इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

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Shillong

आज के इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं, भारत के स्कॉटलैंड कहे जाने वाले स्थल शिलांग (Shillong) के बारे में जो उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय की राजधानी है।

भारत का सबसे खूबसूरत हिल स्टेशन एवं मशहूर पर्यटक स्थल शिलांग जहाँ सबसे ऊंचा वॉटरफॉल है, जिसे देखने के लिये दुनियाभर के पर्यटक यहां आते हैं। ऐसा कहा जाता है कि, मेघालय का अर्थ है बादलों का घर। यहां आकर जीवन की हर चिंता समाप्त हो जाती है, क्योंकि यह खूबसूरत शहर पहाड़ियों के बीच बसा है, यहां पर सुन्दर वादियां, बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और शहर के चारों तरफ कई खूबसूरत झरने हैं, जो बारिश के मौसम में इस शहर की खूबसूरती में चार चाँद लगा देते हैं।

शिलांग जाने का बेस्ट मौसम

वैसे आपको बता दे कि, शिलांग हमेशा से पर्यटकों के लिये एक आकर्षण का केन्द्र रहा है। लगभग 1695 मीटर की ऊंचाई पर बसे इस शहर शिलांग का मौसम 12 महीनें ही सुहाना बना रहता रहता है, लेकिन इस जगह पर आने का सबसे बेस्ट मौसम मार्च से जून का होता है। बारिश के मौसम में इस जगह पर घूमने का एक अलग ही मजा है, मानसून के दौरान जब यहां बारिश होती है, तो पूरे शहर की खूबसूरती और निखर जाती है और शिलांग के चारों तरफ के झरने जीवंत हो उठते है।

यह है शिलांग घूमने की जगह
एलिफेंट जलप्रपात – 

एलिफेंट जलप्रपात शिलांग शहर से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक चर्चित पर्यटन स्थल है। यह बहुत ही बड़ा झरना है, जिसकी आवाज बहुत दूर से सुनी जा सकती है। पहाड़ी से बहुत नीचे उतरकर आप यह मनोरम दृश्य को देख सकते है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

शिलांग पीक –

यह शिलांग की सबसे ऊंची चोटी है और इसकी ऊंचाई 1965 मीटर है। इस जगह से आप बादलों की आड़ से नीचे फैले शिलांग शहर के मनोरम दृश्य को देख सकते हैं। हर वर्ष यहां पर देश-विदेश से लाखों पयर्टक आते-जाते रहते हैं।

इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

वार्डस लेक –

शिलांग शहर के बीच में स्थित यह कृत्रिम झील है, जो घने जंगलों से घिरी है। इस झील में आप नौका विहार का आनंद भी ले सकते है। इसके निकट ही बोटैनिकल गार्डन है, यहां आप पौधों की कई दुर्लभ प्रजातियां देख सकते हैं और पेड़ -पौधो में रूची रखने वालो के लिए यह एक आकर्षण का केंद्र है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

स्वीट फॉल (मीठा झरना) –

हैप्पी वैली में स्थित स्वीट फॉल शिलांग का सबसे बड़े और खूबसूरत झरनों में से एक है और मानसून के मौसम में इस झरने का शानदार नजारा देख सकते है। यह सीधी ढाल वाला झरना 96 मीटर की ऊंचाई से काले चट्टानों पर गिरता है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

लेडी हैदरी पार्क –

यहां कई प्रकार के फूलो के बागो के साथ-साथ एक छोटा सा चिड़ियाघर भी है। बच्चो के मनोरंजन के लिए यहां झूले लगे हुए है, जिस कारण यह पार्क बच्चो को खूब लुभाता है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

उमियाम लेक –

यह लेक शिलांग से 20 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है, इस झील को बारापानी के नाम से भी जाना जाता है। इस जगह पर कई प्रकार की जलक्रीड़ाओं (वाटर स्पोर्ट्स) का आनन्द लिया जा सकता है। उमियाम लेक के चारों ओर फैली खूबसूरती पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

