“आंग सान सू की” (Aung San Suu Kyi) का आज जन्मदिन है और इस मौके पर आज हम उनसे जुड़ी कई दिलचस्प बातें जानेंगे….

म्यांमार में लोकतंत्र के लिए सैनिक सरकार का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने वाली “आंग सान सू की” आज भले ही दुनिया के लिए एक मिसाल  बन गईं हो, लेकिन उनका जीवन काफी संघर्षों से भरा हुआ है।

Aung San Suu Kyi का परिचय :

जन्म : 19 जून 1945
जन्म स्थान : यांगून (रंगून), बर्मा
धर्म: थेरवाद (बौद्ध धर्म)
पिता का नाम : आंग सान
माता का नाम : खिन कई
जीवन संगी : माइकल ऐरिस
बच्चे : 2

Birthday Special : बेमिसाल साहस की प्रतीक "Aung San Suu Kyi" का आज जन्मदिन, जाने कुछ खास बातेजन्म :-

म्यांमार की नेता “आंग सान सू की” का जन्म 19 जून, वर्ष 1945 को बर्मा के रंगून शहर में हूआ। उनके पिता का नाम आंग सान और माता का नाम किन ची था। “आंग सान सू की” के पिता स्वतंत्र बर्मा के संस्थापक कहे जाते हैं, उन्होंने बर्मा को ब्रिटिश सरकार के बंधन से आजाद कराने में अहम भूमिका निभाई। आपको बता दे कि जब “आंग सान सू की” 2 साल की थी, तब विपक्षी समूह ने उनके पिता आंग सान की हत्या कर दी। जबकि “आंग सान सू की” की मां किन ची शादी के पहले महिला राजनीतिक समूह का हिस्सा रहीं है।

शिक्षा :-

“आंग सान सू की” ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रंगून में ही पूरी करी, लेकिन इसके बाद ग्रेजुएट की पढ़ाई के लिए वे भारत आई और उन्होंने नई दिल्ली के कॉलेज “लेडी श्री राम महाविद्यालय” से ग्रेजुएट की पढ़ाई की। इसके बाद अपनी आगे की पढ़ाई के लिए वे ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी चली गई, जहां पर उन्होंने दर्शन शास्त्र, अर्थशास्त्र और राजनीति में BA किया।

शादी :-

वर्ष 1972 में “आंग सान सू की” ने तिब्बती संस्कृति के एक विद्वान और भूटान में रह रहे डॉ. माइकल ऐरिस से शादी की। इनके 2 बेटे हैं। पहले बेटे अलेक्जेंडर ऐरिस का जन्म 1973 में और दूसरे बेटे किम का जन्म 1977 में लंदन में हुआ था। इसके बाद भी उनकी पढ़ाई के प्रति ललक कम नहीं हुई, उन्होंने अपने आगे की पढ़ाई भी की, वर्ष 1985 में “Aung San Suu Kyi” ने लंदन विश्वविद्यालय से स्कूल ऑफ ओरिएंटल और अफ्रीकन स्टडीज (SOAS) में पीएच.डी.की। सू की के बच्चे आज भी अपनी मां से अलग ब्रिटेन में ही रहते हैं। “आंग सान सू की” के पति डॉ.माइकल ऐरिस का उनके 53 वें जन्मदिन पर देहांत हो गया था।

करियर की शुरुआत :

Birthday Special : बेमिसाल साहस की प्रतीक "Aung San Suu Kyi" का आज जन्मदिन, जाने कुछ खास बाते

आपको बता दें कि वर्ष 1988 में “आंग सान सू की” ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और जनरल सेक्रेटरी के पद पर नेशनल लाग फॉर डेमोक्रेसी (NLD) में शामिल हो गईं, उन्होंने लोकतंत्र के समर्थन में कई भाषण भी दिए। उनके इसी समर्थन के चलते ” आंग सान सू की ” को कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।

गिरफ्तारी :-

Birthday Special : बेमिसाल साहस की प्रतीक "Aung San Suu Kyi" का आज जन्मदिन, जाने कुछ खास बातेइसी समर्थन के चलते सैनिक सरकार के द्वारा उन्हें 20 जुलाई, वर्ष 1989 को रंगून में स्टेट लॉ एंड ऑर्डर रिस्टॉर्टेशन काउंसिल (SLORC) द्वारा घर पर ही नजरबंद कर दिया गया और इसी साल लंबे समय से बीमारी से पीड़‍ित उनकी मां का निधन हो गया। गिरफ्तारी के शुरुआती में तो “Aung San Suu Kyi” को किसी से भी मिलने की इजाजत नहीं मिली थी, लेकिन बाद में उनको उनके परिवार वालों से मिलने की अनुमति दे दी गई थी। वर्ष 2010 तक लगातार छोटी-छोटी अवधि की रिहाई के साथ घर पर नजरबंद रखा गया। उनकी गिरफ्तारी भी लोकतं‍त्र के प्रति उनके समर्थन के जोश और जुनून को कम नहीं कर सकीं।

पुरस्कार :-

“Aung San Suu Kyi” का अद्भुत व्यक्तित्व समस्त नारी शक्ति के लिए प्रेरणादायी है। संघर्षों के बीच अदम्य साहस का उदाहरण रचने वाली और बार-बार नजरबंद और रिहाई जैसी कठोर प्रक्रिया से गुजरने के बाद भी शांति का परचम लहराने वाली “आंग सान सू की” को कई पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है। उनकी गिरफ्तारी और आंदोलन के बीच उनके शांतिपूर्ण विरोध के लिए उन्हें कई अवॉर्ड मिले है।

Birthday Special : बेमिसाल साहस की प्रतीक "Aung San Suu Kyi" का आज जन्मदिन, जाने कुछ खास बाते

  • “आंग सान सू की” को सबसे पहले वर्ष 1991 में स्वतंत्रता के विचार के लिए सखारोव पुरस्कार और नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
  • इसके बाद वर्ष 1992 में उन्हें अंतरराष्ट्रीय सिमोन बोलिवर पुरस्कार से नवाजा गया।
  • वर्ष 2002 में बिल क्लिंटन ने उन्हें प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम से सम्मानित किया।
  • “आंग सान सू की” को भारत में जवाहरलाल नेहरू पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया।
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