जानिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के एक उत्कृष्ट राजनेता, स्वतंत्रता सेनानी और मंत्री के बारे में…..

विद्या चरण शुक्ला (Vidya Charan Shukla) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के एक प्रसिद्ध भारतीय राजनेता और मंत्री थे। उनका राजनीतिक करियर लगभग छह दशकों तक रहा था। वह इंदिरा गांधी के करीबी सहयोगी थे। उनके पिता पं. रविशंकर शुक्ला एक वकील, स्वतंत्रता सेनानी, अनुभवी कांग्रेस नेता, केंद्रीय प्रांतों के प्रीमियर, बेरार, पुनर्गठित मध्य प्रदेश के प्रथम CM थे। उनके बड़े भाई श्यामा चरण शुक्ला, मध्य प्रदेश के तीन बार CM बने थे। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लिया। Vidya Charan Shukla बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने ऑलविन कूपर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की शुरुआत की। जो कि मूल रूप से मध्य भारतीय जंगलों में सफारी और वन्यजीव की छोटी-बड़ी फोटो अभियान आयोजित करती है। Vidya Charan Shukla की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि समर्पित है।

भारत के प्रसिद्ध राजनेता 'Vidya Charan Shukla' 11 जून को ही इस दुनिया से हुए थे अलविदा….Vidya Charan Shukla का प्रारंभिक जीवन

जन्म – 2 अगस्त 1929
स्थान – रायपुर, मध्य प्रांत के बेरार में हुआ था।
नाम – विद्या चरण शुक्ला (Vidya Charan Shukla)
निधन – 11 जून 2013
शिक्षा – 1951 में नागपुर के मॉरिस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की।
राजनीतिक दल – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी

15 फरवरी, 1951 को Vidya Charan Shukla की शादी सरला शुक्ला से हुई। उनकी तीन बेटियां है। वह 9 बार लोकसभा में चुने गए थे। आपातकालीन अवधि के दौरान शुक्ला की सूचना और प्रसारण मंत्री के रूप में भूमिका की वजह से, इंदिरा गांधी की सरकार के प्रमुख प्रचारक के रूप में उभरे थे। देश में आपातकाल के दौरान मीडिया की लौह-मुट्ठी भरने के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अखिल भारतीय रेडियो पर किशोर कुमार के गीतों पर प्रतिबंध लगा दिया, क्योंकि किशोर कुमार ने इंदिरा गांधी रैली में गायन करने से इंकार कर दिया था। उस वक्त श्री शुक्ला ने पूरी ज़िम्मेदारी संभाली थी। वह राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के मंत्री भी बने थे। Vidya Charan Shukla बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे।

Vidya Charan Shukla का राजनीतिक सफर
  • 1957 में आम चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी ने उन्हें महासमंद निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा उम्मीदवार के रूप में चुना।
  • 1966 में इंदिरा गांधी PM बनी, तो उन्हें कैबिनेट में मंत्री के रूप में चुना गया।भारत के प्रसिद्ध राजनेता 'Vidya Charan Shukla' 11 जून को ही इस दुनिया से हुए थे अलविदा….
  • 1967 से 1977 तक सूचना एवं प्रसारण के स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री रहे थे।
  • 1980 के दशक के मध्य में राजीव गांधी के विरूद्ध विद्रोह में शामिल हो गए और अरुण नेहरू, वी.पी. सिंह और आरिफ मोहम्मद खान के साथ-साथ जन मोर्चा के संस्थापकों में से एक थे।
  • 1989 से 1990 की राष्ट्रीय मोर्चा सरकार में वी.पी.सिंह के मंत्रीमंडल में शामिल थे।
  • 1990 से 1991 तक PM चंद्रशेखर सरकार में शामिल हो गए और इस दौरान भारत के विदेश मामलों में मंत्री के रूप में कार्य किया। लोकसभा के दौरान जनता दल के सदस्य के रूप में कार्य किया।
  • 1991 से 1996 के दौरान PM पी.वी. नारसिम्हा राव के कैबिनेट मंत्री के रूप में, संसदीय मामलों के मंत्री और सिंचाई मंत्री के रूप में कार्य किया।
  • 2003 में वह राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में चले गए और एनसीपी की छत्तीसगढ़ इकाई का नेतृत्व किया।
  • 2003 के अंत में उन्होंने अपने राजनीतिक निष्ठा को बदल दिया और BJP में शामिल हो गए।
  • 2004 के लोकसभा चुनावों में वह महासमुंद (CG) से BJP टिकट पर, कांग्रेस के अजीत जोगी के खिलाफ हार गए।
    हार के बाद उन्होंने BJP से इस्तीफा दे दिया।
  • 2007 के अंत में कांग्रेस पार्टी में लौटने की कोशिश कर रहे थे, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कांग्रेस पार्टी में वापसी की मंजूरी दे दी।
Vidya Charan Shukla का निधन

विद्या चरन शुक्ला अपने 84 वें जन्मदिन के करीब थे। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस पार्टी की परिवर्तन यात्रा में शामिल थे। जिसमें 25 मई 2013 को नक्सली हमले में घायल हो गए थे और गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में 11 जून 2013 को उनका निधन हो गया।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने अपने शोक संदेश में कहा कि ‘विद्या चरण शुक्ला एक अनुभवी संसद सदस्य, सक्षम प्रशासक और एक उत्कृष्ट राजनेता थे।’
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल शेखर दत्त ने कहा कि, ‘उनकी मृत्यु एक युग के अंत का प्रतीक है।’
उस समय के PM मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और लाल कृष्ण आडवाणी सहित अन्य कई नेताओं ने ‘विद्या चरण शुक्ला को श्रद्धांजलि अर्पित की।

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