चेरापूंजी + मौसिनराम –

मेघालय में स्थित चेरापूंजी और मौसिनराम या मॉसिनराम में सबसे ज़्यादा बारिश होती है। चेरापूंजी दुनिया भर में मशहूर है और यह शिलांग से 53 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह स्थल हमेशा बादलों से घिरा हुआ रहता है। हाल ही में इसका नाम चेरापूंजी से बदलकर सोहरा रख दिया गया है, स्थानीय लोग इसे सोहरा नाम से ही जानते हैं।
इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैरमौसिनराम या मॉसिनराम, भारत के पूर्वोत्तर राज्य मेघालय के पूर्वी खासी पर्वतीय जिले में बसा एक गाँव है। यह शिलांग से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, यह गाँव वार्षिक वर्षा के साथ पृथ्वी पर स्थित सबसे नम स्थान है। मेघालय के मौसिनराम में लोग धूप निकलने का इंतजार करते रह जाते है। मौसिनराम प्राकृतिक सुन्दरता और अत्यधिक वर्षा के कारण प्रसिद्ध है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

कैलांग रॉक –

मेरंग-नोखलॉ रोड पर ग्रेनाइट की एक ऊंची और विशाल चट्टान है जिसे कैलांग रॉक के नाम से जाना जाता है। मेघालय के पश्चिम खासी पहाड़ियों में स्थित एक विशाल गुम्बदनुमा चट्टान है, जो समुद्र तल से 5400 फीट ऊपर है और इसकी लंबाई लगभग 1000 फीट है।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैरशिलांग में यह सभी पर्यटन स्थल है, यहां आप इन सुन्दर नजारों को देख सकते है। एक खास बात और आपको बता दे कि, शिलांग पूर्वीय ख़ासी पहाड़ी जिले में पड़ता है, जो ख़ासी जनजाति की जन्मभूमि है। शिलांग पीक और एलिफंट फॉल्स इन दोनों जगहों पर आप वेश-भूषा पहनकर फोटो खिंचवा सकते हैं। उनके लाल और पीले कपड़े के साथ एक लंबी सी गोलाकार टोपी होती है, जिसे प्लास्टिक के फूलों और चाँदी के सूक्ष्म आभूषण से सजाया जाता है, जो बहुत सुंदर दिखती हैं। अगर आप शिलांग जाते है, तो इस सुंदर सी वेश-भूषा में अपनी फोटो जरूर खिचवाएं।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैर

शॉपिंग

शिलांग में खरीददारी करने के लिए प्रमुख स्थान है जैसे-पुलिस बाजार, बारा बाजार और लैटूमुखराह है, यहां बहुत-सी दुकानें हैं जहां हाथ की बुनी हुई विभिन्न आकारों की सुन्दर टोकरियां, शॉल, हस्तशिल्प, संतरी शहद और केन वर्क आदि की खरीददारी कर सकते है।

कैसे जाएं

शिलांग जाने के लिए आपके पास उत्तम माध्यम है- फ्लाइट या ट्रेन, इसके द्वारा आप यहां जा सकते है।

  • फ्लाइट से जाने के लिए दो नेशनल हाईवे हैं, पहला शिलांग को गुवाहाटी से जोड़ता है।
  • दूसरा त्रिपुरा और मिजोरम से जोड़ता है।
  • गुवाहाटी से आप बस व टैक्सी के माध्यम से सड़क मार्ग से महज 50 किलोमीटर तय करके शिलांग पहुंच सकते हो।
  • मेघालय में रेल लाइनें नहीं है, लेकिन गुवाहाटी यहां का निकटतम रेलवे स्टेशन है, जो शिलांग से 104 किलोमीटर दूर है।
  • आप गुवाहाटी तक ट्रेन के द्वारा पहुंच सकते है। दिल्ली से गुवाहाटी पहुंचने के लिए राजधानी समेत कई ट्रेनें हैं।इस मौसम में बादलों से ढंके पहाड़, हरे-भरे जंगल और खूबसूरत शहर शिलांग की करें सैरगुवाहाटी से असम परिवहन निगम और मेघालय परिवहन निगम की बसें शिलांग से हर आधे घन्टे में चलती हैं, अगर आप चाहें तो टैक्सी भी कर सकते हैं। यहां ऑटो या टैक्सी को आप किराए पर लेकर भी शिलांग घूम सकते है।
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