  • 1996 में उन्हें फिर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर बर्खास्त किया गया।
  • 1998 में वह दुबई में आत्म-निर्वासन में गईं।
  • 2003 में उनके भ्रष्टाचार की जांच समाप्त हुई। जिसमे उन्हें निर्दोष पाया गया।
  • 18 अक्टूबर 2007 में वे पाकिस्तान लौट आईं। उस दिन एक रैली के दौरान कराची में उन पर दो बार आत्मघाती हमले हुए। इन हमलों में लगभग 140 लोगों की जान चली गई थी। परन्तु वे बच गई।
  • फिर कुछ ही दिनों के बाद 27 दिसम्बर 2007 को एक चुनावी रैली से लौटते वक्त, लोगों से विदा लेते समय उनकी हत्या कर दी गई।  पूरब की बेटी के नाम से जानी जाती है पाकिस्तान की पहली महिला PM Benazir Bhutto, जानिए उनकी खास बातें...

पाकिस्तान में कई विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक इमारतों का नाम उनके नाम पर रखा गया है। पाकिस्तानी सरकार ने भूटो को उनके जन्मदिन पर इस्लामाबाद के हवाई अड्डे को बेनजीर भुट्टो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और रावलपिंडी जनरल अस्पताल बेनजीर भुट्टो अस्पताल के रूप में सम्मानित किया।

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